'खामेनेई मारा गया', ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान
Israel Iran War: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (86) की कथित मौत की खबरों ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी-इजरायली संयुक्त अभियान के बाद सामने आई इन रिपोर्टों ने पश्चिम एशिया में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। हालांकि ईरानी सरकार ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटनाक्रम को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर खामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए उन्हें "इतिहास के सबसे दुष्ट लोगों में से एक" बताया। ट्रंप ने कहा कि यह ईरान के लोगों,अमेरिकियों और दुनिया भर में उन देशों के लिए न्याय है, जिनके नागरिक खामेनेई और उनके सहयोगियों की नीतियों के कारण मारे गए या अपंग हुए।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया और अत्याधुनिक ट्रैकिंग प्रणालियों की मदद से, इज़राइल के साथ मिलकर चलाए गए अभियान में ईरान के कई शीर्ष नेता और रणनीतिक ठिकाने सफलतापूर्वक निशाना बनाए गए।
रहस्यमय पोस्ट से बढ़ी सस्पेंस
ट्रंप के बयान के कुछ ही मिनटों बाद खामेनेई के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से फ़ारसी भाषा में एक रहस्यमय पोस्ट साझा किया गया। गूगल ट्रांसलेट के अनुसार, पोस्ट में लिखा था: "नामी हैदर (उन पर शांति हो) के नाम पर।" इस संक्षिप्त संदेश ने अटकलों को और हवा दे दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट या तो पहले से शेड्यूल किया गया हो सकता है या फिर अकाउंट की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करता है।
ईरान की चुप्पी, पुष्टि से इनकार
हालांकि ट्रंप ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि ईरान का "अधिकांश वरिष्ठ नेतृत्व खत्म हो चुका है", लेकिन तेहरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ईरानी अधिकारियों की चुप्पी ने स्थिति को और रहस्यमय बना दिया है।
खामेनेई 1989 से ईरान की सत्ता के शीर्ष पर थे और देश की राजनीतिक, धार्मिक तथा सैन्य नीतियों के केंद्रीय सूत्रधार माने जाते थे। परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय रणनीति में उनकी निर्णायक भूमिका रही है।
संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक
इस बीच, एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा कि उन्हें कूटनीति के अवसर "गंवाए जाने का गहरा खेद" है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इजरायली रिपोर्टों में किए गए खामेनेई की मौत के दावे की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं हैं। गुटेरेस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संघर्ष को और न बढ़ाने की अपील की।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खामेनेई की मौत की पुष्टि होती है, तो इसका असर न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति पर पड़ेगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा संरचना पर भी गहरा प्रभाव डालेगा। फिलहाल दुनिया की निगाहें तेहरान से आने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।












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