ईरान में हिजाब न पहनने वाली महिलाओं पर जुल्म बढ़ेगा, ड्रेस कोड पर विवादित बिल पारित, होगी 10 साल की जेल
ईरान में पिछले एक साल से हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं के खिलाफ अब ईरान सरकार और सख्त हो गई है। हिजाब कल्चर को लागू देने के लिए एक विधेयक को संसद में मंजूरी दे दी गई है।
ईरान में अब इस कानून का उल्लंघन करने वाली महिलाओं और लड़कियों को जेल की सजा और भारी जुर्माना का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि कानून बनने के लिए इसे अभी भी गार्जियन काउंसिल द्वारा अनुमोदित किए जाने की आवश्यकता है।

नए 'हिजाब और शुद्धता विधेयक' में कहा गया है कि जो लोग सार्वजनिक स्थानों पर "अनुचित" कपड़े पहने हुए पकड़े जाएंगे, उन्हें "चौथी डिग्री" की सजा दी जाएगी। नए कानून के तहत 'अनुचित' कपड़े पहनने वाली महिलाओं को 10 साल तक की कैद हो सकती है।
इतना ही नहीं, नए कानून का मजाक उड़ाने वाले लोगों को भी कठोर दंड के साथ-साथ भारी जुर्माने का प्रावधान है। यह कदम महसा अमिनी की हिरासत में मौत पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के एक साल बाद आया है, जिसे कथित तौर पर अनुचित हिजाब के लिए नैतिकता पुलिस ने पकड़ लिया था।
महसा को कथित तौर पर हिजाब पहनने के नियम का उल्लंघन करने के ले हिरासत में ले लिया गया था जहां पर उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि उसकी मौत हो गई। इसके बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
आपको बता दें कि ईरान में मोरल पुलिस की वापसी और निगरानी कैमरों की स्थापना के बावजूद, बिना हिजाब के यात्रा करने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। अधिकांश महिलाओं और लड़कियों ने सार्वजनिक रूप से अपने बालों को ढंकना बंद कर दिया है।
विधेयक को अब मौलवियों और न्यायविदों की एक रूढ़िवादी संस्था, गार्जियन काउंसिल द्वारा अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। यदि वे विधेयक को संविधान और शरिया के साथ असंगत मानते हैं तो उनके पास वीटो करने की शक्ति है।
मौजूदा समय में ईरान में ड्रेस कोड का पालन न करने वाली महिलाओं के लिए 10 दिन से लेकर 2 महीने तक की जेल का प्रावधान है। अगर ये बिल कानून बनता है तो महिलाओं तथा लड़कियों को 5 से 10 साल तक की सजा हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications