Iran Israel War: खर्ग पर हमले के बाद बढ़ा तनाव, ईरान बोला- 'युद्ध रोकने की हर कोशिश मंजूर'
Iran Israel War: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। खर्ग आइलैंड स्थित ईरान के प्रमुख तेल हब पर अमेरिका के हमले के एक दिन बाद युद्ध में तेजी देखने को मिली है। हालांकि बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि उनका देश युद्ध समाप्त करने की किसी भी गंभीर पहल का स्वागत करेगा।
अराघची ने कहा कि तेहरान ऐसी हर पहल का समर्थन करेगा, जिससे मौजूदा संघर्ष का स्थायी समाधान निकल सके और युद्ध पूरी तरह खत्म हो। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी से चल रहा संघर्ष अब तीसरे सप्ताह में पहुंच गया है और दोनों पक्षों की ओर से आक्रामक बयानबाजी जारी है।

Iran Israel War: पड़ोसी देशों पर हमले के आरोपों पर दिया जवाब
- ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायल पड़ोसी देशों में हमले करके उसका आरोप ईरान पर मढ़ने की कोशिश कर रहा है।
- उन्होंने कहा कि ईरान ने किसी भी पड़ोसी अरब देश में नागरिक इलाकों या रिहायशी क्षेत्रों को निशाना नहीं बनाया है।
- अराघची के अनुसार, इजरायल ईरान के 'शाहिद' जैसे ड्रोन बनाकर पड़ोसी देशों के साथ उसके संबंध खराब करने की कोशिश कर सकता है।
Iran ने स्वतंत्र जांच कमेटी बनाने की मांग की
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अराघची ने उन रिहायशी इलाकों की जांच के लिए क्षेत्रीय देशों के साथ एक संयुक्त जांच पैनल बनाने का प्रस्ताव भी दिया है, जहां हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ईरान इस मामले में पारदर्शिता चाहता है और यदि जरूरत पड़ी तो किसी भी अंतरराष्ट्रीय जांच में सहयोग देने को तैयार है।
Iran Israel War में अब तक 1300 की मौत का दावा
इस बीच पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर किए गए हमलों के बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है। इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान के कई ठिकानों पर भारी बमबारी की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में इमारतें नष्ट हो गईं और अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत की खबर है।
इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। साथ ही इजरायल की ओर भी कई मिसाइलें दागी गई हैं। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के फैसले ने वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर डाला है, जिससे दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष जल्द नहीं थमा तो इसका असर न केवल मध्य पूर्व बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी गंभीर रूप से पड़ सकता है।












Click it and Unblock the Notifications