Iran Israel Conflict: इजरायल के निशाने पर ईरान के ये 6 शहर! तेहरान के बाद इन 3 शहरों पर कहर बरपेगा?
Iran Israel Conflict: ईरान और इजरायल के बीच तनातनी का दौर जारी है। अमेरिका और इजरायल की सेना ताबड़तोड़ हमले कर रही है और ईरान ने पलटवार किया है। तेहरान में इजरायली सेना ने रविवार (1 मार्च) को जबरदस्त हमले किए हैं। इसके अलावा, ईरान के कुछ प्रमुख शहर ऐसे हैं जिन्हें रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। विश्लेषकों के अनुसार, संभावित टकराव की स्थिति में ये शहर पहले निशाने पर आ सकते हैं।
ईरान के इन शहरों में राजनीतिक नेतृत्व, परमाणु कार्यक्रम, ऊर्जा ढांचा और सैन्य ताकत का केंद्र मौजूद है। इन शहरों में राजधानी तेहरान ही नहीं है, बल्कि सैन्य और यूरेनियम संवर्धन वाले शहर भी हैं। अमेरिका और इजरायल के हमलों से तेहरान को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में अगर युद्ध नहीं रुकता है तो हमले कई और शहरों में हो सकते हैं।

Iran Israel Conflict: ये 6 शहर हैं ईरान के टार्गेट पर
सत्ता का केंद्र Tehran, लगातार हो रहे हमले
तेहरान ईरान की राजधानी और निर्णय लेने का मुख्य केंद्र है। यहीं बीत-ए-राहबारी (सुप्रीम लीडर का निवास और कार्यालय) और प्रमुख मंत्रालय स्थित हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया तनाव में हमलों का फोकस भी इसी शहर पर रहा। किसी भी बाहरी हमले का मकसद यहां नेतृत्व को कमजोर कर शासन परिवर्तन की कोशिश हो सकता है।
नतांज और इस्फहान हैं ईरान के परमाणु ठिकाने
नतांज में ईरान का सबसे बड़ा यूरेनियम संवर्धन प्लांट जमीन के भीतर बना है। इस्फहान में प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र और एयरबेस मौजूद है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में इन स्थानों पर संदिग्ध ड्रोन हमलों का जिक्र होता रहा है। इन साइट्स को निशाना बनाने का मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को रोकना माना जाता है।
ऊर्जा हब बुशहर भी मेन टार्गेट
बुशहर में ईरान का एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है। फारस की खाड़ी के किनारे होने के कारण यह रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
धार्मिक और रणनीतिक केंद्र कोम
कोम में फोर्डो परमाणु साइट पहाड़ों के भीतर स्थित है। यह शहर ईरान की धार्मिक पहचान का केंद्र भी है।
नौसेना की लाइफलाइन बांदर अब्बास
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित यह ईरान का सबसे बड़ा बंदरगाह है। यहां हमला तेल निर्यात और नौसैनिक ताकत को प्रभावित कर सकता है।
तेल का खजाना अहवाज
अहवाज क्षेत्र से ईरान का अधिकांश कच्चा तेल निकलता है। इस इलाके पर असर पड़ने का मतलब देश की आय पर सीधा प्रहार होगा।
IDF ने ताबड़तोड़ हमलों का दिया अल्टीमेटम
विशेषज्ञों का मानना है कि इन शहरों पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई न केवल ईरान बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है। मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और सोमवार (2 मार्च) को भी हमलों का दौर जारी है। आईडीएफ ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल किसी सूरत में एयर स्ट्राइक नहीं रुकने वाली है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी देते हुए हमले शुरू कर दिए हैं।












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