'युद्ध होता है तो हो जाने दो', इजराइल से बदला लेने की जिद पर अड़ा ईरान, नेतन्याहू की धमकी, तबाह कर देंगे
Israel-Iran Conflict: ईरान ने अमेरिका और अरब देशों की तरफ से मध्य पूर्व में तनाव कम करने की कोशिशों को खारिज कर दिया है, और ईरान ने कहा है, कि वो बदला लेकर रहेगा, भले ही इसकी वजह से जंग हो जाए।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रविवार को रिपोर्ट की है, कि इजरायल भी इस्लामिक गणराज्य ईरान और लेबनानी ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के हमले के लिए तैयार है, जिन्होंने साफ साफ शब्दों में कहा है, कि वे "यहूदी राज्य पर हमला करेंगे, भले ही इसका मतलब युद्ध हो।"

ईरान ने 'शांति के प्रयासों' को किया खारिज
इजरायल और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या के लिए ईरान ने इजराइल को जिम्मेजार ठहराया है और जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्डन और लेबनान के विदेश मंत्रियों ने स्थिति को शांत करने के प्रयास में ईरान की यात्रा की है, लेकिन ईरान ने अरब राजनयिकों से कहा है, कि वह इजरायल पर जवाबी हमला करने के लिए तैयार है और "उसे इसकी परवाह नहीं है, कि इस जवाब से युद्ध छिड़ जाए।"
वहीं, एक इजरायली अधिकारी के हवाले से एनबीसी की रविवार की रिपोर्ट में कहा गया है, कि इजरायल, ईरान के नेतृत्व वाले हमले की आशंका के बीच अपनी तैयारी कर रहा है और इजराइल का मानना है, कि हमले में उसके ऊपर कई दिनों तक मिसाइलें दागी जा सकती हैं।
इजराइल ने बार-बार कहा है, कि उसके खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में यह बात दोहराते हुए कहा, कि "इजराइल राज्य ईरान की बुराई की धुरी के खिलाफ मल्टी-फ्रंट युद्ध में है।"
नेतन्याहू ने रविवार शाम को अपने सुरक्षा प्रमुखों के साथ बैठक की है। इससे पहले रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने भी वरिष्ठ सैन्य और रक्षा अधिकारियों के साथ इसी तरह की चर्चा की है।
इजराइली रक्षा मंत्रालय ने कहा है, कि बैठक "सुरक्षा विकास और ईरान और उसके सहयोगियों की तरफ से किए जाने वाले हमलों का जवाब देने के लिए विभिन्न विकल्पों" पर केंद्रित थी। चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के पास अभी तक उन हमलों की "निश्चित तस्वीर" नहीं है, जिनका वह सामना कर सकता है।
टीवी समाचार रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, कि इजरायल का सुरक्षा प्रतिष्ठान इस बात पर भी विचार कर रहा है, कि अगर उसके पास पुख्ता सबूत आ जाएं, कि ईरान हमला करने वाला है, तो वो पहले ही हमला कर देगा। इजराइल की तरफ से संकेत मिल रहे हैं, कि अगर जरूरत महसूस होती है, तो वो लेबनान पर भी हमला कर सकता है।
वहीं, इजराइली टीवी रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि अमेरिका को भी नहीं पता कि ईरान और हिज्बुल्लाह से किस तरह के हमले की उम्मीद करनी चाहिए, क्योंकि ईरानियों ने अभी तक स्पष्ट फैसला नहीं लिया है, कि उसका हमला कैसा होगा और ना ही उसने अपने प्रॉक्सी आतंकी संगठनों से ही कॉर्डिनेशन को रोका है। जिसको लेकर चैनल 12 ने कहा है, कि किसी भी हमले को नाकाम करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने आकार ले लिया है, और इसे कतर में सेंटकॉम से निर्देशित किया जाएगा।
ईरान को अमेरिका का सख्त संदेश
इस बीच, वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है, कि अमेरिका ने यूरोपीय देशों से ईरान से तनाव कम करने का आग्रह करने को कहा है, और चेतावनी दी है, कि इस्लामी शासन की ओर से कोई भी आक्रामक कार्रवाई नए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के पश्चिम के साथ संबंध विकसित करने के प्रयासों को बहुत नुकसान पहुंचाएगी।
अमेरिका के संदेश में यह भी कहा गया है, कि वह इजराइल से तनाव कम करने का आग्रह कर रहा है। फिर भी, अमेरिका ने एक क्षेत्रीय गठबंधन को पुनर्जीवित करने के लिए हाथ-पांव मारे हैं, जिसने अप्रैल में सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों के साथ इजराइल पर एक अभूतपूर्व ईरानी हमले को लगभग पूरी तरह से नाराम करने में कामयाबी हासिल की है।
लेकिन, हिज्बुल्लाह ने अपने नेता शूकर की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है, भले ही इजराइल हानिया हत्या की जिम्मेदारी न ले, जिसे देखते हुए इजराइली डिफेंस फोर्स अलर्ट पर है।
13 अप्रैल को ईरान ने इजराइल पर 300 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागीं थीं, जिनमें से ज्यादातर को इजराइल के सहयोगी देशों और क्षेत्र के दूसरे देशों के गठबंधन ने हवा में ही मार गिराया था। उस हमले में 99 प्रतिशत प्रोजेक्टाइल गिरा दिए गए थे और उस हमले में सिर्फ एक व्यक्ति घायल हुआ था। इजराइली अधिकारियों का कहना है, कि इस बार नुकसान हो सकता है और ज्यादा लोग हताहत हो सकते हैं।

नेतन्याहू की तबाह करने की चेतावनी
दूसरी तरफ, इजराइल, ईरान की तरफ से होने वाले किसी भी संभावित हमले का इंतजार कर रहा है, वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को घोषणा की है, कि "देश किसी भी स्थिति के लिए तैयार है और अगर हमला हुआ तो वह कड़ा जवाब देगा।"
नेतन्याहू ने यरुशलम में प्रधानमंत्री कार्यालय में साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की शुरुआत में कहा, "हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं- आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह से।" नेतन्याहू ने कहा, "इजराइल, ईरान की दुष्ट धुरी के खिलाफ कई मोर्चों पर युद्ध कर रहा है। हम उनके हर हथियार पर बहुत जोर से हमला कर रहे हैं।"
नेतन्याहू ने घोषणा की है, कि "मैं अपने दुश्मनों से दोहराता हूं- हम जवाब देंगे और हमारे खिलाफ किसी भी आक्रामक कार्रवाई के लिए भारी कीमत वसूलेंगे, चाहे वह किसी भी दिशा से की गई हो।" नेतन्याहू की टिप्पणियों के कुछ घंटों बाद, इजराइली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा, कि इजराइल "बहुत मजबूती से तैयार है" और किसी भी हमले का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है।












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