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भारत ने पैगंबर पर ईरान के बड़े झूठ को पकड़ा, अजीत डोवाल से मुलाकात पर अपने बयान को किया डिलीट

ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन गुरुवार को भारत दौरे पर पहुंचे थे, जहां उनका ना सिर्फ भव्य स्वागत किया गया, बल्कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनसे मुलाकात की।
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नई दिल्ली, जून 10: भारत और ईरान के बीच का रिश्ता वैसे तो हमेशा से सकारात्मक ही रहा है और दोनों ही देशों ने रिश्ते को और मजबूत करने की तरफ ही ध्यान दिया है, लेकिन पैगंबर मोहम्मद को लेकर भारत में चल रहे विवाद पर भारत ने ईरान के बड़े झूठ को ना सिर्फ पकड़ लिया, बल्कि ईरान को अपने उस झूठ को अपने आधिकारिक वेबसाइट से डिलीट भी करना पड़ा है।

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    Iran foreign minister ने Nupur Sharma Case का Tweet किया डिलीट | वनइंडिया हिंदी | *International
    कहां से शुरू हुआ मामला?

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    दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं पर जब पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक बयानबाजी के आरोप लगे, तो ना सिर्फ भारत के मुसलमानों ने, बल्कि कम से कम 16 मुस्लिम देशों ने भारत सरकार से विवादित बयान पर आपत्ति दर्ज कराई थी। जिसमें एक देश ईरान भी था और भारत सरकार की तरफ से साफ कहा गया, किसी टीवी डिबेट में किसी नेता द्वारा दिए गये इस तरह के बयान भारत सरकार के विचार को प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। वहीं, बीजेपी ने पार्टी से बाहर निकालकर अपने प्रवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई भी की है। लेकिन, ईरान ने इस मौके पर डबल गेम खेलने की कोशिश कर दी, जिसपर भारत ने गहरी आपत्ति जताई।

    ईरान का ‘डबल गेम’

    ईरान का ‘डबल गेम’

    दरअसल, ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन गुरुवार को भारत दौरे पर पहुंचे थे, जहां उनका ना सिर्फ भव्य स्वागत किया गया, बल्कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनसे मुलाकात की। भारत दौरे पर पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री से भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोवाल ने भी द्विपक्षीय बैठक की और इस दौरान दोनों देशों में चाबहर बंदरगाह से लेकर यूक्रेन और अफगानिस्तान समेत कई दूसरे मुद्दों पर बात हुई। लेकिन, ईरान ने गुरुवार को दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अपने विदेश मंत्री की बैठक के दौरान हुई बातचीत के बयान को बदल दिया और उसे अपने सरकारी वेबसाइट पर डाल दिया।

    ईरान ने बदल दिए अपने बयान

    ईरान ने बदल दिए अपने बयान

    दरअसल, ईरानी विदेश मंत्री और भारतीय नेशनल सिक्योरिटी एडवाइडर अजीत डोवाल के बीच हुई बातचीत के बाद ईरान के सरकारी वेबसाइट पर इस मुलाकात को लेकर जो आधिकारिक बयान जारी किया गया, उसमें कहा गया, कि ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बताया था, कि जो लोग पैगंबर के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करते हैं, उन्हें "सबक सिखाया जाएगा"। जिसपर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई। भारत की तरफ से कहा गया, कि अजीत डोभाल से मुलाकात और बातचीत में पैगंबर मोहम्मद को लेकर कोई बातचीत ही नहीं की गई। जिसके बाद ईरान के सरकारी वेबसाइट से उन पंक्तियों को डिलीट कर दिया गया। यानि, जैसे ही भारत ने ईरान के बड़े झूठ को पकड़ा, ईरान ने उस झूठ को ही डिलीट कर दिया। आपको बता दें कि, कुवैत, कतर और अन्य खाड़ी देशों में पैगंबर की टिप्पणियों की निंदा करने के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्दुल्लाहियन मुस्लिम देशों के पहले विदेश मंत्री थे, जो भारत दौरे पर आए थे।

    ईरानी विदेश मंत्री को जवाब

    ईरानी विदेश मंत्री को जवाब

    भारत दौरे पर आए ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि, ‘हमारे द्विपक्षीय रणनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी, एफएम जयशंकर और अन्य भारतीय अधिकारियों से मिलकर खुशी हुई। तेहरान और नई दिल्ली ईश्वरीय धर्मों और इस्लामी पवित्रताओं का सम्मान करने और विभाजनकारी बयानों से बचने की आवश्यकता पर सहमत हैं। संबंधों को नई ऊंचाइयों पर लाने के लिए दृढ़ संकल्प लिया गया।' जिसपर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ चर्चा में पैगंबर पर की गई टिप्पणी का मुद्दा कभी नहीं उठाई गई। भारत ने कहा कि, "हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि ट्वीट और टिप्पणियां सरकार के विचारों को व्यक्त नहीं करती हैं। यह हमारे वार्ताकारों को भी अवगत कराया गया है और यह भी तथ्य है कि संबंधित टिप्पणी और ट्वीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है'।

    ईरान की तरफ से किया गया था दावा

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    समाचार एजेंसी पीटीआई ने पहले ईरानी रीडआउट के हवाले से कहा था कि, विदेश मंत्री अब्दुल्लाहियन ने पैगंबर पर "अपमानजनक" टिप्पणियों से उत्पन्न "नकारात्मक माहौल" का मुद्दा उठाया था और भारतीय पक्ष ने इस्लाम के संस्थापक के लिए भारत सरकार के सम्मान को दोहराया था। पीटीआई के अनुसार, रीडआउट में कहा गया है कि ईरानी विदेश मंत्री ने देश में विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच ऐतिहासिक मित्रता का भी उल्लेख किया था। ईरान की तरफ से जो बयान वेबसाइट पर दिया गया था, उसमें लिखा गया था कि, ‘अब्दुल्लाहियन ने दैवीय विश्वासों, विशेष रूप से पैगंबर मोहम्मद और देश में विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच धार्मिक सहिष्णुता, ऐतिहासिक सह-अस्तित्व और दोस्ती के लिए सम्मान के लिए भारतीय लोगों और सरकार की सराहना की'। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, "मुसलमान दोषियों से निपटने में भारतीय अधिकारियों के रुख से संतुष्ट हैं'। हालांकि, भारत ने जैसे ही आपत्ति जताई और कहा, कि इस तरह की तो कोई बात हीन हीं हुई है, तो ईरान की तरफ से बयान को डिलीट कर दिया गया।

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    English summary
    Iran's foreign minister had visited India, following which a false statement was issued on Iran's official website.
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