दुनिया के टॉप इन्वेस्टर Ray Dalio ने पीएम मोदी को बताया डेन शियाओपिंग, कहा- कोई नहीं रोक सकता भारत की तरक्की
Ray Dalio on Narendra Modi: दुनिया के शीर्ष निवेशकों में शुमार और इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी ब्रिजवाटर एसोसिएट्स के संस्थापक, रे डालियो ने भारत के सुनहरे भविष्य की भविष्यवाणी करते हुए कहा है, कि भारत की तरक्की को कोई रोक नहीं सकता है।
रे डालियो ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा है, कि "भारत में वर्तमान में सबसे ज्यादा विकास दर है और फिलहाल ऐसा कोई मुद्दा नहीं है, जो भारत की विकास की रफ्तार को रोक सकता है।" उन्होंने कहा, कि धर्म का कोई ऐसा मुद्दा नहीं है, जो भारत के विकास की रफ्तार को रोक सके।

भारत को लेकर भविष्यवाणी
रे डालियो ने भारत की तुलना 1980 के दशक के चीन से करते हुए, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के पूर्व नेता डेंग जियाओपिंग से की, जिन्हें विदेशी निवेशकों के लिए चीनी अर्थव्यवस्था को खोलने का व्यापक रूप से श्रेय दिया जाता है।
आपको बता दें, कि आधुनिक चीन की विकास की कहानी डेंग जियाओपिंग ने ही रची थी और जब वो राष्ट्रपति बने थे, उस वक्त चीन की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो गई थी, लेकिन डेंग जियाओपिंग ने देश की अर्थनीति को बदल कर रख दिया था और उन्हीं की आर्थिक नीतियों की वजह से चीन लगातार कई सालों तक 10 प्रतिशत से ज्यादा की रफ्तार से तरक्की करता रहा और आज, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है।
लॉस एंजिल्स में यूसीएलए परिसर में ऑल-इन समिट 2023 में एक पॉडकास्ट में बोलते हुए रे डेलियो ने कहा, कि "भारत में संभावित विकास दर सबसे ज्यादा है।"
इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी ऑल-इन पॉडकास्ट द्वारा की गई थी, जिसमें चमथ पालीहापिटिया, जेसन कैलाकानिस, डेविड सैक्स और डेविड फ्रीडबर्ग शामिल थे।
रे डेलियो ने भारत की तुलना 1984 के चीन से भी की और कहा, कि "मुझे लगता है कि भारत वहीं है, जहां चीन था जब मैंने 1984 में चीन जाना शुरू किया था। इसलिए यदि आप रंग-रूप, प्रति व्यक्ति आय को देखते हैं... और मुझे लगता है, कि मोदी, डेंग जियाओपिंग हैं...तो भारत में बड़े पैमाने पर विकास, रचनात्मकता...और विकास करने के के सभी तत्व मौजूद हैं।"
आपको बता दें, कि निवेशक रे डेलियो ने पहले भी भारत की तुलना 1984 के चीन से की थी।
वहीं, रे डेलियो ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद ट्वीट करते हुए कहा था, कि "इसमें (भारत) सामग्री का सही मिश्रण है, जो दर्शाता है कि इसमें (भारत में) बड़ी क्षमता है और इसे उत्प्रेरित करने के लिए सही नेतृत्व (नरेन्द्र मोदी) है। यह मुझे 1984 में (जब मैं पहली बार गया था) चीन की बहुत याद दिलाता है, जब डेंग जियाओपिंग ने अपनी सुधार और खुलेपन की नीतियां बनाईं, जिन्होंने चीन को उत्प्रेरित किया।"
"धार्मिक मुद्दों से विकास पर प्रभाव नहीं"
पॉडकास्ट शिखर सम्मेलन में रे डेलियो ने कहा, कि "बेशक कुछ मुद्दे, जोखिम के मुद्दे हैं, लेकिन भारत बहुत महत्वपूर्ण है। अब 240 मिलियन मुसलमानों की आबादी से जुड़ा एक धार्मिक आंतरिक मुद्दा है... लेकिन मुझे नहीं लगता है, कि इनमें से कोई भी मुद्दा भारत को रोक पाएगा।"
निवेशक रे डेलियो ने यह भी रेखांकित किया, कि तटस्थ देश बाकियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा, कि "इतिहास में भी जो देश तटस्थ देश थे, उन्होंने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया...दूसरे शब्दों में, युद्धों के विजेताओं से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसलिए, चूंकि हमारे पास अमेरिका और चीन और उसके सहयोगियों और रूस के बीच यह संघर्ष है, लिहाजा जो देश बीच में हैं, जैसे कि भारत, इस संघर्ष का शुद्ध लाभार्थी होने जा रहा है।"
आपको बता दें, कि रे डेलियो ने जून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की थी और विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए सुधारों पर चर्चा की थी, जिसमें अनुपालन में कमी और बड़ी संख्या में कानूनी प्रावधानों को अपराध से मुक्त करने को लेकर पीएम मोदी के साथ चर्चा की थी।
पीएम मोदी ने रे डेलियो को भारत में और निवेश करने के लिए आमंत्रित किया था। डेलियो ने तब कहा था, कि भारत की क्षमता बहुत अधिक है और यह ऐसे मोड़ पर है जहां ढेर सारे अवसर पैदा होंगे।












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