क्या हुआ जब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रूसी हिस्सा अलग हो गया ? देखिए प्रोपेगेंडा Video
मास्को/वॉशिंगटन, 6 मार्च: यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की सुरक्षा को लेकर आशंका गहराई हुई हैं। रूस बार-बार चेतावनी दे रहा है कि उसपर प्रतिबंध लगाए जाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर खतरा मंडरा सकता है और वह बेकाबू होकर धरती पर कहीं भी गिरकर तबाही मचा सकता है। अब एक प्रोपेगेंडा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से रूस के वैज्ञानिकों ने अपने हिस्से को अलग कर लिया है। अगर वाकई ऐसा होने की जरा भी संभावना है तो यह धरती पर एक बहुत बड़े संकट की ओर इशारा लग रहा है।

रूसी स्पेस एजेंसी की चेतावनी के बाद आया वीडियो
शीत युद्ध के बाद रूस और अमेरिका के संबंध एक बार फिर से पूरी तरह से टूटने की स्थिति में आ चुके हैं। इस समय में एक प्रोपेगेंडा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि रूस अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन) से अपने हिस्से को अलग कर रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद रूसी अंतरिक्ष यात्री आईएसएस से रूसी मॉड्यूल को डिसकनेक्ट कर रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ है, जब रूसी स्पेस एजेंसी रोसकॉसमॉस के प्रमुख यूक्रेन पर हमले की वजह से रूस पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों को लेकर आईएसएस के संचालन पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर खुली चेतावनी दे चुके हैं। (पहली तस्वीर-सौजन्य प्रोपेगेंडा वीडियो)

वीडियो में रूसी अंतरिक्ष यात्री मॉड्यूल अलग कर रहे हैं
कुल 58 सेकंड के वीडियो में रूसी अंतरिक्ष यात्रियों को रूसी हैच को बंद करते हुए और इसके जवेज्दा मॉड्यूल को फ्लाइंग आउटपोस्ट से दूर करते हुए दिखाया गया है। यह रूसी मॉड्यूल अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ठहरने वाले क्वार्टर और स्टेशन के लिए ईंधन की आपूर्ति की क्षमता उपलब्ध करवाता है। जबकि, अंतरिक्ष स्टेशन के अमेरिकी हिस्से में जापानी और यूरोपीय प्रयोगशालाएं मौजूद हैं।

रूसी मॉड्यूल की अहमियत क्यों है ?
जवेज्दा मॉड्यूल पूरे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को अंतरिक्ष में धकेलने का भी काम करता है और अगर कभी स्टेशन का अंतरिक्ष कचरे से सामना हो जाए तो यह स्टेशन को उससे दूर ले जाने में भी सक्षम है। इतना ही नहीं मॉड्यूल का लाइफ-सपोर्ट सिस्टम अमेरिकी लैब के अंदर मौजूद सिस्टम, डेस्टिनी से तालमेल का काम करता है, जिससे यह पूरे आउटपोस्ट के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

रूसी मॉड्यूल की वजह से हो चुकी है बड़ी घटना
साल 2021 में रूस ने अपने पुराने पियर्स मॉड्यूल को डिकमीशन करने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में एक नया मॉड्यूल भी जोड़ा था। नउका मल्टीपर्पस मॉड्यूल को रूसी हिस्से में रिसर्च लैब, स्टोरेज यूनिट और एयरलॉक की तरह भी सेवाएं देना है। इसके आने के कुछ ही देर बाद स्पेस स्टेशन पर एक बड़ी दुर्घटना हुई थी, जब इसके जेट प्रणोदकों को फायर किया गया था। इस घटना की वजह से फ्लाइंग आउटपोस्ट अनियंत्रित हो गया था।

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों की लिस्ट
इस समय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर चार अमेरिकी, दो रूसी और एक अन्य यूरोपीय अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं-
- एंटोन शकाप्लेरोव- रूसी अंतरिक्ष यात्री
- प्योटर दुब्रोव- रूसी अंतरिक्ष यात्री
- मार्क वंदे हेइ- अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री
- राजा चारी- अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री
- थॉमस मार्शबर्न- अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री
- कयला बैरॉन- अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री
- मत्तिहास मयूरर- यूरोपीय अंतरिक्ष यात्री

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख ने क्या कहा था ?
रूस पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अमेरिका और रूस के साथ समझौता तोड़कर अलग हटने की बात कह चुका है। लेकिन, यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद अमेरिका और यूरोप के साथ रूस के रिश्ते आज बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में हाल ही में रूसी स्पेस एजेंसी रोसकॉसमॉस के चीफ दिमित्रि रोगोजिन ने धमकी भरे अंदाज में अमेरिकी प्रतिबंधों के बुरे परिणामों को लेकर गंभीर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि 'यदि आप हमारे साथ सहयोग रोकते हैं तो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को अनियंत्रित होकर डिऑर्बिट होने और इसे अमेरिका और यूरोप पर गिरने से कौन रोकेगा?' उन्होंने यहां तक कहा था कि यह रूस के ऊपर से चक्कर नहीं लगाता, इसलिए वह तो निश्चिंत हैं, लेकिन '500 टन के ढांचे को गिराने के विकल्प के रूप में भारत और चीन भी हो सकता है।'
आईएसएस से रूसी मॉड्यूल के अलग होने का प्रोपेगेंडा वीडियो
सिलवराडो पॉलिसी ऐक्सीलरेटर के चेयरमैन दिमित्रि एलपेरोविच ने अपने ट्विटर हैंडल पर यह प्रोपेगेंडा वीडियो शेयर किया है और लिखा है, 'रूसी रोसकॉसमॉस स्टेशन ने रूसी आईएसएस मॉड्यूल को डिस्कनेक्ट करते हुए एक 'जोक' फिल्म बनाई है। जवेज्दा जैसे रूसी आईएसएस मॉड्यूल ऑर्बिटल स्टेशन के लिए ज्यादातर लाइफ सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध करवाता है।'












Click it and Unblock the Notifications