बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी का आदेश जारी कर सकता है इंटरनेशल कोर्ट, इजराइल सरकार ने बुलाई आपातकालीन बैठक
Benjamin Netanyahu International Criminal Court: गाजा में अंतरराष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघनों को लेकर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) इजराइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य इजरायली नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट तैयार कर सकता है।
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ICC कोर्ट का फैसला आने से पहले घबराई इजराइली सरकार ने 'आपातकालीन बैठक' बुलाई है।

बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी के आदेश?
डेली मेल ने इजराइली चैनल 12 की रिपोर्ट के हवाले से कहा है, कि तीन मंत्रियों और कई सरकारी कानूनी विशेषज्ञों ने मंगलवार को प्रधान मंत्री कार्यालय में बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की हैऔर इस बात पर चर्चा की है, कि यदि गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है, तो उसे लेकर इजराइल क्या प्रतिक्रिय देगा और मामले को लेकर कैसे आगे बढ़ा जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट के फैसले से पहले इजराइली सरकार की तरफ से एक बयान तैयार किया गया है और अगर बेंजामिन नेतन्याहू को गिरफ्तार करने के आदेश दिए जाते हैं, तो फिर उस प्रतिक्रिया को फौरन जारी किया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है, कि प्रधानमंत्री ऑफिस में हुई बैठक के दौरान इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़, न्याय मंत्री यारिव लेविन और रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर ने कथित तौर पर मुलाकात की और नेतन्याहू के खिलाफ संभावित कार्रवाई को नाकाम करने के प्रयास में अंतरराष्ट्रीय राजनयिक हलकों से समर्थन मांगने का फैसला किया है।
आपको बता दें, कि कई संगठनों इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में आरोप लगाया है, कि हमास के नेतृत्व वाले 7 अक्टूबर के हमलों के बाद से गाजा में अपने जवाबी अभियान में इजराइल ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। कथित तौर पर इजराइल को डर है, कि गाजा में मानवीय संकट के आधार पर गिरफ्तारी वारंट लाया जा सकता है। ज्यादातर मानवाधिकारों समूहों ने इजराइल पर गाजा पट्टी में भीषण हमलों के बीच राहत सामग्री पहुंचने से रोकने के लिए हमले करने के आरोप लगाया है और गाजा अकाल को मानव निर्मित करार दिया है।
इसी महीने वर्ल्ड किचन ग्रुप के सदस्यों को निशाना बनाकर इजराइली सैनिकों ने हमला किया था, जिसमें कम से कम 6 सदस्यों की मौत हो गई। वर्ल्ड किचन ग्रुप ने कहा है, कि काफिले के गुजरने की पूर्व सूचना होने के बाद भी इजराइली सैनिकों ने हमला किया था।
इजराइल ने 7 अक्टूबर की घटना के बाद गाजा पट्टी में भीषण सैन्य अभियान चलाया है, जिसमें 31 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। इजराइली प्रधानमंत्री के खिलाफ इंटरनेशन कोर्ट में 'वार क्रिमिनल' के आरोपों में मुकदमा चलाने की मांग की गई है।
इसी साल फरवरी में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने अंतरराष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघन पर इजराइल और विभिन्न फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों के लिए जवाबदेही की मांग करते हुए एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें बताया गया था, कि गाजा पट्टी में हालात कितने बिगड़ चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है, कि इजराइल ने युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है, जिसमें 'नागरिक संपत्ति का अनियंत्रित विनाश', सामूहिक दंड, दंडात्मक और जानबूझकर घेराबंदी, पानी जैसी आवश्यत मदद को रोकना शामिल है।












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