INS Chennai: जानिए भारत के उस खतरनाक युद्धपोत के बारे में जिसने सोमालिया से छुड़ाया हाईजैक शिप
अरब सागर में सोमालिया के तट के पास हाईजैक हुए जहाज पर भारतीय नौसेना का ऑपरेशन पूरा हो गया है। हाईजैक हुए जहाज MV Lila Norfolk पर लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू करा लिया गया है। जहाज पर अपहृत लोगों को बचाने के लिए भारतीय नौसेना के खतनाक मरीन कमांडो मार्कोस गए थे।
मरीन कमांडो ने जहाज पर मौजूद सभी 15 भारतीयों समेत सभी 21 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं, समुद्री लुटेरे अब जहाज पर नहीं मिले हैं। भारतीय नौसेना के लीला नोरफॉक पर पहुंचने से पहले भी लेटेरे भाग चुके थे।

इससे पहले हाईजैक किए गए जहाज को छुड़ाने के लिए नौसेना के जहाज INS चेन्नई को रवाना किया गया था। आईये जानते हैं उस जहाज के बारे में जिसे इस साहसी ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भेजा गया था।
INS चेन्नई पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया के तहत देश में बना सबसे लंबा जंगी जहाजों में से एक है। ये नौसेना के पश्चिमी कमान के नियंत्रण में रहता है। यह कोलकाता क्लास (प्रोजेक्ट-15-ए) के तहत बनाए गए तीन जंगी जहाजों में से आखिरी वॉरशिप है।
आईएनएस चेन्नई का मोटो 'शत्रो: संहारक:' यानी दुश्मनों का संहार करने वाला है। इसे नौसेना में 2016 में शामिल किया गया था। इसे मझगांव डॉकयार्ड में 60 फीसदी स्वदेशी तकनीक से बनाया गया था।
इस जंगी जहाज की लंबाई 164 मीटर है। आईएनएस कोलकाता क्लास का स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर है। इस जहाज का वजह 7500 टन है। इसकी बीम 57 फीट की है। यह अधिकतम 56 km/hr की गति से चल सकता है।
ये जहाज सतह-से-सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों और सतह से आसमान तक लंबी दूरी तक मार करने वाली बराक-8 मिसाइलों से लैस है। इस पर छह तरह के आधुनिक सेंसर्स से लगे हैं।
इस पर दो सी किंग या ध्रुव हेलिकॉप्टर तैनात हो सकते हैं। इसके अलावा इस विमान में एक ओटो मेलारा 76 mm नेवल गन, 4 एके-630 CIWS, 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर हैं जो पल भर में दुश्मन को नेस्तनाबूत कर सकते हैं।












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