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बड़ा खुलासा! इन दो देशों के जासूसों की मदद से डोनाल्ड ट्रम्प ने बिछाया था सुलेमानी की मौत का जाल

वॉशिंगटन। एक हफ्ते पहले अमेरिकी सेना ने एयरस्‍ट्राइक में ईरान के जनरल और कुद्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी को मार दिया। बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे सुलेमानी की मौत ने हर किसी को हैरान कर दिया था। बताया जा रहा है कि अमेरिका को सुलेमानी के मूवमेंट के बारे में इराक और सीरिया में मौजूद मुखबिरों ने जानकारी दी थी। इसके बाद अमेरिका ने एक्‍शन लिया। न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। कमांडर सुलेमानी की मौत ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कई गुना तक बढ़ा दिया है।

अपने प्राइवेट जेट से नहीं चलते थे कमांडर

अपने प्राइवेट जेट से नहीं चलते थे कमांडर

ईरानी जनरल सुलेमानी काले शीशे वाली गाड़ी से सीरिया के दमिश्क एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके साथ ईरान की रेवोल्‍यूशनरी गार्ड्स के चार जवान उनकी सुरक्षा में थे। जिस गाड़ी से कमांडर सुलेमानी सीरिया के दमिश्‍क एयरपोर्ट पहुंचे थे, उसे पार्क किया गया। यहां से सुलेमानी चाम विंग्‍स के एयरबस 320 में सवार हुए जिसे बगदाद के लिए रवाना होना था। सुलेमानी के अलावा उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने पैसेंजर की लिस्‍ट में अपना नाम दर्ज नहीं कराया था। सुलेमानी सुरक्षा कारणों के चलते अपना प्राइवेट जेट प्रयोग नहीं करते थे। यह फ्लाइट सुलेमानी के लिए आखिरी फ्लाइट साबित हुई। अमेरिका के रॉकेट अटैक में उनकी मौत हो गई। सुलेमानी जब बगदाद एयरपोर्ट पहुंचे तो बाहर दो बख्‍तरबंद गाड़‍ियां उनका इंतजार कर रही थीं।

 एकदम सटीक था रॉकेट का निशाना

एकदम सटीक था रॉकेट का निशाना

सुलेमानी के साथ इराक की पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) के डिप्‍टी हेड अबु महदी मुहांदिस भी हमले में मारे गए थे। बगदाद एयरपोर्ट के दो अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि सुलेमानी का प्‍लेन तीन जनवरी को स्‍थानीय समयानुसार देर रात करीब 00:30 मिनट पर पहुंचा था। सुलेमानी और उनके गार्ड्स प्‍लेन से बाहर आए और इसी समय मुहांदिस प्‍लेन के बाहर उनसे मिले। यहां से दोनों बख्‍तरबंद गाड़‍ियों में सवार हो गए। जो जवान सुलेमानी की सुरक्षा में तैनात थे वह दूसरी एसयूवी में बैठ गए। दोनों गाड़‍ियां मेन रोड की तरफ बढ़ने लगी थीं। करीब 00:55 मिनट पर दो रॉकेटों ने सुलेमानी की गाड़‍ी को निशाना बनाया। इसके कुछ ही सेकेंड्स बाद दूसरी गाड़ी रॉकेट की चपेट में आ गई।

प्‍लेन पर भी थे अमेरिका के जासूस

प्‍लेन पर भी थे अमेरिका के जासूस

इराक ने इन हमलों के बाद ही जांच शुरू कर दी थी। जांचकर्ताओं को शक है कि सीरिया और इराक एयरपोर्ट पर मौजूद मुखबिरों ने अमेरिकी सेना को इंटेलीजेंस दी। जांचकर्ता अब इस दिशा में जांच कर रहे हैं कि दमिश्‍क और बगदाद में एयरपोर्ट पर कैसे संदिग्‍धों ने अमेरिकी सेना के साथ संपर्क किया और उसे सुलेमानी की स्थिति के बारे में एकदम सटीक जानकारी मुहैया कराई। इराक के नेशनल सिक्‍योरिटी एडवाइजर फलह अल-फयाद इस जांच को लीड कर रहे हैं और वह पीएमएफ के मुखिया भी हैं। जिन लोगों पर जांच एजेंसी को शक है उसमें दो बगदाद एयरपोर्ट के दो सुरक्षा कर्मी और चाम विंग्‍स के दो कर्मी हैं। दमिश्‍क एयरपोर्ट पर एक जासूस और एक जासूस सुलेमानी के प्‍लेन पर भी सवार था।

अमेरिका ने किया ऐसी खबरों से इनकार

अमेरिका ने किया ऐसी खबरों से इनकार

बगदाद की जो टीम इस मसले की जांच कर रही है, उसकी शुरुआत रिपोर्ट के मुताबिक सुलेमानी के बारे में पहली जानकारी अमेरिका को दमिश्‍क एयरपोर्ट से मिली थी। इसके बाद बगदाद एयरपोर्ट से जो जानकारी दी गई उसमें यह बात सुनिश्चित की गई कि टारगेट यानी सुलेमानी अपने काफिले के साथ एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। इसमें सुलेमानी के काफिले पर भी जानकारी दी गई थी। अमेरिका के रक्षा विभाग ने भी इस बात पर टिप्‍पणी करने से साफ मना कर दिया है कि इराक और सीरिया में मौजूद मुखबिरों से किसी तरह की टिप सेना को मिली थी।

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