इंडोनेशिया में कोरोना से भारत जैसे बिगड़े हालात, ऑक्सीजन संकट से हाहाकार, बेबसी की खौफनाक तस्वीर
इंडोनेशिया में कोरोना वायरस से हालात बुरी तरह बिगड़ गये हैं। ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ है तो अस्पतालों के बाहर लोग दम तोड़ रहे हैं।
जकार्ता, जुलाई 06: जैसा हाल अप्रैल और मई के महीने में भारत का हो गया था और अप्रैल-मई महीने में कोरोना वायरस ने भारत में जैसा कहर बरपाया था, ठीक वैसी ही स्थिति अभी इंडोनेशिया की है। इंडोनेशिया में कोरोना वायरस बुरी तरह से लोगों को परेशान कर रहा है। अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं बची है और ऑक्सीजन की कमी से लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इंडोनेशिया एशिया के सबसे खराब कोरोनावायरस प्रकोपों में से एक से जूझ रहा है, और पिछले एक महीने में इंडोनेशिया में चौगुना ज्यादा मामले आने शुरू हो गये हैं।

ऑक्सीजन की कमी से अफरातफरी
इंडोनेशिया के योग्याकार्टा के एक अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई, वहीं सरकार ने आपातकालीन स्थिति में अस्पतालों में ऑक्सीजन मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि इंडोनेशिया में भी जानलेवा डेल्डा वेरिएंट ही लोगों की जान ले रहा है, जिससे पिछले 2 महीन पहले तक भारत जूझ रहा था। कोरोना वायरस का ये वेरिएंट लोगों को कितना मजबूर कर देता है, इसे भारत के लोग बहुत अच्छे से जानते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को इंडोनेशिया ने 29 हजार 745 नए मामले दर्ज किए गये हैं और 558 लोगों की इस वायरस से मौत हो गई। राजधानी जकार्ते के अलावा जावा, छुट्टी द्वीप और बाली में भी डेल्टा वेरिएंट कहर बरपा रहा है। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मस्जिद, पार्क, शॉपिंग मॉल और रेस्तरां को फौरन बंद कर दिया गया है और सभी लोगों को घर से ही काम करने के लिए कहा गया है।

जमीन पर स्थिति काफी ज्यादा खराब
जकार्ता में सार्वजनिक मामलों के विश्लेषक बंबांग हरमूर्ति ने अल जज़ीरा को बताया कि जमीन पर स्थिति काफी ज्यादा खराब हो चुकी है और हर दिन 25 हजार से ज्यादा मामले रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ''यदि आप चारों ओर देखें, तो कई अस्पताल या तो बंद हैं, या फिर वे इतने भरे हुए हैं, कि वे किसी और मरीज को भर्ती नहीं करते हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं है और सरकार ने लोगों से खुद ऑक्सीजन खरीदने के लिए कहा है। लेकिन, ऑक्सीजन कहीं मिल नहीं रही है''। उन्होंने कहा कि ''ऑक्सीजन की कालाबाजारी भी हो रही है और अधिकारी लगातार छापेमारी कर ररहे हैं। लोग दुकानों के बाहर लंबी लंबी लाइनें लगाए हुए हैं ताकि जरूरी दवाएं मिल जाएं। वहीं, जरूरत की दवाईयों के दाम काफी ज्यादा ऊपर जा चुके हैं।"
अस्पतालों पर भारी दबाव
दुनिया के चौथे सबसे अधिक आबादी वाले देश इंडोनेशिया में पिछले एक महीने में कोरोना वायरस के नये मामले चार गुना से ज्यादा बढ़ चुके हैं और तक 61 हजार 140 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि टेस्टिंग कम होने और खराब ट्रेसिंग की वजह से इंडोनेशिया में बुरी तरह से हालात बिगड़ गये हैं। इंडोनेशिया की भारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली ढहने की कगार पर है, क्योंकि भारी भीड़ के बाद अस्पतालों में नये मरीजों की भर्ती नहीं की जा रही है, वहीं हताश परिवारों को बीमारों के इलाज के लिए ऑक्सीजन टैंकों की तलाश करने करने के या तो मजबूर होना पड़ रहा है या फिर उनकी घर पर ही मौत हो जा रही है।

10 गुना से ज्यादा मर रहे हैं लोग
रिपोर्ट के मुताबिक इंडोनेशिया में हर दिन 10 गुना से ज्यादा मरीजों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हो रही है और घरों के अंदर ही लोग मर रहे हैं, जिनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हो पा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे के अंदर सेल्फ आइसोलेशन में 269 लोगों की मौत हुई है, जबकि राजधानी जकार्ता में शुक्रवार को सेल्फ आइसोलेशन में 45 लोगों ने दम तोड़ा है। वहीं, लोगों का आरोप है कि सरकार कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को लेकर सरकार आंकड़े छिपा रही है।












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