भारत-चीन का संयुक्त सैन्य अभ्यास "हाथ में हाथ" शुरू
बीजिंग। भारत और चीन के बीच पांचवा ‘हाथ-में-हाथ' 2015 नामक संयुक्त अभ्यास युन्नान प्रांत की कुनमिंग सैन्य अकादमी में आज प्रारंभ हुआ। 12 दिवसीय इस संयुक्त अभ्यास में आतंकवाद से संयुक्त रूप से मुकाबला एवं ‘मानवीय सहायता और आपदा राहत' पर खास जोर दिया जाएगा।

उद्घाटन समारोह का प्रारंभ दोनों देशों के दस्तों की शानदार परेड से हुआ। दोनों देशों के राष्ट्रीय गान के बाद परेड में राष्ट्रीय ध्वज भी लाये गये। इस संयुक्त परेड का नेतृत्व भारतीय सेना के लैफ्टीनेंट कर्नल रूचिर पंत द्वारा किया गया। सब-यूनिट स्तर एक दूसरे के हथियारों से परिचित होने के लिए हथियार और उपकरण प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसके पश्चात, भारतीय सैन्य दस्ते के कौशल, ऊर्जावान योग प्रशिक्षण और नागालैंड जनजातीय के उत्साहपूर्ण नृत्य के साथ-साथ शस्त्र रहित शानदार प्रदर्शनों ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। चीनी दल ने सैन्य अकादमी परिसर के भीतर लड़ाई के दौरान निशानेबाजी और अवरोध वार्ता कौशल का प्रदर्शन किया।
चीनी पर्यवेक्षक प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल झोउ जिंयागझोउ ने कहा कि संयुक्त अभ्यास आपसी सहयोग को मजबूत बनाने और एक करीबी विकास भागीदारी का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से सैन्य बातचीत के दायरे का विस्तार, आतंकवाद से मुकाबला, संचालन में सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान, आपसी समझ और विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ दोनों सेनाओं के बीच आगामी मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
चीन में भारत के राजदूत श्री अशोक कंथा ने संयुक्त रूप से आतंकवाद से निपटने और सभी स्तरों पर रक्षा सहयोग में विस्तार करने पर जोर दिया।
भारतीय पर्यवेक्षक प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ने विश्वास जताया कि यह अभ्यास दोनों देशों के बीच द्वीपक्षीय संबंधों के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा और एक साथ काम करते हुए हमारी पारंपरिक मित्रता को और नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सभी रूपों में आतंकवाद का मुकाबला करने के बारे में आम परिप्रेक्ष्यों को साझा किया है। उन्होंने 15 नवम्बर को सीएमसी के उपाध्यक्ष की प्रस्तावित यात्रा का भी स्वागत किया। इसके पश्चात जनरल ऑफीसर ने अभ्यास ‘हाथ-में-हाथ' के प्रारंभ होने की घोषण की।
हाथ में हाथ-2015 अभ्यास के माध्यम विश्व व्यापी आतंकवाद से निपटने और एक दूसरे की सेनाओं की आपसी समझ और सम्मान बढ़ाने में काफी योगदान मिलेगा।












Click it and Unblock the Notifications