Anju Nasrullah News: भारत की अंजू पाकिस्तान में कबूलेगी इस्लाम! जानिए कैसा दिखता है उसका प्रेमी नसरुल्ला?
Indian woman reaches Pakistan: सीमा हैदर, जो पाकिस्तान से भागकर भारत आई थी, उसी मामले की तरह एक और मामला सामने आया है, लेकिन इस बार भारत की रहने वाली अंजू, पाकिस्तान चली गई है। सीमा हैदर की तरह ही अंजू की कहानी भी सोशल मीडिया से लेकर, न्यूज चैनलों की सुर्खियां बन रही हैं। लिहाजा, जानना दिलचस्प हो जाता है, कि आखिर अंजू कौन है, वो पाकिस्तान कैसे पहुंची, उसका प्रेमी कौन है, कैसा दिखता है.. तमाम बातें जानना जरूरी हो जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की रहने वाली अंजू 21 जुलाई को पाकिस्तान पहुंची थी और वो एक महीने का वीजा लेकर पाकिस्तान गई है। हालांकि, सीमा हैदर तो नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से भागकर भारत आई थी, लेकिन भारत की अंजू बकायदा ट्रेवल वीजा लेकर पाकिस्तान पहुंची है, लिहाजा उसकी गिरफ्तारी जैसी कोई बात नहीं है।

पाकिस्तान पहुंची भारत की अंजू
भारत की मंजू एक महीने के ट्रेवल वीजा पर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत के रहने वाले नसरुल्ला से मिलने गई है, जो दीर क्षेत्र का रहने वाला है। हालांकि, जैसे ही अंजू के भारत से जाने और उसकी प्यार की कहानियां प्रकाश में आईं हैं, ठीक वैसे ही पाकिस्तान सरकार मामले की जांच में जुट गई है।
पाकिस्तान की सरकारी एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं, हालांकि, सीमा के विपरीत, अंजू वीजा लेकर पाकिस्तान पहुंची है, लिहाजा उसे केपी के इस सुदूर जिले की यात्रा करने की भी अनुमति दी गई है।
सोशल मीडिया पर दोस्ती के प्रेम कहानी में बदलने की यह एक और कहानी है, लेकिन इस बार भूमिकाएं उलट गई हैं, क्योंकि एक भारतीय महिला को एक पाकिस्तानी पुरुष से प्यार हो गया है।
नई दिल्ली की रहने वाली अंजू की उम्र 35 साल है, जबकि पाकिस्तान के रहने वाले नसरुल्ला की उम्र 29 साल है। दोनों की दोस्ती की शुरूआत करीब 4 साल पहले फेसबुक के जरिए शुरू हुई थी और देखते ही देखते, ये दोस्ती प्यार में बदल गई। जिसके बाद भारतीय अंजू ने सरहद पार करने में कोई झिझक नहीं दिखाई।
ट्रैवल वीजा है पूरी तरह से वैध
पाकिस्तानी न्यूज चैनल आज न्यूज़ के संवाददाता नासिर ज़ादा के मुताबिक, वह शुक्रवार को पाकिस्तान पहुंचीं है और केपी के अपर दीर पुलिस ने आज न्यूज से इसकी पुष्टि की है, कि भारतीय महिला मलकंद डिवीजन में है।
वीज़ा सूचना प्रपत्र में कहा गया है, कि अंजू को 30 दिनों के लिए ऊपरी दीर में रहने की अनुमति दी गई है।
अंजू ने कथित तौर पर ऊपरी दीर में अधिकारियों को बताया है, कि चार साल पहले सोशल मीडिया वेबसाइट पर नसरुल्ला से उसकी दोस्ती हुई थी। उसने कहा कि वह अपने पाकिस्तानी दोस्त से प्यार करती है और "उसके बिना नहीं रह सकती है"।
जिले में अंजू के आगमन को दर्ज कराने के लिए दंपति रविवार को स्थानीय पुलिस स्टेशन गए थे।
जब भी कोई भारतीय नागरिक पाकिस्तान या पाकिस्तानी नागरिक भारत की यात्रा करता है, तो उन्हें स्थानीय पुलिस स्टेशन का दौरा करना पड़ता है और अपने यात्रा दस्तावेज दिखाने पड़ते हैं।
ऊपरी दीर के स्थानीय पुलिस स्टेशन में अंजू के यात्रा दस्तावेज वैध पाए गए हैं।
अपर डीर के SHO जावेद खान ने आज न्यूज़ को बताया, कि "अंजू के पास वीजा है और वह कानूनी तौर पर पाकिस्तान में दाखिल हुई है।"
उन्होंने यह भी पुष्टि की, कि उनकी प्रारंभिक जांच के अनुसार महिला और नसरुल्ला पिछले चार वर्षों से दोस्त हैं और अंजू ने "वाघा के रास्ते पाकिस्तान और फिर इस्लामाबाद की यात्रा की है।"

मुसलमान बनेगी हिन्दू महिला अंजू?
नसरुल्लाह के कुछ रिश्तेदारों के मुताबिक, अंजू भारत की रहने वाली एक विवाहित महिला है, जिन्होंने आज न्यूज़ को बताया कि वह एक स्वतंत्र जीवन जी रही थी और अपने देश में नौकरी करती थी।
उन्होंने दावा किया, कि वह इस बार "शादी के मकसद" से पाकिस्तान नहीं आई हैं, बल्कि उनकी इच्छा इस बार सिर्फ "दर्शनीय स्थलों की यात्रा" को लेकर है।
रविवार को जब यह कहानी पहली बार सामने आई, तो स्थानीय पत्रकारों को अंजू से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्हें बताया गया कि अंजू और नसरुल्ला बाहर गये हैं।
नसरुल्लाह ने बाद में बीबीसी उर्दू को बताया, कि वे अपने जीवन को लेकर मीडिया में प्रचार नहीं चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि वे अंजू की अगली पाकिस्तान यात्रा पर वो दोनों शादी करेंगे।
परिवार और सरकारी अधिकारी मानें
नसरुल्ला ने कहा, कि वीजा प्रक्रिया पूरी करने में अंजू को दो साल लग गए। उन्होंने फैसला किया, कि शादी के बारे में अंतिम फैसला लेने से पहले अंजू पहले पाकिस्तान आएही और उसके परिवार से मिलेगी।
अंजू की पाकिस्तान यात्रा का नसरुल्ला का परिवार पूरे दिल से समर्थन कर रहा है।
न केवल परिवार को, बल्कि उन्हें भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों को भी यह विश्वास दिलाना पड़ा, कि उन्हें मिलने का पूरा अधिकार है। अंजू ने दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग का दौरा किया था और नसरुल्ला ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश और आंतरिक मंत्रालयों के कार्यालयों का दौरा किया था।
नसरुल्लाह ने आज़ न्यूज को बताया, कि उनकी कहानी में धर्म कोई फैक्टर नहीं है। उन्होंने बीबीसी उर्दू को बताया, कि अंजू इस्लाम अपनाती है या नहीं, यह उसका अकेले का फैसला होगा और वह उस फैसले का सम्मान करेगा।
स्थानीय लोगों ने ऊपरी दीर में अंजू की उपस्थिति के बारे में सकारात्मक विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि वह पख्तूनों की मेहमान और बहू बन गई हैं।












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