अमेरिका में भारतीय छात्रों पर कहर, विवेक सैनी की बेरहमी से हत्या के बाद लापता नील आचार्य का शव मिला
Indian student In America: अमेरिका में लगातार भारतीय छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है और पिछले दो दिनों में दूसरे भारतीय छात्र की हत्या कर दी गई है। संयुक्त राज्य अमेरिका में लापता, भारतीय छात्र की मंगलवार को विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने मृत पुष्टि कर दी है।
छात्र के माता-पिता ने सोशल मीडिया पर उसके ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय की तरफ से छात्र की मौत हो जाने की पुष्टि कर दी गई है।

इंडियाना राज्य के पर्ड्यू विश्वविद्यालय में कंप्यूटर विज्ञान और डेटा विज्ञान के छात्र नील आचार्य की मां गौरी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बेटे के गायब हो जाने की जानकारी दी थी। उनकी पोस्ट के मुताबिक, नील आचार्य 28 जनवरी को 12.30 बजे से लापता थे।
गौरी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था, कि "हमारा बेटा नील आचार्य कल 28 जनवरी (12.30 पूर्वाह्न ईएसटी) से लापता है। वह अमेरिका की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें आखिरी बार उबर ड्राइवर ने देखा था, जिसने उन्हें पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में छोड़ा था। हम उसके बारे में कोई भी जानकारी ढूंढ़ रहे हैं। यदि आप कुछ जानते हैं तो कृपया हमारी मदद करें।''
गौरी आचार्य ने 29 जनवरी को ये पोस्ट लिखा था।
गौरी आचार्य के पोस्ट पर शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने जवाब देते हुए कहा था, कि "वाणिज्य दूतावास पर्ड्यू विश्वविद्यालय के अधिकारियों और नील के परिवार के साथ भी संपर्क में है। वाणिज्य दूतावास हर संभव सहायता और मदद देगा।"
वहीं, बाद में अपनी वेबसाइट पर एक बयान में, पर्ड्यू विश्वविद्यालय ने मृत्यु का कारण बताए बिना कहा, कि नील आचार्य की मृत्यु की पुष्टि की गई है। बयान में कहा गया है, कि नील आचार्य के हुलिए से मेल खाने वाला और उनकी आईडी रखने वाला एक "कॉलेज-आयु वर्ग" व्यक्ति रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे परिसर में मौरिस जे ज़ुक्रो प्रयोगशालाओं के पास मृत पाया गया है।
विश्वविद्यालय की पोस्ट में कहा गया है, कि नील आचार्य के करीबी होने का दावा करने वाले उपयोगकर्ताओं के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, छात्र का अंतिम ज्ञात स्थान उसी क्षेत्र में पिंग किया गया था, जहां शव मिला है।
विश्वविद्यालय ने कहा, कि उसके कंप्यूटर विज्ञान विभाग के अंतरिम प्रमुख क्रिस क्लिफ्टन ने सोमवार को एक ईमेल में छात्रों और संकाय के साथ समाचार साझा किया था। विश्वविद्यालय के बयान के अनुसार, क्लिफ्टन ने लिखा, "बड़े दुख के साथ मैं आपको सूचित कर रहा हूं, कि हमारे छात्रों में से एक, नील आचार्य का निधन हो गया है।" क्लिफ्टन ने आचार्य को "सेल्फ मोटिवेटेड व्यक्ति और अकादमिक रूप से प्रतिभाशाली" करार देते हुए लिखा, "मेरी संवेदनाएं उनके दोस्तों, परिवार और सभी प्रभावितों के प्रति हैं।"
नील आचार्य की मौत की रिपोर्ट उस वक्त आई है, जब एक दिन पहले ही अमेरिका में ही एक स्टोर में पार्ट टाइम नौकरी करने वाले हरियाणा के रहने वाले छात्र विवेक सैनी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। विवेक सैनी के सिर पर 50 से ज्यादा बार हथौड़े से वार किया गया था।












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