Indian Student In US: ट्रंप का फरमान, 11 लाख छात्रों का वीजा होगा रद्द, सबसे ज्यादा भारतीय छात्रों पर असर
Indian Student In US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) आए दिन अपने फैसलों से पूरी दुनिया को चौंका रहे हैं। कभी ट्रेड वॉर (Trade War), तो कभी उनकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भौगोलिक राजनीति को लेकर होने वाले फैसले। वजह चाहे जो भी हो लेकिन ट्रंप पूरी दुनिया को "अहं ब्रह्मास्मि" वाला मैसेज देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। इसी कड़ी में उनके एक और फैसले ने पूरे विश्व से अमेरिका में पढ़ने पहुंचे छात्रों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर बढ़ा संकट
अमेरिकी सरकार ने हाल ही में कई विदेशी छात्रों को ईमेल भेजकर उनके वीजा रद्द होने की सूचना दी। इन छात्रों को अमेरिका छोड़ने का भी निर्देश दिया गया। रिपोर्ट बताती है कि इनमें से 40% के आस-पास प्रभावित युवा भारतीय छात्र हैं। अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन (AILA) ने ऐसे 327 मामलों पर डेटा इकठ्ठा किया है, जिनमें से 50% से अधिक भारतीय नागरिकता वाले छात्र हैं। भारत के बाद, चीन दूसरे नंबर पर है, जहाँ इस लिस्ट में 14% छात्र चीनी हैं।

हमास समर्थक छात्रों को बाहर करेगा अमेरिका
अमेरिकी विदेश विभाग पिछले चार महीनों से विदेशी छात्रों के डेटा की जांच कर रहा है। इसका उद्देश्य इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले और हमास का समर्थन करने वालों के वीजा रद्द करना है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने बयान में कहा कि 26 मार्च तक 300 से अधिक 'हमास समर्थकों' के एफ-1 वीजा रद्द कर दिए गए थे, जिनमें कई भारतीय भी शामिल थे। अमेरिकी सरकार इन छात्रों की पहचान करने के लिए 'कैच एंड रिवोक' (Catch And Revoke) नामक एक एआई ऐप (AI App) का इस्तेमाल कर रही है।
वीजा रद्दा होने से छात्र ही नहीं, यूनिवर्सिटी पर भी असर
पहचाने गए लोगों में बोस्टन में टफ्ट्स यूनिवर्सिटी की तुर्की छात्रा रूमेसा ओज़टर्क भी शामिल है। उसने सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन के पक्ष में कई पोस्ट किए थे, जिसके कारण अमेरिकी विदेश विभाग ने उसका वीजा रद्द कर दिया। इसी कड़ी में हार्वर्ड, कोलंबिया, येल, कैलिफोर्निया और मिशिगन यूनिवर्सिटी सहित कई फेमस यूनिवर्सिटीज के छात्रों को ईमेल भेजे गए हैं। हालांकि, प्रभावित छात्रों की सही संख्या अभी तक पता नहीं चल सकी है।
क्या है अमेरिकी की धारा 221(i)?
ईमेल में छात्रों को बताया गया कि उनके F-1 वीजा को अमेरिकी इमिग्रेशन और राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा 221(i) के तहत रद्द कर दिया गया है। वीजा रद्द होने के बावजूद यदि अमेरिका में रहते पाए जाते हैं तो इस पर जुर्माना, हिरासत या डिपोर्ट किए जा सकते हैं। ईमेल में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छात्रों को उनके देशों के अलावा अन्य देशों में भेजा जा सकता है। इसलिए, उन्हें सलाह दी गई है कि खुद-ब-खुद अमेरिका छोड़ दें।
भारतीय छात्रों को तगड़ा झटका!
ओपन डोर्स रिपोर्ट 2024 के मुताबिकक, 2023-24 के दौरान अमेरिका में 332,000 भारतीय छात्र थे - जो पिछले साल की तुलना में 23% अधिक है। इनमें से ज्यादातर के पास F-1 वीजा है क्योंकि यह विदेशी छात्रों के लिए आम बात है। दूसरे देशों से अमेरिका पढ़ने जाने वाले छात्रों के लिए F-1 वीजा सबसे आसान विकल्प होता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले साल यह संख्या 400,000 तक पहुंच सकती है। प्रत्येक भारतीय छात्र अमेरिका में सालाना 30 लाख रुपये से 70 लाख रुपये तक खर्च करता है। हालांकि यह खर्च शहर और यूनिवर्सिटी की लागत के आधार पर अलग-अलग होता है। कुछ रिपोर्टों का अनुमान है कि अकेले 2023-24 के दौरान भारतीय छात्रों ने अमेरिका में 1.38 लाख करोड़ रुपये खर्च किए।
एस जयशंकर ने इस मामले पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 30 मार्च, 2025 को एक बयान जारी कर अमेरिका में भारतीय छात्रों से स्थानीय कानूनों और वीजा नियमों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया। सीधे शब्दों में कहें तो किसी भी गैर कानूनी गतिविधि में शामिल होने से बचने की हिदायत दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद को सलाह दी: "हमारे छात्रों को अमेरिका में ऐसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी जाती है जो उनके वीजा की स्थिति को खतरे में डाल सकती हैं।" भारत सरकार ने ज़रूरत पड़ने पर अपने दूतावास और वाणिज्य दूतावास के ज़रिए सहायता का आश्वासन दिया। मार्च 2025 में इन वीजा रद्दीकरणों के बाद, जयशंकर ने भारतीय छात्रों के लिए उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ चर्चा की थी। हालाँकि, इस मुद्दे पर भारत की ओर से अभी तक कोई औपचारिक विरोध दर्ज नहीं कराया गया है।
सटीक संख्या पर संशय बरकरार
भारतीय छात्रों के लिए रद्द किए गए वीज़ा की सही संख्या अभी भी स्पष्ट नहीं है क्योंकि न तो अमेरिकी विदेश विभाग और न ही भारत के विदेश मंत्रालय ने आंकड़े जारी किए हैं। मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि कुछ इमिग्रेशन वकीलों को भारतीय नागरिकों को प्रभावित करने वाले वीज़ा रद्दीकरण के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन सटीक संख्या का अभाव है।
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