‘हमें टॉयलेट का पानी पिलाते थे नाइजीरियाई सैनिक’, कैद से रिहा नाविकों ने कहा- उम्मीद नहीं थी कि लौट पाएंगे
लगभग 10 महीने बाद नाइजीरियाई कैद से रिहा हुए और रविवार को घर पहुंचे केरल के तीन नाविकों ने मीडियाकर्मियों को बताया कि उन्हें कैद में शौचालय का पानी तक पीने के लिए मजबूर होना पड़ा।
नाइजीरिया में लगभग 10 महीने पहले हिरासत में लिए गए सभी 16 भारतीय नाविक अपने वतन वापस लौट आए हैं। इन पर तेल चोरी करने का आरोप था। 10 जून को घर पहुंचे इन नाविकों ने बताया कि वे वहां बेहद विषम परिस्थितियों में रह रहे थे।
जहाज के मुख्य अधिकारी कोच्चि के शानू जोसेफ, वीर इदुन और वी विजिथ शनिवार को घर पहुंचे। इन तीनों नाविकों ने मीडियाकर्मियों से बताया कि वहां उन्हें जबरन टॉयलेट का पानी पीने को मजबूर किया जाता था।

आपको बता दें कि इन सभी भारतीयों को 12 अगस्त 2022 को हिरासत में लिया गया था। सबसे पहले इन्हें पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी के नौसेना कर्मियों ने कच्चे तेल की चोरी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ऐसा माना गया था कि इन्हें नाइजीरिया के इशारे पर गिरफ्तार किया गया था।
इन सैनिकों को पकड़ने के लगभग 3 महीने बाद गिनी नौसेना ने इन नाविकों को नाइजीरिया को सौंप दिया था। गिरफ्तार किए गए 26 लोगों में से 16 भारतीय नाविक थे। इसके अलावा क्रू मेंबर में 6 श्रीलंका, फिलीपींस, पोलैंड के एक-एक और दो अन्य मेंबर बंधक थे।
जहाज की नॉर्वे स्थित कंपनी ने इन सभी क्रूमेंबर को वापस लौटाने के लिए सरकार को फिरौती के रूप में 20 लाख अमेरिकी डॉलर देने की पेशकश की थी लेकिन गिनी नौसेना ने इससे साफ इंकार कर दिया। इसके बाद से ये सभी भारतीय नाविक लंबे समय से वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की अपील कर रहे थे।
भारत सरकार के साथ-साथ कई अन्य एजेंसियों ने मामले में हस्तक्षेप किया और नाविकों की रिहाई सुनिश्चित की। भारत सरकार के अधिकारियों की लंबी बातचीत के बाद, चालक दल के खिलाफ सभी आरोप हटा दिए गए और जुर्माना भरने के बाद जहाज को 27 मई को रिहा कर दिया गया।
नाविकों ने कहा कि उन्हें कैद में बहुत अधिक कष्ट उठाना पड़ा और उनमें से कई मलेरिया बुखार के कारण बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
भारत लौटने वाले नाविकों ने सरकार का शुक्रिया अदा किया है। नाविकों में से एक ने कहा कि उन्होंने उम्मीद खो दी थी। उन्हें परिवार और दोस्तों को फिर से देखने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन भारत सरकार की वजह से यह संभव हुआ।
नाविकों ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि उनका जीवन अब यहीं नाइजीरिया में समाप्त हो जाएगा। नाविक वी विजिथ ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि भारत सरकार ने इस मामले में बहुत जबरदस्त प्रयास किया और उन्होंने जल्द से जल्द सभी नाविकों को रिहा कराने का शानदार काम किया।












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