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मेडिकल जगत के लिए महाक्रांति, दवा से किया गया कैंसर पीड़ित महिला का सफल इलाज, डॉक्टरों में जश्न

कैंसर जैसी घातक बीमारी को मात देने वाली महिला ने कहा कि, 'शुरूआती कैंसर इलाज के बाद इसमें सुधार दिखा था, लेकिन ये फिर से काफी घातक बनकर लौट आया'।

लंदन, जुलाई 05: कैंसर बीमारी, जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है और जिसका इलाज खोजने के लिए दुनियाभर के डॉक्टर पिछले कई सालों से लगातार माथापच्ची कर रहे हैं, अब उस कैंसर का इलाज खोजने की तरफ दुनिया बढ़ रही है और ब्रिटेन में डॉक्टरों ने महाचमत्कार करते हुए कैंसर पीड़ित भारतीय महिला को दवाओं से ही पूरी तरह से ठीक कर दिया है।

गंभीर बीमार थी महिला

गंभीर बीमार थी महिला

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मूल की एक महिला का लंदन में डॉक्टरों ने दवा से इलाज कर चमत्कार कर दिया है और ये मेडिकल जगत के लिए किसी क्रांति से कम नहीं है, क्योंकि अब तक यही देखा गया है, कि कई ऑपरेशन के बाद भी कैंसर बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं होती है और ज्यादातर मामलों में लोगों की जान ले लेती है। भारतीय मूल की महिला को डॉक्टरों ने दो साल पहले कैंसर होने की बात कही थी, लेकिन सोमवार को जब डॉक्टरों ने कहा, कि उसके अंदर से कैंसर का विषाणु खत्म हो चुका है और वो पूरी तरह से ठीक हो गई है, उसके बाद से महिला जश्न मना रही है। (फोटो क्रेडिट- Christie NHS Foundation Trust)

ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही थी महिला

ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही थी महिला

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मूल की इस महिला का नाम जैस्मिन डेविड है और वो ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में रहती है और उसकी उम्र 51 साल है। दो साल पहले उसे पता चला था, कि वो स्तन कैंसर से पीड़ित है, जिसके बाद से लगातार उसका इलाज चल रहा था। सोमवार को डॉक्टरों ने उसका फिर से टेस्टकिया था ब्रिटेन के एक अस्पताल में क्लिनिकल परीक्षण के बाद स्तन कैंसर का कोई सबूत नहीं दिखा रहा है। जिसके बाद महिला जैस्मिन डेविड अब सफल राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) परीक्षण के बाद सितंबर में अपनी 25वीं शादी की सालगिरह मनाने के लिए उत्सुक हैं। एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर रिसर्च (एनआईएचआर) मैनचेस्टर क्लिनिकल रिसर्च फैसिलिटी (सीआरएफ) में पीड़ित महिला डेविड का पिछले दो सालों से इलाज चल रहा था।

कौन-कौन सी दवा दी गई?

कौन-कौन सी दवा दी गई?

अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, दो साल तक चले इलाज के दौरान पीड़ित महिला के ऊपर कैंसर की बनाई गई दवा एटेज़ोलिज़ुमाब, जो एक इम्यूनोथेरेपी दवा है और जिसे इंसानी शरीर में नसों के जरिए इंजेक्ट किया जाता है, उसे दिया जा रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला को हर दिन में इस दवा का डोज दिया जा रहा था। दरअसल, ब्रिटेन में कैंसर दवा का ड्रग ट्रायल चल रहा है और इस दवा का अमेरिका में भी 12 मरीजों पर पिछले महीने ही ट्रायल किया गया था और उन मरीजों में भी कैंसर के विषाणु नहीं मिले, लिहाजा इस दवा को लेकर पूरी दुनिया के लोगों में गहरी उत्सुकता है, खासकर डॉक्टरों में। वहीं, इलाज के बाद ठीक हो गई भारतीय मूल की महिला ने कहा कि, उसे पहले कुछ महीने दिए गये थे, लेकिन अब वो अपनी शादी की 25वीं सालगिरह मनाने के लिए उत्सुक है। (DEMO PIC)

 ठीक होने वाली महिला ने क्या कहा?

ठीक होने वाली महिला ने क्या कहा?

कैंसर जैसी घातक बीमारी को मात देने वाली महिला ने कहा कि, 'शुरूआती कैंसर इलाज के बाद इसमें सुधार दिखा था, लेकिन ये फिर से काफी घातक बनकर लौट आया'। उन्होंने कहा कि, "जब मुझे परीक्षण की पेशकश की गई, तो मुझे नहीं पता था कि यह मेरे लिए काम करेगा या नहीं, लेकिन मैंने सोचा कि कम से कम मैं दूसरों की मदद करने और अगली पीढ़ी के लिए अपने शरीर का उपयोग करने के लिए कुछ कर सकती हूं'। उन्होंने कहा कि, 'शुरूआत में इसके काफी गंभीर लक्षण दिख रहे थे, जैसे भीषण सर दर्द, काफी तेज बुखार... इसीलिए बार बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ता था, लेकिन फिर धीरे धीरे शरीर ने रिस्पॉंस करना शुरू कर दिया और दवा असर करने लगी'। (DEMO PIC)

दिसंबर 2023 तक चलेगा इलाज

दिसंबर 2023 तक चलेगा इलाज

पिछले साल जून में जब महिला का स्कैन किया गया, तो उसके ब्रेस्ट में कैंसर की कोई कोशिका नहीं मिली थी, लेकिन अब डॉक्टरों ने उसे कैंसर फ्री घोषित कर दिया है। हालांकि, महिला का इलाज दिसंबर 2023 तक चलेगा, लेकिन अब उसके शरीर में कैंसर के कोई भी लक्षण नहीं हैं। मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और मैनचेस्टर सीआरएफ के नैदानिक ​​निदेशक प्रोफेसर फियोना थिस्टलेथवेट ने कहा कि, 'हम वास्तव में खुश हैं कि जैस्मीन का इतना अच्छा परिणाम रहा है। क्रिस्टी में हम लगातार नई दवाओं और उपचारों का परीक्षण कर रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि क्या वे अधिक लोगों को लाभान्वित कर सकते हैं। वहीं, मेडिकल जगत के लिए ये एक काफी ज्यादा पॉजिटिव खबर है, क्योंकि बिना किसी ऑपरेशन या बिना किसी स्पेशल ट्रीटमेंट के, सिर्फ दवाओं के जरिए ही महिला के कैंसर का इलाज कर दिया गया है, जो दूसरे मरीजों के लिए एक शुभसंकेत है।

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