चीन से MBBS कर रहे हैं तो हो जाए सावधान! प्रैक्टिस लाइसेंस नहीं होने पर FMGE मान्यता नहीं
बीजिंग में भारतीय दूतावास ने आगे कहा कि छात्रों और उनके परिजनों को गजट नोटिफिकेशन देखना चाहिए। दूतावास ने सवालों का जवाब देते हुए कहा...
चीन (China) में मेडिकल की पढ़ाई करने वालों के लिए एक बड़ी महत्वपूर्ण खबर है। बीजिंग में भारतीय दूतावास ने कहा है कि जिन छात्रों ने नवंबर 2021 के बाद चीन में क्लिनिकल मेडिसिन प्रोग्राम में शामिल हुए हैं लेकिन चीन में मेडिकल डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने का लाइसेंस नहीं लिया है, उन्हें मेडिकल ग्रेजुएट परीक्षा (FMGE) के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। बयान में कहा गया कि दूतावास को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) द्वारा चीन में आयोजित क्वालिफाइंग एग्जाम की पात्रता को लेकर छात्रों और उनके परिजनों के लगातार सवाल मिल रहे हैं।

18 नवंबर 2021 का नोटिफिकेशन देखें
दूतावास ने अपने बयान में इन्हीं सवालों का जवाब दिया है। भारतीय दूतावास ने आगे कहा कि छात्रों और उनके परिजनो से एनएमसी का 18 नवंबर 2021 को जारी नोटिफिकेशन देखने का निवेदन किया जाता है।

प्रैक्टिस
बीजिंग में भारतीय दूतावास ने आगे कहा कि छात्रों और उनके परिजनों को गजट नोटिफिकेशन देखना चाहिए। दूतावास ने सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'एनएमसी ने क्लॉज 4(बी) में स्पष्ट रूप से कहा है कि विदेशी मेडिकल छात्रों को संबंधित प्रोफेशनल्स रेगुलेटरी बॉडी के साथ रजिस्टर्ड होना चाहिए।' बयान में आगे कहा गया कि जिस देश में छात्रों को मेडिकल की डिग्री दी गई है। वहां पर वे मेडिकल प्रैक्टिस के लिए लाइसेंस हासिल कर सकते हैं।

किन छात्रों को स्नातक परीक्षा में बैठने के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा
दूतावास ने स्पष्ट कर दिया कि अगर कोई भी मेडिकल छात्र नवंबर 2021 के बाद चीन में क्लिनिकल मेडिसिन प्रोग्राम में शामिल होता है और उसे एक डॉक्टर को रूप में प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंस प्राप्त नहीं होता है तो वो चिकित्सक स्नातक परीक्षा (FMGE-Foreign Medical Graduate Examination) में बैठने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।












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