पति के साथ भारतीय महिला कर रही थी वीडियो कॉल पर बात, अचानक हमास ने कर दिया हमला.. जानें फिर क्या हुआ?

Israel-Palestine Attack: इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष के बीच हमास के हमले में कई विदेशी नागरिक घायल हुए हैं और नेपाल के 10 छात्रों को हमास के आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया। वहीं, हमास के हमले में एक भारतीय केयरकेटर महिला भी घायल हुई हैं, जो हमास के हमले के वक्त अपने पति से वीडियो कॉल पर बात कर रही थीं।

शनिवार को इजराइल के दक्षिणी भाग के एक तटीय शहर अश्कलोन में हवाई हमले में इज़राइल में रहने वाली एक भारतीय देखभालकर्ता घायल हो गई। इस देखभालकर्ता का नाम शीजा आनंद हैं, जो केरल के कन्नूर की रहने वाली हैं और उनके परिवार ने बताया है, कि वो हमास के हमले में घायल हुई हैं।

Ashkelon hamas attacks

41 साल की शीजा आनंद, पिछले सात सालों से इजराइल में रह रही हैं और शनिवार दोपहर, जब हमास ने अचानक हमला किया था, उस वक्त वो अपने परिवार के साथ वीडियो कॉल पर बात कर रही थीं और हमास की गोलाबारी की चपेट में आ गईं।

हमास के हमले में घायल हुईं भारतीय महिला

शीजा की बहन शिजी ने कहा, कि "यह घटना तब हुई, जब वह अपने पति आनंद को वीडियो कॉल कर रही थी। कॉल के दौरान उन्होंने खुद ही हमले के खतरे का संकेत दिया था। तब आनंद ने उन्हें सावधान रहने को कहा। लेकिन, उसी वक्त उनके पीछे से डरावनी और गोलीबारी की आवाजें आनी शुरू हो गई और वीडियो कॉल डिस्कनेक्ट हो गया।"

शिजी ने कहा, कि "वीडियो कॉल कटने के बाद पूरा परिवार घबरा गया और बार बार कॉल करने के बाद भी उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। बाद में हमें इज़राइल में उसके सहयोगियों से पता चला, कि वह मिसाइल हमले में घायल हो गई थीं।"

शिजी ने कहा, "रविवार देर रात, हमें उसके सहकर्मियों से पता चला, कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में ट्रांसफर किया जा रहा है। लेकिन हमें अभी और जानकारी नहीं मिली है।"

इजराइल में हजारों भारतीय

हजारों भारतीय, जिनमें से कई केरल से हैं, इज़राइल में बुजुर्गों की देखभाल करने वाले के रूप में काम करते हैं। पय्यावूर की मूल निवासी शीजा पिछले सात वर्षों से इज़राइल में हैं और डेढ़ साल पहले छुट्टियों के लिए केरल अपने घर आईं थीं।

इजराइल में बढ़ते तनाव ने केरल में पैनिक बटन दबा दिया है। विदेशी केरलवासियों के कल्याण के लिए केरल सरकार के अधीन एजेंसी, नोर्का रूट्स के पास इज़राइल में काम करने वाले केरलवासियों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक डेटा नहीं है।

इन देखभालकर्ताओं, जिनमें पुरूष और महिलाएं दोनों शामिल होते हैं, उनके परिवारों के लिए राहत की बात यह है, कि वे मुख्य रूप से सुरक्षा बंकरों वाले घरों तक ही सीमित हैं। हालांकि, कई देखभालकर्ताओं ने युद्ध लंबा खिंचने पर आपूर्ति और प्रावधानों को लेकर चिंता जताई है।

नोर्का सूत्रों ने कहा, कि "इज़राइल में काम करने वाले केवल 500 लोगों ने ही अब तक नोर्का रूट्स के साथ रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक, हमारे पास इज़राइल से कोई संकटपूर्ण कॉल नहीं है, लेकिन प्रवासियों को स्थानीय सरकार द्वारा जारी सलाह का पालन करने के लिए कहा गया है।"

आपको बता दें, कि इससे पहले मई 2021 में केरल की रहने वालीं 32 साल की सौम्या संतोष, गाजा से हुई गोलाबारी के बाद इज़राइल में मारी गईं थीं। वह इजरायली शहर अश्कलोन में एक देखभालकर्ता के रूप में काम करती थीं। केरल के इडुक्की में अपने पति के साथ वीडियो कॉल के दौरान वह गोलाबारी की चपेट में आ गईं थीं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+