अमेरिका में NRI शख्स ने 7 हजार से अधिक लोगों को लगाया चूना, भारत में बैठे-बैठे किया एक अरब का फ्रॉड
अमेरिका में एक घोटाले की खूब चर्चा हो रही है। एक भारतीय अमेरिकी शख्स ने 7 हजार से अधिक लोगों को झांसा दिया है। इसमें मुख्य रूप से छोटे व्यवसाय के मालिक और बुजुर्ग शामिल थे।
इस घोटाले का मुख्य आरोपी मनोज यादव नाम का शख्स है जिसे गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है। एक करोड़ डॉलर से ज्यादा की जालसाजी के मामले में उसे आरोपी बनाया गया है।

40 वर्षीय मनोज को एक तकनीकी सहायता कंपनी के घोटाले में शामिल होने आरोप में न्यू जर्सी से गिरफ्तार किया गया है। मनोज एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता था, उसपर आरोप है कि उसने और उसके साथियों ने कंपनी के ग्राहकों को ठगा है।
FBI ने मनोज पर आरोप लगाया है कि उसने साथियों संग मिलकर सॉफ्टवेयर कंपनी का नाम लेकर लोगों से भारी मात्रा में पैसे वसूले। ये घोटाला 2017 से 2023 तक चलता रहा। मनोज यादव और उनके कई साथी ये काम भारत से करते थे।
इस दौरान वे खुद को एक अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी का कर्मचारी बताते थे और उनके क्लाइंट से सॉफ्टवेयर में सुधार, गड़बड़ी को ठीक करने का पैसा लेते थे। जबकि कंपनी इन सुविधाओं को मुफ्त में देती है। यादव ने धोखाधड़ी से ये धनराशि Phebs Software Services, LLC के माध्यम से प्राप्त की, जिसे यादव ने स्वयं बनाया था।
एफबीआई के विशेष प्रभारी एजेंट जेम्स ई. डेनेही ने कहा, "हमारा आरोप है कि यादव ने सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं से झूठ बोला और उन्हें उन सेवाओं के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर किया जो आमतौर पर उनकी प्रारंभिक खरीद पर मुफ्त मिलती थीं।"
डेनेही ने आगे कहा, "उसपर अपने पीड़ितों से जितनी रकम ठगी करने का आरोप लगाया है और पीड़ितों की जितनी संख्या है, वह चौंकाने वाली लगती है। हालांकि, हम सभी तरह के तकनीकी सहायता घोटालों में अविश्वसनीय रूप से तेजी देख रहे हैं।
धोखेबाज लोगों से पैसे ऐंठने में काफी कुशल होते हैं, यहां तक कि हममें से वे लोग भी जो सोचते हैं कि हम इतने चालाक हैं कि इसके झांसे में नहीं आएंगे वे भी इनके झांसे में आ जाते हैं। यदि आपको लगता है कि आप पीड़ित हैं, तो कृपया एफबीआई से संपर्क करें।"
इस घटना को लेकर सॉफ्टवेयर कंपनी ने कहा कि वे किसी भी सर्विस का पैसा नहीं लेते हैं। कंपनी ने साफ कहा कि मनोज यादव या किसी भी व्यक्ति को हमने अपनी तरफ से अथॉरिटी भी नहीं दी थी।
इस मामले में आरोपी मनोज यादव नेवार्क संघीय अदालत में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज जोसे आर अलमोंटे के समक्ष पेश हुआ। इन आरोपो में अधिकतम 20 साल की जेल और 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना प्रावधान है।












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