टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका में तकरार जारी, US ट्रेड टीम ने रद्द किया भारत दौरा, 25 से 29 अगस्त तक होनी थी बैठक
India-US Bilateral Trade Agreement: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर होने वाली अहम बैठक अब टल गई है। 25 से 29 अगस्त तक नई दिल्ली में होने वाले छठे दौर की वार्ता के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा तय था, लेकिन अब इसे आगे के लिए स्थगित कर दिया गया है।
यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया है और कृषि एवं डेयरी सेक्टर में बाजार पहुंच की मांग पर अड़ा है। वहीं भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।

अब तक पांच दौर की बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच अब तक पाँच दौर की वार्ता हो चुकी है। छठे दौर के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का भारत आना तय था। लेकिन अब बैठक टलने से संकेत मिलता है कि वार्ता को लेकर सहमति बनाना अभी भी मुश्किल बना हुआ है।
कृषि क्षेत्र पर अटका मामला
भारत-अमेरिका वार्ता की सबसे बड़ी पेच कृषि क्षेत्र में ही फंसी है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार को कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए और अधिक खोले, लेकिन भारत इसे लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। नई दिल्ली का कहना है कि छोटे और सीमांत किसानों तथा पशुपालकों के हितों पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। इस बीच, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% आयात शुल्क लगाकर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि किसानों की सुरक्षा ही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
2030 तक 500 अरब डॉलर व्यापार
भारत और अमेरिका ने लक्ष्य तय किया है कि द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाइयों पर ले जाया जाएगा। प्रस्तावित व्यापार समझौते (BTA) का पहला चरण 2025 की शरद ऋतु, यानी सितंबर-अक्टूबर तक पूरा करने की योजना है। फिलहाल दोनों देशों के बीच 191 अरब डॉलर का व्यापार होता है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुँचाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। यह समझौता न केवल व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देगा, बल्कि निवेश, तकनीक और रोज़गार के नए अवसर भी खोलेगा।
ट्रंप का भारत पर टैरिफ वार
भारत से अमेरिका को जाने वाले सामान पर 25% आयात शुल्क 7 अगस्त से लागू हो चुका है। यह कदम अमेरिकी प्रशासन द्वारा घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने और भारतीय उत्पादों पर निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। लेकिन विवाद यहीं नहीं थमा। रूस से कच्चा तेल और रक्षा उपकरण खरीदने के फैसले को लेकर अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25% पेनल्टी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। यह नया शुल्क 27 अगस्त से लागू होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से भारत के निर्यातकों पर भारी दबाव पड़ेगा और खासकर टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, जेम्स-ज्वेलरी और फार्मा जैसे सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। दूसरी ओर, भारत सरकार का कहना है कि ये टैरिफ वैश्विक व्यापार नियमों और पारस्परिक संबंधों के खिलाफ हैं। ऐसे हालात में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का रास्ता और कठिन होता दिख रहा है।
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