पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में डालने का भारत और अमेरिका ने किया स्‍वागत, लिस्‍ट में आने वाला नौंवा देश पाक

। भारत और अमेरिका दोनों ने ही फाइनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (एफएटीएफ) के उस कदम का स्‍वागत किया है जिसमें पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में शामिल करने का फैसला किया है। पाकिस्‍तान को फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई एक मीटिंग के बाद इस लिस्‍ट में शामिल करने का फैसला किया गया था।

वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका दोनों ने ही फाइनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (एफएटीएफ) के उस कदम का स्‍वागत किया है जिसमें पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में शामिल करने का फैसला किया है। पाकिस्‍तान को फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई एक मीटिंग के बाद इस लिस्‍ट में शामिल करने का फैसला किया गया था। पाकिस्‍तान अपनी सरजमीं पर आतंकवाद को रोकने और आतंकियों को होने वाली आर्थिक मदद पर नियंत्रण लगाने में असफल रहा। इस वजह से ही उसे इस लिस्‍ट में डाला गया है।

बचने की कोशिश कर रहा था पाक

बचने की कोशिश कर रहा था पाक

एफएटीएफ ने बुधवार को पाकिस्‍तान को इस लिस्‍ट में डाला है। पाकिस्‍तान अभी तक इस लिस्‍ट से बचने की कोशिश करता आया था। पाकिस्‍तान ने उस 26 प्‍वाइंट के एक्‍शन प्‍लान पर काम करने की रजामंदी दी थी जिसे इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्‍यू ग्रुप (आईसीआरजी) की ओर से तैयार किया गया था। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से इस लिस्‍ट पर एक बयान भी जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि भारत, पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में डालने वाले एफएटीएफ के फैसले का स्‍वागत करता है। एफएटीएफ एक सरकारी संस्‍था है जिसकी शुरुआत साल 1989 में की गई थी। इसका मकसद मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकियों को होने वाली आर्थिक मदद पर लगाम लगाना है।

अब तो कार्रवाई करे पाक

अब तो कार्रवाई करे पाक

विदेश मंत्रालय ने लिस्‍ट पर कहा कि पाकिस्‍तान ने अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर राजनीतिक वचनबद्धता जाहिर की थी कि वह एफएटीएफ के मानकों को लागू करके सभी चिंताओं को दूर करने की कोशिश करेगा। साथ ही मनी-लॉन्ड्रिंग और आतंकी संगठनों की आर्थिक मदद रोकने का भी वादा किया था। भारत का कहना है कि अब वह उम्‍मीद करता है कि पाकिस्‍तान अपने वादे को पूरा करेगा और आतंकियों पर लगाम लगाएगा।

अमेरिका ने कहा और कड़े कदम उठाए पाक

अमेरिका ने कहा और कड़े कदम उठाए पाक

एक अमेरिकी अधिकारी की ओर से कहा गया है कि एफएटीएफ की ओर से लगातार इस बात को उठाया गया था कि पाकिस्‍तान ने काउंटर टेररिज्‍म को लेकर जो कदम उठाए हैं उसमें कई खामियां हैं। साथ ही उसने यूनाइटेड नेशंस की ओर से जिन संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया गया है, उन पर भी आर्थिक नियंत्रण लगाने में असफल रहा था। अमेरिका ने इसके साथ ही कहा है कि पाकिस्‍तान को आतंकवाद के खिलाफ और कड़े कदम उठाने हैं।

श्रीलंका का नाम भी लिस्‍ट में

श्रीलंका का नाम भी लिस्‍ट में

इस लिस्‍ट में आने वाला पाकिस्‍तान नौंवा देश है। जो और देश ग्रे लिस्‍ट में शामिल हैं उनमें इथोपिया, सर्बिया, श्रीलंका, सीरिया, त्रिनिदाद और टोबैगो, ट्यूनीशिया और यमन शामिल हैं। एफएटीएफ की ब्‍लैक लिस्‍ट में आने से बचने के लिए पाकिस्‍तान को इस वर्ष जनवरी तक एक अपडेटेड लिस्‍ट रिलीज करनी थी। इसमें उन व्‍यक्तियों और संस्‍थाओं के नाम शामिल होने थे जिन्‍हें एंटी-टेररिज्‍म एक्‍ट और यूएन की ओर से आतंकी संगठन घोषित किया गया है।

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