पेंटागन के अधिकारी बोले, मिलिट्रीज की वजह से और पक्की हो रही है भारत-अमेरिका की दोस्ती
वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंध अपने सर्वोच्च स्तर पर हैं और द्विपक्षीय साझेदारी एक एतिहासिक अध्याय लिखने की तरफ बढ़ रही है। यह बात पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने कही है। भारत और अमेरिका के बीच पिछले वर्ष पहले 2+2 वार्ता का आयोजन हुआ और इसके अलावा दोनों देशों के बीच कॉमकासा पर भी साइन हुए हैं। इन दोनों ही घटनाक्रमों को दोनों देशों के बीच एक अहम मुकाम के तौर पर देखा जा रहा है। पेंटागन के टॉप कमांडर एडमिरल फिलिप्स डेविडसन ने सीनेट की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी में हो रही सुनवाई के दौरान भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बारे में कई जानकारियां दीं। यह भी पढ़ें-सितंबर में मिलेगा इंडियन एयरफोर्स को पहला राफेल जेट, लीबिया के युद्ध में तोड़ी थी गद्दाफी सेना की कमर

एक वर्ष में संबंधों में आई नई ऊंचाईयां
एडमिरल फिलिप्स डेविडसन यूएस इंडो-पैसेफिक कमांड (यूएसइंडोपैकॉम) के कमांडर हैं। उन्होंने सीनेट को बताया कि पिछले वर्ष सितंबर में दोनों देशों के बीच हुई पहली 2+2 वार्ता और कॉमकासा समझौते पर दस्तखत, अमेरिका और भारत के रिश्तों में एक अहम मुकाम बन गए थे। इन दोनों ही घटनाक्रमों ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाईयां दी हैं। भारत और अमेरिका के बीच पिछले वर्ष साइन हुआ कॉमकासा समझौता दोनों देशों की सेनाओं की पारस्परिकता और हाई टेक्नोलाॉजी की बिक्री को आगे बढ़ाएगा।

भारत को अमेरिका से मिले कई हथियार
डेविडसन ने बताया कि भारत के साथ रक्षा उपकरणों की बिक्री अपने सर्वोच्च स्तर पर है। अमेरिका से भारत ने पी-8 सर्विलांस एयरक्राफ्ट के अलावा, सी-17, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर्स, चिनुह मल्टीरोल हेलीकॉप्टर्स और एम777 हॉवित्जर तोपें हासिल की हैं। इसके अतिरिक्त भारत ने हाल ही में 2.1 बिलियन डॉलर की रकम से मल्टी रोल एमएच-60आर मल्टी रोल सी बेस्ड हेलीकॉप्टर्स की खरीद पर भी सहमति जताई है। डेविडसन ने सीनेट को यह भी बताया कि इंडो-पैसेफिक कमांड एफ-16 और F/A-18E फाइटर जेट्स की भारत को बिक्री का पूरी तरह से समर्थन करती है। इसके अलावा 12 से 15 पी-8I सर्विलांस एयरक्राफ्ट और सी गार्डियन ड्रोन की बिक्री में भी कोई आपत्ति नहीं है।

एक वर्ष में पांच बड़ी एक्सरसाइज
डेविडसन ने सीनेट को बताया पिछले एक वर्ष के अंदर अमेरिका और भारत की मिलिट्रीज के बीच पांच बड़ी एक्सरसाइज हुई हैं और 50 से ज्यादा मिलिट्री एक्सचेंज प्रोग्राम हुए हैं। इन सबके अलावा 2016 लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (लेमोआ) भी ऑपरेशनल हुआ है। उन्होंने बताया है कि लेमोआ के बाद यूएस नेवी को इंडियन नेवी के लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म की मदद से फिर से सप्लाई हासिल हो सकती है। डेविडसन ने यह भी बताया कि यूएस-इंडो पैसेफिक कमांड, इंडियन मिलिट्री के साथ मिलकर कॉमकासा को ऑपरेशनल करने के लिए काम कर रही है।

आगे भी ऐसी ही रहेगी दोस्ती
उन्होंने कहा, 'अमेरिका और भारत की रणनीतिक साझेदारी आगे भी इसी एतिहासिक गति से मजबूत होती रहेगी क्योंकि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और मिलिट्री शेयरिंग क्षमताओं को बढ़ाया जाता रहेगा।' यूएस-इंडोपैकॉम का मानना है कि अमेरिका और भारत के रिश्ते और चमकेंगे और साल 2019 भी द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक बेहतर संबंध होगा। एडमिरल डेविडसन ने इस बात पर जोर दिया किया कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्राकृतिक साझेदार हैं।












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