भारत सरकार ने अमेरिका से हथियारों की खरीद बंद कर दी? Reuters के दावे पर रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा
India US tariff dispute: भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते टैरिफ विवाद के बीच हथियार और विमान खरीद को लेकर नई हलचल मच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दावा किया था कि, भारत ने अमेरिका से रक्षा खरीद की अपनी योजना को रोक दिया है।
यह खबर ऐसे समय आई है, जब दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक मोर्चों पर तनाव लगातार बढ़ रहा है।हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
मंत्रालय का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा खरीद संबंधी वार्ता में कोई रुकावट नहीं आई है और विभिन्न परियोजनाएं तय प्रक्रिया के मुताबिक आगे बढ़ रही हैं। मंत्रालय ने रॉयटर्स की रिपोर्ट को 'झूठा और मनगढ़ंत' बताते हुए साफ किया कि टैरिफ विवाद का रक्षा खरीद पर कोई असर नहीं पड़ा है।
रॉयटर्स ने क्या कहा था?
रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत में असंतोष बढ़ा है। इस असंतोष के चलते केंद्र सरकार ने अमेरिका से नए हथियार और विमान खरीदने की योजना को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।
खबर में कहा गया कि इस फैसले की जानकारी तीन भारतीय अधिकारियों ने दी, जो मामले से सीधे तौर पर जुड़े हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप ने 6 अगस्त को भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर नाराजगी जताई थी और भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। इससे पहले ही लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को मिलाकर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया, जो किसी भी अमेरिकी व्यापारिक साझेदार के लिए सबसे ज्यादा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रंप ने भारत पर यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को आर्थिक मदद पहुंचाने का आरोप लगाया था।
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टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच जारी है टकराव
6 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह टैरिफ पहले से लागू 25% शुल्क के ऊपर जोड़ा गया, जिससे कुल दर 50% तक पहुंच गई जो किसी भी अमेरिकी व्यापारिक साझेदार के लिए अब तक की सबसे ऊंची दर है।
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि भारत रूसी तेल खरीदकर सीधे-सीधे मास्को के खजाने में पैसा डाल रहा है, और यही पैसा यूक्रेन पर रूस के सैन्य अभियान को जारी रखने में इस्तेमाल हो रहा है। उनके मुताबिक, भारत की यह नीति न केवल अमेरिका के आर्थिक हितों के खिलाफ है, बल्कि यह यूक्रेन संकट को और लंबा खींचने में योगदान दे रही है। ट्रंप के इस बयान ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को और बढ़ा दिया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया।












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