पाकिस्तान में वांटेड आतंकियों की हत्या को लेकर RAW पर इल्जाम, PAK के लीक रिपोर्ट पर आई भारत की प्रतिक्रिया

India-Pakistan: "लीक" हुई "पाकिस्तान की खुफिया रिपोर्ट" में दावा किया गया है, कि भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) पाकिस्तान की धरती पर वाटेंड आतंकवादियों को मारने के लिए पाकिस्तान में चल रहे अपराधियों और असंतुष्ट गुटों की मदद कर रही है। जिसपर भारत की तरफ से काफी सख्त प्रतिक्रिया दी गई है।

भारत ने पाकिस्तान के इस कथित लीक दस्तावेज को 'बकवास का पुलिंदा' करार दिया है। भारत ने कहा है, कि ये लीक 'बकवास के पुलिंदा' के अलावा कुछ और नहीं है। पश्चिमी ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म, "इंटरसेप्ट" द्वारा प्रकाशित पाकिस्तान की "लीक" खुफिया रिपोर्ट पर नई दिल्ली के राजनयिकों की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया दी गई है।

India rejects pak intelligence report

भारत ने लीक को कहा झूठ का पुलिंदा

सनडे गार्जियन ने भारत के डिप्लोमेटिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है, कि भारतीय डिप्लोमेट्स इस लीक को, पिछले एक दशक से पाकिस्तान और चीन सहित अन्य विदेशी देशों में अति-सक्रिय भारत विरोधी तत्व, भारत को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश के हिस्से के रूप में देख रहे हैं। एक राजनयिक सूत्र ने द संडे गार्डियन को बताया, कि "रिपोर्ट पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा लीक की गई है, जिस पर किसी भी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है।"

भारतीय राजनयिकों का कहना है, कि पूरी दुनिया जानती है कि इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दिया है। एक सूत्र ने कहा, "यह वही एजेंसी है, जिसने ओसामा बिन लादेन को पनाह दी थी और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों से लड़ने के लिए तालिबान को सुरक्षित पनाहगाह दी थी।"

इसके अलावा, यह आईएसआई है, जो चीनियों के साथ मिली हुई है और जो कुख्यात खालिस्तानी आतंकवादियों को पाकिस्तान में पनाह दे रही है।

एक राजनयिक अधिकारी ने अखबार को बताया, कि यह स्थापित करने के लिए बहुत सारे सबूत हैं, कि कैसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र से भारत के खिलाफ किए गए सभी आतंकी कृत्यों के पीछे रही है।

भारतीय डिप्लोमेट ने कहा, कि "इस पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी द्वारा लीक की गई रिपोर्ट कैसे विश्वसनीय हो सकती है।" अधिकारी ने कहा, कि "यहां तक कि अमेरिका के पास भी इस बारे में पर्याप्त जानकारी है, कि कैसे आईएसआई ने नई दिल्ली और ओटावा के बीच संबंधों को तनावपूर्ण बनाने के लिए कनाडा में आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी।"

आपको बता दें, कि ऐसी खबरें भी हैं, कि निज्जर की हत्या के लिए आईएसआई ने अपराधियों को भाड़े पर लिया था, ताकि भारत-कनाडा के संबंध खराब होने के साथ साथ भारत की प्रतिष्ठा को भी धूमिल किया जा सके। इसके अलावा, विभिन्न यूरोपीय देशों और अमेरिका के खुफिया इनपुट से पता चला है, कि चीन-पाक गठजोड़ के परिणामस्वरूप कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों को तेज करने के लिए धन उपलब्ध कराया गया है।

सूत्रों का कहना है, कि पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के साथ इनपुट साझा किए गए हैं, जिससे पता चला है, कि पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी ने चीन के समर्थन से भारत विरोधी गतिविधियों को तेज करने के लिए कुछ शीर्ष खालिस्तानी नेताओं को धन मुहैया कराया था।

भारतीय यहां के राजनयिकों का मानना है, कि आईएसआई ने इस लीक रिपोर्ट को पूरे क्षेत्र में अपने कुकर्मों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने के मकसद से पाकिस्तानी मीडिया में पेश किया है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी तंत्र के भीतर कुछ भारतीय विरोधी तत्व भी सक्रिय हैं, जिनकी अपनी लॉबी है और वे पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी और कनाडा और चीन जैसे अन्य विदेशी देशों में भारत के खिलाफ काम करने वाले अन्य तत्वों को अपना समर्थन दे रहे हैं।

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