मालदीव संकट: चीन ने दी धमकी, कहा मालदीव से दूर रहे भारत, विपक्ष ने की है भारत से हस्तक्षेप की मांग
चीन ने भारत को धमकी दी है कि उसे मालदीव से दूर रहना होगा। चीन की तरफ से यह धमकी यहां के सरकार अखबार ग्लोबल टाइम्स में लिखे एक आर्टिकल के जरिए आई है। मालदीव इन दिनों राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने देश में 15 दिनों के आपातकाल का ऐलान किया है।
चीन ने भारत को धमकी दी है कि उसे मालदीव से दूर रहना होगा। चीन की तरफ से यह धमकी यहां के सरकार अखबार ग्लोबल टाइम्स में लिखे एक आर्टिकल के जरिए आई है। मालदीव इन दिनों राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने देश में 15 दिनों के आपातकाल का ऐलान किया है। वहीं दूसरी तरफ मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति और विपक्ष ने भारत से मांग की है कि उसे यहां पर अपनी सेना और दूत भेजने चाहिए।

भारत को नहीं हस्तक्षेप का अधिकार
चीन की ओर से जो प्रतिक्रिया आई है, उससे साफ है कि चीन नहीं चाहता है कि भारत यहां के हालातों में हस्तक्षेप करे। भारत पहले ही कह चुका है कि मालदीव के हालातों से वह चिंतित है। भारत की ओर से कहा गया है कि जजों और कई राजनीतिक हस्तियों की गिरफ्तारी बड़ी चिंता का विषय है। ग्लोबल टाइम्स में छपे एडीटोरियल में कहा गया है कि भारत के पास मालदीव में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। राजनीतिक संघर्ष अंदरुनी मसला होते हैं और ऐसे में भारत को किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। एडीटोरियल की मानें तो मालदीव का शासन भी काफी दबाव में है। यह एडीटोरियल ऐसे समय पर आया है जब कई विपक्षी नेता चीन को राजनीतिक संकट के लिए दोषी ठहरा रहे हैं। कई नेताओं का कहना है कि राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन चीन की ओर से हासिल समर्थन के बाद कई कानूनों को ताक पर रख दिया है।
विपक्ष ने की हस्तक्षेप की मांग
मालदीव में राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने जब से 15 दिनों तक आपातकाल का ऐलान किया, हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अब यहां के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद जो विपक्ष के एक अहम नेता हैं, उन्होंने भारत से अपील की है कि भारत को यहां पर अपनी सेना और दूत भेजने होंगे। भारत ने भी मालदीव के हालातों पर चिंता जताई है लेकिन वह वहां के हालातों में हस्तक्षेप करेगा, इस बारे में अभी तक कुछ भी नहीं कहा गया है। दूसरी तरफ मालदीव के सुप्रीम कोर्ट ने नौ राजनीतिक कैदियों को रिहा करने वाला अपना आदेश वापस ले लिया है। दिलचस्प बात है कि इन नौ कैदियों में नशीद का नाम भी शामिल है।












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