भारत ने मारे ऑपरेशन सिंदूर में 150 PAK सैनिक! पाकिस्तानी जवानों की लिस्ट आई सामने, एक गलती से खुला राज
जंग के मैदान में मिली करारी शिकस्त को छिपाने की कोशिश करने वाला पाकिस्तान एक बार फिर एक्सपोज हो गया है। समा टीवी पर आई एक रिपोर्ट ने पाकिस्तान के झूठ की परतें उधेड़ दीं। रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना को भारत ने ऐसा सबक सिखाया कि सैकड़ों सैनिक ढेर हो गए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन हताहतों की असली संख्या छिपाने की नाकाम कोशिश की, लेकिन वीरता पुरस्कारों की लिस्ट ने सच उगल दिया।
समा टीवी पर कुछ समय के लिए पब्लिश और तुरंत डिलीट की गई इस रिपोर्ट में पाकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा 'ऑपरेशन बुनयान उल मरसूस' (जो ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में दिया गया कोडनेम था) में दिए गए वीरता पुरस्कारों का ज़िक्र था। लेकिन ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि पुरस्कार लिस्ट में कम से कम 155 सैनिकों के नामों के साथ 'शहीद' शब्द जुड़ा हुआ था, यानी वे जंग में मारे गए थे।

146 इम्तियाजी असनाद, 45 तमगा-ए-बसालत, 5 तमगा-ए-जुर्रत
रिपोर्ट के अनुसार, 146 सैनिकों को इम्तियाजी असनाद (विशिष्ट सम्मान) दिया गया और सभी को 'शहीद' घोषित किया गया। इसके अलावा 45 सैनिकों को तमगा-ए-बसालत* (कर्तव्य के प्रति समर्पण) मिला, जिनमें 4 मरणोपरांत सम्मानित किए गए। यहां तक कि सितारा-ए-बसालत जैसे बड़े मेडल भी मरे हुए सैनिकों को दिए गए। सबसे बड़ा झटका यह रहा कि पाकिस्तान के वीर चक्र जैसे माने जाने वाले 5 तमगा-ए-जुर्रत में से 4 शहीद सैनिकों को दिए गए।
PAK की नापाक हरकत ने की कारगिल की याद ताजा
भारतीय जानकारों का मानना है कि यह घटना कारगिल युद्ध की याद दिलाती है, जब पाकिस्तान ने न सिर्फ अपने हताहतों की संख्या छिपाई थी बल्कि अपने सैनिकों के शव तक मैदान में छोड़ दिए थे। समा टीवी की रिपोर्ट को हड़बड़ी में हटाना इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान की रणनीति और सोच में दशकों बाद भी कोई बदलाव नहीं आया है।
PAK के लिए दशकों की सबसे बड़ी हार
अगर आंकड़े सही हैं, तो ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं के लिए दशकों में सबसे बड़ी हार साबित हुआ। भारतीय हमलों से पस्त पाकिस्तानी जनरल आज भी हार मानने की बजाय सैनिकों की कब्रों पर वीरता के मेडल सजाने में व्यस्त हैं।
'फिर हमला हुआ तो देंगे मुंहतोड़ जवाब', PM मोदी ने PAK को दी खुली चेतावनी
79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के वीर जवानों को सलाम किया। 15 अगस्त का दिन इसलिए भी और ज्यादा खास हो गया क्योंकि शुक्रवार को ही ऑपरेशन सिंदूर के 100 दिन भी पूरे हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है। 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आतंकियों ने जिस प्रकार का कत्ले आम किया। धर्म पूछकर लोगों को मारा। पूरा हिंदुस्तान गुस्से से भरा हुआ था। पूरा विश्व इस संहार से चौंक गया था। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है।'
आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन ने दोबारा कोई दुस्साहस किया, तो जवाब भारत की सेना अपने तरीके से देगी - अपने चुने हुए समय, स्थान और लक्ष्य के मुताबिक। उन्होंने कहा कि अब भारत किसी भी तरह के परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर कीमत पर मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।












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