फिलीपींस में एक और बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर सकता है भारत.. चीन के दुश्मन से दोस्ती बढ़ाती मोदी सरकार
India-Philippines Deal: फिलीपींस, जो दक्षिण चीन सागर में चीन का विरोधी रहा है, भारत ने उसके जरिए चीन को उसी की भाषा में जवाब दिया है, जैसी रणनीति चीन ने हिंद महासागर में अपनाया है। ब्रह्मोस मिसाइल बेचने के बाद भारत फिलीपींस में अरब डॉलर का नया कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर सकता है।
भारत और फिलीपींस अपने द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने की दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ाए हैं और भारत, फिलीपींस की राजधानी मनीला में हवाई अड्डे के पुनर्विकास परियोजना के लिए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के काफी करीब पहुंच गया है।

हालांकि, हाल के महीनों में दोनों देशों ने आपसी रक्षा संबंधों को काफी मजबूत बनाया है और रक्षा सहयोगों को लेकर कई तरह के समझौतों को अंजाम दिया है, लेकिन एयरपोर्ट डेलवपमेंट डील हासिल करने का मतलब ये हुआ, कि भारत दक्षिण चीन सागर में चीन के दुश्मन के घर में अपना पैर पसार रहा है। आपको बता दें, कि फिलीपींस पहले ही भारत से ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीद चुका है, जिसे वो चीन के साथ लगती अपनी समुद्री सीमा पर तैनात करने वाला है।
फिलीपींस में कौन सा एयरपोर्ट डेवलप करेगा भारत?
फिलीपींस की राजधानी मनीला में भारत की नजर जिस एयरपोर्ट के डेवलपमेंट पर है, उसका नाम निनॉय एक्विनो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (NAIA) है, जो वर्तमान में विश्व स्तर पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले हवाई अड्डों में से एक है। लिहाजा, फिलीपींस अपने हवाई अड्डे को अपग्रेड करना चाहता है, जो भारी भीड़ की समस्या, फ्लाइटों के संचालन में देरी और बुनियादी सुविधाओं में कमी से जूझ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलीपींस अब मनीला में अपने इस हवाई अड्डे के पुनर्विकास के लिए अनुबंध देने की कगार पर है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत का जीएमआर समूह ने अपनी बोली लगाई हुई है और इसके अलावा, तीन और निजी कंपनियां भी एयरपोर्ट के डेवलपमेंट करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की रेस में हैं।
पिछले साल अगस्त में फिलीपींस ने निनॉय एक्विनो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएआईए) को परेशान करने वाले पुराने परिचालन मुद्दों को संबोधित करने के लिए 3 अरब अमेरिकी डॉलर की पुनर्विकास परियोजना के लिए बोली शुरू की थी।
NAIA एयरपोर्ट, अपनी क्षमता से 50 प्रतिशत ज्यादा उड़ानों का संचालन करता है और पहले भी दो बार एयरपोर्ट को अपग्रेड करने की कोशिशें की गईं हैं, जो फेल हो गईं थीं। मनीला हवाईअड्डा परियोजना में वार्षिक यात्री क्षमता को लगभग दोगुना कर 62 मिलियन करना शामिल है और इसमें 10 साल के विस्तार की संभावना के साथ 15 साल का रियायत समझौता शामिल है।
फिलीपीन के परिवहन विभाग में योजना और परियोजना विकास के अवर सचिव टिमोथी जॉन ने कहा कि परियोजना के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे चार अंतरराष्ट्रीय संघों में से तीन को शॉर्टलिस्ट किया गया है और 15 फरवरी तक इस सौदे को अंजाम दे दिया जाएगा।
चीन से तनाव के बीच भारत-फिलीपींस संबंध
पिछले कुछ महीनों में दक्षिण चीन सागर में सेकेंड थॉमस शोल को लेकर फिलीपींस और चीन के बीच बार-बार टकराव हुआ है और इसने दोनों देशों के संबंध को काफी खराब कर दिया है। फिलीपींस ने इस द्वीप के उथले पानी में एक खराब जहाज सालों से रखा हुआ है और उस जहाज पर फिलीपींस के कई सैनिक रहते हैं। चीन इस जगह को खाली करना चाहता है, लेकिन फिलीपींस ऐसा करने के लिए तैयार नहीं है।
हाल ही में 11 फरवरी को, चीन तट रक्षक ने घोषणा की थी, कि उसने दक्षिण चीन सागर में हुआंगयान द्वीप के पास पानी में घुसपैठ करने के आरोपी फिलीपीन तट रक्षक जहाज को खदेड़ दिया है।
चीनी सेनाओं के साथ बार-बार होने वाली इन मुठभेड़ों को देखते हुए, फिलीपींस तेजी से दोस्त देशों के समर्थन पर निर्भर हो रहा है। भारत एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने में फिलीपींस के साथ साझा हित साझा करता है।
लिहाजा, भारत ने फिलीपींस के साथ कई बड़े समझौते किए हैं, जिसमें फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइलों की तीन बैटरी प्रदान करने का सौदा भी शामिल है।
इसके अलावा, अगस्त 2023 में भारत और फिलीपींस के तटरक्षक बलों ने दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। फिलीपींस के साथ रक्षा सहयोग को गहरा करके, नई दिल्ली मनीला की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाना चाहती है, खासकर दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच।
माना जा रहा है, कि हिंद महासागर में चीन की आक्रामकता के बीच भारत ने अब चीन को उसके कमजोर नस दक्षिण चीन सागर में घेरने की नीति तैयार की है और इसीलिए दक्षिण चीन सागर के देश वियतनाम, फिलीपींस, ब्रूनेई और इंडोनेशिया के साथ संबंधों को विस्तार देना शुरू कर दिया है। ये वो देश हैं, जो दक्षिण चीन सागर के अलग अलग क्षेत्रों पर अपना दावा करते हैं, मगर चीन इनके दावों को सिरे से खारिज करते हुए, पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना हक जताता है।












Click it and Unblock the Notifications