BRICS में PM मोदी, भारत को मक्खन लगाने की कोशिश... अमेरिका ने इंडिया को बताया सबसे महत्वपूर्ण देश
US Called india Most Important Country: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्नेलन में शिरकत करने दक्षिण अफ्रीका में हैं और इस दौरान चर्चा है, कि डॉलर को काउंटर करने के लिए ब्रिक्स मुद्रा का ऐलान हो सकता है, लेकिन इन सबके बीच अमेरिका ने भारत को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण देश बताया है।
भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने मंगलवार को कहा है, कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उन्हें बताया, कि भारत उनके लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण देश है। अमेरिकी राजदूत का ये बयान काफी अहम है और उस वक्त ये बयान आया है, जब चीन ब्रिक्स का विस्तार करना चाहता है और भारत का रूख ब्रिक्स के विस्तार के खिलाफ है।

'भारत दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण देश'
अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा, कि "उन्होंने (राष्ट्रपति बाइडेन) ने मुझे बताया, कि जब उन्होंने मुझसे यहां (भारत में) सेवा करने के लिए आने के लिए कहा, तो उन्होंने कहा था, यह मेरे लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण देश है, और मुझे लगता है, कि ये कुछ ऐसा है, जो किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमारे दोनों देशों के इतिहास में कभी नहीं कहा है।"
उन्होंने कहा, कि "अमेरिका में छह प्रतिशत करदाता भारतीय अमेरिकी हैं..."
अमेरिकी राजदूत ने कहा, कि "टेक्नोलॉजी से लेकर व्यापार तक, पर्यावरण से लेकर महिला सशक्तिकरण तक, छोटे व्यवसायों से लेकर अंतरिक्ष तक, हम कहते थे कि आकाश ही सीमा है, लेकिन अब जब हम अंतरिक्ष में एक साथ काम कर रहे हैं, तो आकाश भी हमारी सीमा नहीं है।"
उन्होंने कहा, कि "समुद्र तल से लेकर आकाश तक, अमेरिका और भारत भलाई के लिए एक शक्ति हैं और इस दुनिया को आगे बढ़ाने के लिए एक शक्तिशाली शक्ति हैं।"
भारत में अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने कहा, कि "वह अपने कैरियर के जूनियर सालों के दौरान बोधगया में रहने और बौद्ध अध्ययन कार्यक्रम करने के लिए भारत आना चाहते थे। लेकिन राजनीति आड़े आ गई।"
इससे पहले, शुक्रवार को गार्सेटी ने कहा, कि वह अपने कार्यकाल के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों को ऊपर उठाने के लिए उत्साहित हैं, क्योंकि उन्होंने भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में 100 अविश्वसनीय दिन पूरे कर लिए हैं।
क्या भारत को लगा रहा मक्खन?
अमेरिका की तरफ से भारत को उस वक्त दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण देश बताया गया है, जब दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है और चीन की कोशिश ब्रिक्स के विस्तार की है। चीन चाहता है, कि ब्रिक्स को G-7 और यूरोपीय संघ के सामने एक चुनौती की तरह खड़ा कर सके।
रूस इस दौरान चीन के साथ ब्रिक्स के विस्तार का समर्थन कर रहा है और भारत ब्रिक्स विस्तार के खिलाफ है, वहीं भारत के साथ ब्राजील भी खड़ा है। ब्रिक्स के विस्तार को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है, कि शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की कोशिश, पश्चिमी देशों के खिलाफ एक ऐसे ब्लॉक का स्थापना करने की कोशिश है, जिससे वो अमेरिका को काउंटर कर सके।












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