'भारत तो हेल्पलाइन जैसा', PM मोदी पर टिप्पणी को लेकर अपनी ही सरकार पर खफा हुईं मालदीव की पू्र्व मंत्री
पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ मालदीव (Maldives) के सांसद की पोस्ट को लेकर मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया दीदी (Maria Ahmed Didi) ने अपने ही देश की सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से मालदीव के साथ हर परिस्थिति में खड़ा रहा। भारत की मदद से मालदीव ने कई अभियानों में सफलता पाई है।
मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया दीदी ने कहा कि मालदीव में कभी भी भारतीय सैनिकों नहीं रहे हैं। दीदी ने कहा कि मालदीव के साथ भारत का लंबा रिश्ता (India Maldives Bilateral Relations) रहा है और मालदीव की ये परंपरा रही है हम सदियों पुरानी परंपरा को कायम न रखने की कोशिश कर सकते हैं। पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री ने पीएम पर टिप्पणी को लेकर अपनी ही सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि मौजूदा मालदीव सरकार की अदूरदर्शी सोच को दर्शाती है।

रक्षा के लिए मौजूद रहे भारतीय सैनिक
मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी ने कहा कि मालदीव में पारंपरिक अर्थों में हमारे पास कभी भी (भारतीय) सैनिक नहीं थे। रक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में भारत ने हमें अपने लोगों को द्वीपों से माले तक लाने के लिए पूरी तरह से मानवीय आधार पर तकनीकी सहायता की पेशकश की है। मालदीव को जो उपकरण दिए गए थे वे हमेशा हमारी मदद के लिए, हमारे लोगों की मानवीय निकासी में सहायता करने के लिए मौजूद रहे हैं। जो हेलीकॉप्टर थे वहां वे पूरी तरह से एमएनडीएफ (मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल) की कमान और नियंत्रण में हैं।
भारत हमारे लिए 911 कॉल जैसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मालदीव के सांसद की पोस्ट को लेकर विवाद पर मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी ने अपने की देश की सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "भारत हमारे लिए 911 कॉल रहा है, जब भी हमें बचाव जरूरत होती है, हम कॉल करते हैं और भारत एक दोस्त की तरह हमारी मदद करता है। जब आप इस तरह के दोस्तों के बारे में ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं तो दुख होता है।"
'मालदीव सरकार की अदूरदर्शी सोच का परिणाम'
मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी ने कहा कि मौजूदा मालदीव सरकार की ओर से भारत के पीएम को लेकर इस तरह की सोच अदूरदर्शिता का परिणाम है। उन्होंने कहा, "वर्तमान सरकार की ओर से यह सोचना बहुत ही अदूरदर्शिता है कि हम वास्तव में सदियों पुरानी परंपरा को कायम न रखने की कोशिश कर सकते हैं भारत के साथ हमारा हमेशा से रिश्ता रहा है।...हम एक छोटे देश हैं जो मित्र हैं सब, लेकिन हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि हमारी सीमाएं भारत के साथ लगती हैं। हमारी सुरक्षा संबंधी चिंताएं समान हैं। भारत ने हमेशा हमारी मदद की है। वे रक्षा क्षेत्र में भी क्षमता निर्माण, हमें उपकरण मुहैया कराने और हमें और अधिक सक्षम बनाने की कोशिश में हमारी मदद कर रहे हैं। हम लोकतंत्र और मानवाधिकारों की दिशा में समान विचारधारा वाले हैं।"
भारत ने हमेशा की मदद
मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी ने कहा कि मालदीव में पारंपरिक रूप से कभी भी भारतीय सैनिक नहीं रहे। जब भी भारतीय सैनिक यहां आए एक रक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में आए या फिर मानवीय आधार पर तकनीकी सहायता की पेशकश के तहत भारतीय सैनिक भेजे गए हैं। पूर्व रक्षा मंत्री मारिया ने याद दिलाया कि भारत की ओर से मालदीव को जो उपकरण दिए गए थे, वे हमेशा हमारी मदद के लिए, हमारे लोगों की मानवीय निकासी में सहायता करने के लिए मौजूद रहे हैं।
भारतीय सैनिकों के मालदीव में रहने का सवाल ही नहीं
पूर्व रक्षा मंत्री मारिया ने कहा, "जो हेलीकॉप्टर थे वहां... वे पूरी तरह से एमएनडीएफ (मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल) की कमान और नियंत्रण में हैं। एमएनडीएफ उन्हें बताता है कि कब उड़ान भरनी है, कैसे उड़ान भरनी है और इसके बारे में क्या करना है। इसलिए भारतीय सैनिकों के यहां रहने का सवाल ही नहीं उठता या ऐसा कुछ भी। वे हमारी सरकार के अनुरोध पर हमारी मदद करने के लिए यहां आए हैं।"
उम्मीद है मित्रता रहेगी कायम: मारिया अहमद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मालदीव के सांसद की पोस्ट को लेकर विवाद पर मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी का कहना है, "मैं करीबी दोस्तों, पड़ोसियों के रूप में, वैश्विक समुदाय के हिस्से के रूप में सोचूंगी और हम अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को बनाए रखेंगे और मालदीव सरकार, सभी के साथ मित्रता की हमारी पारंपरिक विदेश नीति को बनाए रखेगी।












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