LCA Tejas, LCH Prachand.. चीन से भिड़ने की भारत की भयानक तैयारी, फाइटर जेट्स के लिए 14 अरब डॉलर, जानें प्लान
Indian Defence News: हालांकि, अभी तक भारत में बने स्वदेशी फाइटर जेट्स की बिक्री शुरू नहीं हुई है और ना ही भारतीय एयरक्राफ्ट के लिए कोई विदेशी ऑफर ही मिला है, लेकिन भारत सरकार लगातार हथियार बनाने के लिए स्वदेशी 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा दे रही है।
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत नीति के तहत लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' के बड़े ऑर्डर से बड़ा बढ़ावा मिला है। भारतीय रक्षा मंत्रालय कथित तौर पर ने सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए, खासकर उच्च ऊंचाई पर ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए 156 LCH प्रचंड की खरीद के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को प्रस्ताव के लिए अनुरोध (RFP) भेजा है।

LCH प्रचंड के लिए बहुत बड़ा ऑर्डर
भारत एक एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर भारतीय मीडिया से कहा है, कि नए हेलीकॉप्टरों की अनुमानित लागत करीब 50 हजार करोड़ रुपये (6 अरब डॉलर) है, जिसमें भारतीय थल सेना के लिए 90 और भारतीय एयरफोर्स के लिए 66 एलसीएच हेलीकॉप्टर खरीदे जाएंगे। भारत की डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता हासिल करने और हथियार प्रणालियों के स्वदेशी उत्पादन का विस्तार करने की कोशिश को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अब तक, HAL ने LCH प्रचंड की सिर्फ 15 इकाइयां बनाई हैं और फिलहाल HAL के पास सीमित उत्पादन क्षमता है, जिसके तहत इंडियन एयरफोर्स के लिए दस और सेना के लिए पांच यूनिट शामिल हैं। हालांकि, नए ऑर्डर के साथ, हेलीकॉप्टर का भारी संख्या में उत्पादन शुरू हो जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, 156 हेलीकॉप्टरों के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर होने के बाद HAL पांच से छह साल में इस ऑर्डर पूरा करने की योजना बना रहा है।
1999 में पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल संघर्ष के दौरान रूसी एमआई-25 और एमआई-35 के अप्रभावी साबित होने के बाद भारत ने इस हेलीकॉप्टर का डेवलपमेंट किया था। LCH प्रचंड का उत्पादन काफी महत्वपूर्ण है और भारत ने साल 2000 के बाद से एलसीएच प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था और अब उसको लेकर कामयाबी मिली है।

हालिया ऑर्डर से पता चलता है, कि भारतीय हथियार भंडार को इस अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर से भरा जाएगा, जो 288 मील प्रति घंटे की मैक्सिकम स्पीड, 500 किलोमीटर की लड़ाकू रेडियस और 21,000 फीट की ऊंचाई पर ऑपरेशन को अंजाम देने की क्षमता रखता है।
LCH शहरी और जंगल की परिस्थितियों में आतंकवाद विरोधी अभियानों, उच्च ऊंचाई वाले बंकरों को नष्ट करने, दुश्मन की हवाई सुरक्षा को नष्ट करने और जमीनी बलों का समर्थन करने सहित कई तरह के ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है। यह दूर से संचालित विमानों और धीमी गति से चलने वाले विमानों को भी निशाना बनाकर नष्ट कर सकता है।
लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, कि यह भारत की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' नीतियों के स्वदेशीकरण का आह्वान करने वाले एक और प्रोडक्ट के रूप में सामने आएगा। हेलीकॉप्टर का ये ऑर्डर उस वक्त दिया गया है, जबकि कुछ समय पहले इंडियन एयरफोर्स ने LCA तेजस Mk1A फाइटर जेट खरीदने के लिए HAL को ऑर्डर दिया था।
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अप्रैल 2024 में 97 हल्के लड़ाकू विमानों (LCA Mk-1A) के लिए HAL को एक टेंडर दिया है। लड़ाकू स्क्वाड्रन की कमी के बीच ये विमान इंडियन एयरफोर्स की ताकत को बढ़ाएंगे। ये विमान करीब ₹67,000 करोड़ (8 अरब डॉलर) की लागत से खरीदे जा रहे हैं।
भारतीय वायुसेना पहले से ही तेजस एमके1 जेट के दो स्क्वाड्रन का संचालन कर रही है, जिसमें आरंभिक और अंतिम परिचालन मंजूरी वाले 20-20 विमान शामिल हैं। 2021 में 83 एलसीए एमके1ए वेरिएंट का ऑर्डर दिया गया था। एलसीए एमके1ए जेट की पहली खेप 2024 की शुरुआत में भारतीय वायुसेना को मिलने वाली थी, लेकिन वह समयसीमा चूक गई है।
भारत को अपनी वायु सेना में स्व-निर्मित कार्यात्मक लड़ाकू जेट शामिल करने में लगभग 40 साल लग गए हैं, जिसमें तेजस एलसीए के कम से कम दो स्क्वाड्रन वर्तमान में रेगुलर ऑपरेशनल मिशनों में उड़ान भर रहे हैं, जिनमें हाल के महीनों में चीन और पाकिस्तान के साथ उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं के पास के मिशन शामिल हैं।

LCA Tejas और LCH Prachand को क्यों नहीं मिल रहे विदेशी ऑर्डर?
भारत सरकार ने लगातार LCA Tejas को बेचने की कोशिश की है, लेकिन अभी तक कोई विदेशी ऑर्डर नहीं मिला है। पिछले दिनों HAL के CMD सीबी अनंतकृष्णन ने कहा था, कि एलसीए 'तेजस' अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ है और इसने विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी जगाई है।
अनंतकृष्णन ने कहा है, कि "अभी तक पांच देशों ने इस भारतीय फाइटर जेट में दिलचस्पी दिखाई है, जिनमें अर्जेंटीना, फिलीपींस, मिस्र और नाइजीरिया जैसे देश हैं।"
हालांकि, अर्जेंटीना ने भारतीय एलसीए तेजस की जगह अमेरिकी मूल के जेट विमानों को खरीदने का फैसला किया है और उसने डेनमार्क से सेकेंड-हैंड एफ-16 खरीदने का सौदा पक्का कर लिया है। वहीं, तेजस को तब भी हार का सामना करना पड़ा, जब मलेशिया ने भारतीय विमान की जगह दक्षिण कोरियाई एफए-50 को अपने बेड़े के लिए चुना।
ऐसी रिपोर्टें भी हैं, कि फिलीपींस को LCA Mk1 नेवल वैरिएंट की स्थानीय असेंबली की पेशकश की गई थी। लेकिन, भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का पहला ग्राहक होने के बावजूद, फिलीपींस ने इस फाइटर जेट को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
इसी तरह, नाइजीरिया ने अफ्रीकी राष्ट्र में डिफेंस इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए एक अरब डॉलर के समझौते के हिस्से के रूप में LCA में अपनी दिलचस्पी का संकेत दिया। नाइजीरिया ने LCH प्रचंड खरीदने में भी दिलचस्पी दिखाई है। अर्जेंटीना ने 20 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड खरीदने के लिए लेटर ऑफ इंटेट पर साइन किए हैं। नाइजीरिया ने भारत में निर्मित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड', लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) 'ध्रुव' में भी दिलचस्पी दिखाई है, लिहाजा ये देखना दिलचस्प होगा, कि क्या नाइजीरिया भारत से ये फाइटर जेट खरीदता है या नहीं।












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