ब्रिक्स के इनकार के बाद G-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे पुतिन? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि भारत को उम्मीद है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे।
दरअसल पुतिन साउथ अफ्रीका में 22 से 24 अगस्त तक होने वाली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने वाले हैं। बुधवार को दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने इसकी पुष्टि की थी। जोहान्सबर्ग में आयोजित शिखर सम्मेलन में पुतिन के बदले रूसी संघ का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे।

ब्रिक्स सम्मेलन में पुतिन के न शामिल होने के बाद ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि 9-10 सितंबर, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में पुतिन हिस्सा नहीं लेंगे।
इसे लेकर अरिंदम बागची ने बयान दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम नेता की भागीदारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। क्योंकि यह एक फिजिकल शिखर सम्मेलन है। सभी को निमंत्रण भेजा गया है।
अरिंदम बागची ने कहा, "इस बिंदु पर, मैं वही दोहरा सकता हूं जो हमने पहले कहा है, सभी जी20 सदस्यों के साथ-साथ आमंत्रित देशों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को निमंत्रण भेजा गया है।
आपको बता दें कि ब्रिक्स समिट में पुतिन के शामिल होने को लेकर होस्ट साउथ अफ्रीका सरकार परेशानी में थी। यूक्रेन पर हमले और वॉर क्राइम्स को लेकर रूसी राष्ट्रपति के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) वॉरंट जारी कर चुका है।
पुतिन पर आरोप हैं कि उन्होंने यूक्रेन पर हमले के दौरान गैरकानूनी तौर पर यूक्रेनी बच्चों को रूस डिपोर्ट किया। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट में मेंबर कंट्री होने के नाते साउथ अफ्रीकी सरकार को पुतिन को गिरफ्तार करना मजबूरी हो सकती थी।
इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े विपक्षी दल 'द डेमोक्रेटिक अलायंस' सरकार पर पुतिन को जोहानिसबर्ग दौरे के दौरान गिरफ्तार करने का दबाव बना रही थी। लिहाजा, साउथ अफ्रीकी और रूसी सरकार के बीच बातचीत हुई और दोनों देशों ने यह तय किया कि पुतिन इस समिट में हिस्सा ही न लें।
आपको बता दें कि ICC ने इसी साल मार्च में पुतिन के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी किया था। वहीं, रूस का कहना है कि वह ICC का मेंबर ही नहीं है ऐसे में ये वॉरंट गैरकानूनी है।
इसके साथ ही विदेश मंत्रालय की तरफ से सीमा हैदर मामले पर भी जवाब दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि इस मामले की अभी जांच चल रही है और ये मामला उनके संज्ञान में है।












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