india china standoff: भारत और चीन के बीच सैन्य वार्ता और कम्प्लीट डिसएंगेजमेंट पर बनी सहमति
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन (india china)के बीच जारी गतिरोध पर दोनों देश एक बार फिर राजनयिक और सैन्य-स्तरीय वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। इसके साथ ही दोनों देशों ने एलएसी पर टकराव वाले सभी बिंदुओं से जल्द से जल्द सैनिकों की पूरी तरह वापसी तथा समीक्षा पर सहमति जताई है। लगभग 11 सप्ताह के बाद, भारत और चीन ने 18 दिसंबर यानी आज एकबार फिर अपना कूटनीतिक संवाद शुरू किया है।

भारत और चीन के राजनयिकों ने शुक्रवार को सीमा मामलों (डब्ल्यूएमसीसी) पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य प्रणाली के तहत वर्चुअल बैठक बुलाई थी जिसमें यह सहमति बनी है।विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अगले (नौवें) दौर के वरिष्ठ कमांडरों की बैठक जल्द ही किसी तारीख पर होनी चाहिए ताकि दोनों पक्ष वर्तमान समझौतों एवं प्रोटोकाल के अनुरूप एलएसी पर सैनिकों के पूर्ण रूप से पीछे हटाने और शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर सकें।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर टकराव वाले सभी बिंदुओं से जल्द से जल्द सैनिकों की पूरी तरह वापसी की दिशा में काम करते रहने की सहमति बनी। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा, दोनों पक्षों ने इस बात का संज्ञान लिया कि सैन्य वार्ता के सातवें और आठवें दौर से स्थिरता लाने में मदद मिली है। दोनों पक्षों के राजनयिकों ने मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच बने पांच सूत्रीय एजेंडे पर चर्चा की।
इस बैठक में भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) कर रहे थे जबकि चीनी शिष्टमंडल का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्र मामलों के विभाग के महासचिव कर रहे थे बता दें कि आखिरी बार डब्ल्यूएमसीसी की बैठक 30 सितंबर को हुई थी। भारत-चीन के बीच हुई इस बैठक में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य टुकड़ी के विघटन को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी थी। भारत और चीन के बीच करीब आठ महीने से गतिरोध बना हुआ है।












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