भारत और ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक व्यापार समझौता, भारत की 95% सामानों के लिए खुला बाजार
ऑस्ट्रेलिया भारत का 17वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जबकि नई दिल्ली कैनबरा का 9वां सबसे बड़ा भागीदार है। 2021 में माल और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार 27.5 बिलियन अमरीकी डालर था।
नई दिल्ली/कैनबरा, अप्रैल 02: इंडो पैसिफिक के दो विशालकाय देश और क्वाड पार्टनर्स भारत और ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को एक आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, और भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच किया गया ये एक ऐतिहासिक आर्थिक समझौता है, जिसके जरिए दोनों देश काफी ज्यादा करीब आ जाएंगे, साथ भारतीय उत्पादों के लिए ऑस्ट्रेलिया का बड़ा बाजार भी खुल गया है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया में व्यापार समझौता
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच किए गये व्यापारिक समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया भारत को कपड़ा, चमड़ा, आभूषण और खेल उत्पादों जैसे 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय सामानों के लिए अपने बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान करेगा। भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ऑस्ट्रेलियाई व्यापार, पर्यटन और निवेश मंत्री डैन तेहान ने एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए हैं। इस व्यापार समझौते को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक क्षण बताया है।

पांच वर्षों का रखा गया लक्ष्य
ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते को लेकर भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, इस समझौते से अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय व्यापार को 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 45-50 अरब डॉलर करने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया पहले दिन से लगभग 96.4 प्रतिशत निर्यात (मूल्य के आधार पर) के लिए भारत को जीरो ड्यूटी एक्सेस की पेशकश कर रहा है। इसमें कई उत्पाद शामिल हैं जिन पर वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में 4-5 प्रतिशत सीमा शुल्क लगता है। लेकिन, अब ये शुल्क माफ हो जाएगा, जिससे ऑस्ट्रेलियन बाजार में भारतीय सामान काफी सस्ते हो जाएंगे और प्रतिद्वंदियों से मुकाबले के काबिल हो जाएंगे। जो भारतीय उत्पाद ऑस्ट्रेलिया में सस्तें होंगे, वो हैं कपड़ा और परिधान, कुछ कृषि और मछली उत्पाद, चमड़ा, जूते, फर्नीचर, खेल के सामान, आभूषण, मशीनरी, बिजली के सामान और रेलवे वैगन शामिल हैं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार संबंध
आपको बता दें कि, ऑस्ट्रेलिया भारत का 17वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जबकि नई दिल्ली कैनबरा का 9वां सबसे बड़ा भागीदार है। 2021 में माल और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार 27.5 बिलियन अमरीकी डालर था। भारत की तरफ से जहां इस व्यापार समझौते को ऐतिहासिक करार दिया गया है, वहीं, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि, भारत के साथ व्यापार समझौता "आज दुनिया में खुलने वाले सबसे बड़े आर्थिक दरवाजों में से एक" का प्रतिनिधित्व करता है। ऑस्ट्रेलियन मीडिया के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री देश के भीतर आम चुनाव कराने का ऐलान कर सकते है और उनके चुनावी कैंपेन में भारत के साथ व्यापार समझौता एक बड़ा मुद्दा रहने वाला है और स्कॉट मॉरिसन भारत से व्यापार समझौता करने के लिए पिछले काफी समय से काफी उत्सुक थे।

ऑस्ट्रेलियन पीएम ने क्या कहा?
तस्मानिया में पत्रकारों से बात करते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि, वह और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल समारोह में इस करार के साक्षी बने हैं। दोनों देशों के बीच घनिष्ठ व्यापार संबंध बनाने की मंशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि, "जहां तक हमारा संबंध है, ये कभी भी सभी कुछ नहीं है, क्योंकि, हम इन सभी को अगले कदम और अगले कदम और अगले कदम के रूप में देखते हैं।" मॉरिसन की सरकार निर्यात बाजारों में विविधता लाने और अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन पर ऑस्ट्रेलिया की निर्भरता को कम करने की लगातार कोशिश कर रही है। आपको बता दें कि, ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच काफी खराब संबंध हो चुके हैं और चीन ने ऑस्ट्रेलिया के ऊपर कई प्रतिबंध लगा रखे हैं, लिहाजा ऑस्ट्रेलिया अब भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत कर चीन के प्रतिबंधों की भरपाई करना चाहता है।
भारत- ऑस्ट्रेलिया में क्या-क्या डील हुए
- 1. पीएम मोदी ने शनिवार को कहा कि, "इतने कम समय में इतने महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को दर्शाती है। यह वास्तव में हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।' आपको बता दें कि, पिछले कुछ हफ्तों में यह तीसरी बार है जब पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के मॉरिसन के बीच वर्चुअल बैठक की गई है।
- 2. इस कार्यक्रम में बोलते हुए मॉरिसन ने कहा कि, "जब से हमने अपनी व्यापक, रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, तब से हमारे सहयोग की गति और पैमाना उल्लेखनीय है। मेरी सरकार ने नई पहलों में 282 मिलियन अमरीकी डालर की घोषणा की है, जिसमें शिखर सम्मेलन भी शामिल है जो हमारे विस्तार में सहयोग को बढ़ावा देगा।
- 3. समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद, पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "भारत-यूएई सीईपीए के महत्वपूर्ण होने के बाद, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने बातचीत की और ऐतिहासिक आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। हम अपने व्यवसायों के अधिक समृद्धि के लिए फास्ट-लेन और लोगों के लिए नए द्वार खोल रहे हैं।"












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