भारत-मलेशिया में हुई स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप क्या है? PM मोदी को मलेशियन प्रधानमंत्री ने क्यों कहा 'भाई'?
India-Malaysia News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की है, कि भारत और मलेशिया के बीच संबंधों को 'कॉम्प्रिहेंसिव रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ये घोषणा मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद नई दिल्ली में की है।
अनवर इब्राहिम के आज नई दिल्ली पहुंचने के बाद दोनों पक्षों ने कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान भी किया। यह मलेशियाई प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा है।

भारत और मलेशिया के बीच लंबे वक्त से काफी अच्छे संबंध रहे हैं। हालांकि, कुछ सालों के लिए जब महातिर मोहम्मद देश के प्रधानमंत्री थे, उस वक्त उनके कश्मीर विरोधी बयानबाजी और पाकिस्तान के साथ उनकी नजदीकी ने भारत और मलेशिया में दरार पैदा किया। लेकिन, उनके सत्ता से हटते ही फिर से दोनों देशों के संबंध पटरी पर लौट आए। 2020 में महातिर मोहम्मद ने अपनी गलती को स्वीकार किया था और उन्होंने माना था, कि कश्मीर पर उनकी बयानबाजी की वजह से भारत और मलेशिया के बीच के संबंध बिगड़े थे।
भारत-मलेशिया में स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप
दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में अपने मलेशियाई समकक्ष के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि "प्रधानमंत्री बनने के बाद दातो सेरी अनवर बिन इब्राहिम की यह पहली यात्रा है। मुझे अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में आपका स्वागत करने का अवसर पाकर खुशी हो रही है। भारत और मलेशिया साझेदारी का एक दशक पूरा कर रहे हैं और पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के सहयोग से हमारी साझेदारी को नई गति और ऊर्जा मिली है।"
भारतीय नेता ने आगे कहा, कि उन्होंने इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की और कहा, कि मलेशिया से भारत में निवेश प्रति वर्ष 5 मिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। भारत-मलेशिया संबंधों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, कि जब संबंधों की बात आती है तो दोनों देशों में "अधिक संभावनाएं" हैं, यही वजह है कि सहयोग को बढ़ाया जाना चाहिए।
वहीं, एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, कि भारत का यूपीआई मलेशियाई PayNet के साथ सहयोग करेगा, और दोनों के बीच जुड़ाव पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हमें फिनटेक, सेमीकंडक्टर, एआई और क्वांटम जैसे नए प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ाना चाहिए।"
अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी को कहा 'भाई'
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना "भाई" बताते हुए कहा, कि भारत और मलेशिया के पास आगे बढ़ने के लिए कई रास्ते हैं।
उन्होंने कहा, कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे भाई हैं। जब मैं प्रधानमंत्री नहीं था, तब भी वे बहुत दयालु थे...हम आगे व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं...।"
उन्होंने कहा, कि "हम सभी क्षेत्रों में इस कामकाजी संबंध को फिर से मजबूत करेंगे...हम सभी मुद्दों पर सच्चे भाइयों की तरह चर्चा करते हैं, चाहे वे संवेदनशील हों या विपरीत, क्योंकि यही दोस्ती का सही अर्थ है। हमने कई मुद्दों पर समझ विकसित की है, और प्रधानमंत्री ने उनमें से कुछ का उल्लेख किया है। लेकिन मैंने कहा है, जैसा कि हमने बैठकों में कहा है, हम इसे आगे बढ़ाएंगे।"
इसके अलवा, उन्होंने भारत को एक महत्वपूर्ण और महान राष्ट्र भी कहा और भारतीय कंपनियों को मलेशियाई व्यावसायिक पहलों में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि भारतीय कंपनियां मलेशियाई कंपनियों के साथ सभी क्षेत्रों में आगे सहयोग करेंगी, जिसमें एनर्जी ट्रांजिशन, डिजिटलीकरण और खाद्य सुरक्षा जैसे नए चुनौतीपूर्ण क्षेत्र भी शामिल हैं।"

भारत-मलेशिया रोजगार समझौता
मलेशिया में भारतीय कामगारों की भर्ती को बढ़ावा देने और उनके हितों की सुरक्षा पर समझौता दोनों पक्षों के बीच हुए आठ समझौतों में से एक था। भारतीय कामगारों की भर्ती पर समझौता इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत से मलेशिया में अवैध अप्रवास और मानव तस्करी, दोनों सरकारों की प्रमुख चिंताओं में से हैं।
पीएम मोदी ने कहा, कि कामगारों के रोजगार पर समझौता भारतीयों की भर्ती को बढ़ावा देगा और साथ ही उनके हितों की सुरक्षा भी करेगा।
उन्होंने कहा, "हमें सेमीकंडक्टर, फिनटेक, रक्षा उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम जैसे नए तकनीकी क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए। हमने भारत और मलेशिया के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की समीक्षा में तेजी लाने पर जोर दिया है।"
इसके अलावा, दोनों देशों ने डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग के लिए एक डिजिटल परिषद की स्थापना करने और एक स्टार्ट-अप गठबंधन बनाने का भी फैसला किया। मोदी-इब्राहिम वार्ता में मलेशिया के टुंकू अब्दुल रहमान विश्वविद्यालय में आयुर्वेद चेयर स्थापित करने का भी फैसला किया गया।
इसके अलावा, मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर स्थापित करने का भी फैसला लिया गया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है, कि दोनों नेताओं ने व्यापार और वाणिज्य, रक्षा और सुरक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, लोगों के बीच संबंधों, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, अर्धचालकों, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास जैसे उभरते क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की। आपको बता दें, कि इब्राहिम मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे थे। मलेशियाई पीएम के तौर पर यह उनकी पहली भारत यात्रा थी। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।












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