बांग्लादेश की तरह क्रांति करने निकले इमरान खान के समर्थक, दिया अल्टीमेटम, पाकिस्तान में गृहयुद्ध की आशंका
Pakistan Imran Kahn Protest: लंबे समय से जेल में बंद इमरान खान को रिहा करवाने के लिए उनके समर्थकों ने बांग्लादेश वाला रास्ता ही चुनने का फैसला किया है, जिससे रविवार को इस्लामाबाद में भारी तनाव बढ़ गया है और पुलिस के साथ इमरान खान के समर्थकों की झड़प में कम से कम 20 लोग घायल हो गये हैं।
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की रैली के दौरान पुलिस के साथ झड़प की। संगजानी कैटल मार्केट के पास आयोजित यह प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया, जब पुलिस ने कथित तौर पर तय समय से ज्यादा समय तक कार्यक्रम आयोजित करने के बाद भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

इस रैली में हजारों पीटीआई समर्थक शामिल हुए थे, जिसे हाल के महीनों में दो बार स्थगित किया गया था। इमरान खान के समर्थकों की भारी संख्या में जुटी भीड़ ने एक बार फिर से साबित कर दिया है, कि पूर्व दिग्गज क्रिकेटर की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है।
पीटीआई नेताओं ने की सरकार की आलोचना
पीटीआई के कई नेताओं ने भीड़ को संबोधित किया और इमरान खान और पीटीआई पार्टी पर सरकार की कार्रवाई की निंदा की और अपने नेता की रिहाई की मांग की। नेशनल असेंबली में पीटीआई के नेता उमर अयूब खान ने कसम खाई, कि इमरान खान की रिहाई तक पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने कहा, "हम इमरान खान के सिपाही हैं और जब तक उन्हें रिहा नहीं किया जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।" उन्होंने सरकार पर दबाव बनाए रखने के लिए देश भर में और रैलियां करने का वादा किया।
इस्लामाबाद प्रशासन ने रैली के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दिया था, लेकिन इस शर्त के साथ कि यह स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे तक समाप्त हो जाए। लेकिन, जैसे ही यह समय सीमा बीत गई, अधिकारियों ने पुलिस को पीटीआई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दे दिया, जिससे स्थिति तेजी से बिगड़ गई और पीटीआई समर्थकों ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शोएब खान सहित कई लोग घायल हो गए।
इमरान खान का समर्थन बरकरार
दक्षिण एशिया विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा है, कि "सड़क ब्लॉक करने और कंटेनरों की मदद से रास्तों को रोकने की कोशिशों के बावजूद, पीटीआई रैली में लोगों की भारी भीड़ यह दर्शाती है, कि दमन और गिरफ्तारी के जोखिम के बावजूद पार्टी की लामबंदी क्षमता मजबूत बनी हुई है।"
पीटीआई के एक अन्य वरिष्ठ नेता गौहर अली खान ने रैली में लोगों की उपस्थिति रोकने की सरकारी रणनीति की आलोचना की और अधिकारियों पर इस्लामाबाद को "पिंजरे" में बदलने का आरोप लगाया।
उन्होंने समर्थकों से कहा, "इमरान खान एक वास्तविकता है जिसे सरकार को स्वीकार करना चाहिए। वह हमारे एकमात्र ऐसे नेता हैं जो कभी आत्मसमर्पण नहीं करते।" गौहर ने यह भी चेतावनी दी, कि पीटीआई, इमरान खान के खिलाफ किसी भी नई कानूनी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी।
यह रैली 8 फरवरी को हुए चुनावों के बाद इस्लामाबाद में पीटीआई की पहली बड़ी शक्ति प्रदर्शन थी। पीटीआई नेताओं ने इस बात पर जोर दिया, कि इमरान खान को विभिन्न मामलों में अदालतों द्वारा जमानत दिए जाने या बरी किए जाने के बावजूद उनका लगातार जेल में रहना राजनीति से प्रेरित है।
शहबाज सरकार को अल्टीमेटम
खैबर-पख़्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने पेशावर से इमरान खान के समर्थकों के एक बड़े दल का नेतृत्व किया और एक जोशीला भाषण दिया। उन्होंने इमरान खान के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखने की कसम खाई। गंडापुर ने कहा, कि "इमरान खान को जेल में डाल कर अपमानित किया जा रहा है, जबकि इमरान खान सलाखों के पीछे से भी जीत रहे हैं।" उन्होंने लाहौर में एक बड़ी रैली की योजना की घोषणा की और कहा, कि इसके लिए भले ही सरकार की अनुमति मिले या नहीं।
उन्होंने शहबाज सरकार को अल्टीमेटम देते हुए ऐलान किया, कि अगर एक या दो हफ्ते में इमरान खान को रिहा नहीं किया जाता है, तो पीटीआई समर्थक खुद इमरान खान को रिहा करवाने के लिए निकल पड़ेंगे।
प्रदर्शन ने पीटीआई की महत्वपूर्ण समर्थन जुटाने की ताकत को उजागर किया है और पीटीआई की रैली में उमड़ी भारी भीड़ से इस बात की आशंका पैदा हो गई है, कि इमरान खान के समर्थक अब बांग्लादेश वाला तरीका आजमा सकते हैं। इस भीड़ ने साबित कर दिया है, कि इमरान खान की लोकप्रियता कम नहीं हुई है।
इस्लामाबाद की घटनाएं पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक तनाव को लेकर आशंका पैदा करती हैं और सेना की सख्ती के बाद भी इमरान समर्थकों का भारी तादाद में जुटना बताता है, कि आने वाले वक्त में पाकिस्तान गृहयुद्ध में फंस सकता है।












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