'जेल गया तो मैं और खतरनाक हो जाऊंगा', आतंकवादी धाराओं में चार्ज होने के बाद बोले इमरान खान
सुनवाई के दौरान अदालत ने इमरान खान के खिलाफ अदालत की अवमानना का केस चलाने का आदेश दिया, जिसके बाद कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए इमरान खान ने कहा कि, उन्हें कोर्ट में नहीं बोलने दिया गया।
इस्लामाबाद, सितंबर 10: पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान ने गुरुवार को धमकी दी है, कि अगर उन्हें जेल भेजा जाता है, तो वो और भी ज्यादा खतरनाक हो जाएंगे। इमरान खान ने ये बयान उस वक्त दिया है, जब इस्लामाबाद हाईकोर्ट में उनके खिलाफ लगाए गये आतंकवादी धाराओं को लेकर सुनवाई चल रही थी और कोर्ट के बाहर भारी संख्या में पुलिस मौजूद थी। जिसके बाद इमरान खान ने कहा कि, अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो वो और भी ज्यादा खतरनाक हो जाएंगे।

इमरान पर लगे हैं आतंकवादी धाराएं
इस्लामाबाद के सदर मजिस्ट्रेट अली जावेद की शिकायत पर पीटीआई प्रमुख इमरान खान पर 20 अगस्त को इस्लामाबाद में आयोजित एक रैली के दौरान एक महिला न्यायाधीश को धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। इमरान खान कड़ी सुरक्षा के बीच इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) पहुंचे। द न्यूज इंटरनेशनल ने बताया कि दोपहर से ही अदालत में सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। इमरान के अपने बनिगला आवास से निकलने से पहले पीटीआई के कई नेता अदालत पहुंच चुके थे। लेकिन, सुरक्षा अधिकारियों ने फवाद चौधरी, शहजाद वसीम और अन्य नेताओं को अदालत के बाहर ही रोक दिया क्योंकि उनके नाम रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में नहीं थे। वहीं, पत्रकारों से बात करते हुए इमरान खान ने अदालत में पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भारी तैनाती पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि, अधिकारियों को किससे डर लगता है, उन्होंने कोर्ट के बाहर पुलिस की भारी टुकड़ी क्यों तैनात कर दी थी?

कोर्ट में नहीं मिला बोलने का मौका
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने यह कहते हुए ज्यादा बोलने से इनकार कर दिया, कि उनकी टिप्पणियों को अदालत द्वारा गलत समझा जा सकता है और उन्होंने कहा कि वह सुनवाई में भाग लेने के बाद बोलेंगे। वहीं, सुनवाई के दौरान अदालत ने इमरान खान के खिलाफ अदालत की अवमानना का केस चलाने का आदेश दिया, जिसके बाद कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए इमरान खान ने कहा कि, वह महिला न्यायाधीश पर की गई टिप्पणी के संबंध में अदालत में अपने बयान को प्रासंगिक बनाना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि, "हर बयान का एक संदर्भ होता है। देश दिन-ब-दिन पिछड़ रहा है, और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की रिपोर्ट ने इसे दिखाया है। वे जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन अस्थिरता का एकमात्र समाधान ताजा चुनाव है।" इमरान खान ने कहा कि, उन्होंने अपने कार्यकाल में अपने किसी भी विरोधी को शिकार नहीं बनाया और कुछ मामले ऐसे भी थे जिन्हें गलत तरीके से निपटाया गया, लेकिन बाद में उन्हें उनके बारे में पता चला। द न्यूज इंटरनेशनल ने बताया कि, पीटीआई प्रमुख ने कुछ 'महत्वपूर्ण' आंकड़ों के साथ पिछले दरवाजे से संपर्क की अटकलों को खारिज कर दिया।

12 सितंबर तक मिली है जमानत
आपको बता दें कि, इमरान खान के ऊपर इस्लामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक महिला मजिस्ट्रेट को धमकाने का आरोप है, जिसके बाद उनके खिलाफ आतंकवादी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और जब वो कोर्ट में पेशी के लिए आए थे, उस वक्त अदालत परिसर में करीब 800 पुलिस जवान मौजूद थे और कंटीली तारों से सारे इलाकों को घेर दिया गया था। हालांकि, इस्लामाबाद पुलिस का कहना है, कि इमरान खान को कई बार धमकियां मिल चुकी हैं और वो अपनी जान को खतरा बताते रहते हैं, इसीलिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गये थे, लेकिन इमरान खान ने कहा कि, पुलिस ने उनके समर्थकों को काफी दूर रखने के लिए ऐसा किया था, ताकि अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, तो विरोध ना हो। वहीं, पुलिस का कहना था कि, इमरान खान 12 सितंबर कत जमानत पर हैं, लिहाजा उन्हें गिरफ्तार करने का कोई सवाल ही नही था। और इस दौरान उन्होंने आतंकवाद मामले में बनाई गई एक जांच टीम के सामने पेश होने से इनकार कर दिया, जिसके बाद इस्लामाबाद पुलिस की तरफ से उन्हें नोटिस जारी किया गया है। समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री को शुक्रवार दोपहर 3 बजे जांचकर्ताओं के सामने पेश होने को कहा था, लेकिन इमरान खान ने पेश होने से इकार कर दिया।

कोर्ट का अवमानना का आरोप
इमरान खान को नोटिस जारी कर कोर्ट में पेश होने से पहले पुलिस की जांच टीम के सामने पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इस मामले में इमरान खान को आतंकवाद निरोधी अदालत से जमानत मिली थी। समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत के आदेश के बावजूद इमरान खान न तो जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए और न ही अपना जवाब दिया। विशेष रूप से, इमरान खान के खिलाफ 20 अगस्त को इस्लामाबाद में अपने भाषण में कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी को धमकी देने के लिए मारगल्ला पुलिस स्टेशन में आतंकवाद का मामला दर्ज किया गया था। इमरान खान पर आतंकवाद विरोधी अधिनियम (एटीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।












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