साइफर मामले में इमरान खान आरोपी करार, जिंदगी भर जेल में रखने की तैयारी, जानिए कितने सालों की होगी सजा?
Imran Khan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जिंदगी भर जेल में रखने की तैयारी पूरी कर ली गई है और साइफर केस में इमरान खान के खिलाफ आरोप तय कर दिए गये हैं। पूर्व पाकिस्तानी प्रधान मंत्री इमरान खान पर औपचारिक रूप से आधिकारिक राजनयिक केबल लीक करने का आरोप लगाया गया है।
ये एक ऐसा मामला है, जिसमें आरोप साबित होने पर, संभावित रूप से उन्हें 10 साल की जेल की सजा और आजीवन चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। यह उस मामले के परिणामस्वरूप आया है, जहां इमरान खान ने दावा किया था, कि उसे सैन्य प्रतिष्ठान द्वारा समर्थित अमेरिकी साजिश के हिस्से के रूप में बाहर कर दिया गया था। हालांकि, संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तानी सेना दोनों ने इस आरोप से इनकार किया है।

आपको बता दें, साइफर केस वो मामला है, जिसमें इमरान खान ने गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक करते हुए दावा किया था, कि अमेरिका के इशारे पर पाकिस्तानी सेना ने उनकी सरकार को गिराने का काम किया है।
इमरान खान के खिलाफ आरोप आधिकारिक तौर पर सोमवार को दायर किए गए हैं, जिसकी पुष्टि पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के शाह खावर ने अदियाला जेल के बाहर की है, जहां इमरान खान वर्तमान में कैद हैं।
पूर्व क्रिकेट सुपरस्टार इमरान खान को इससे पहले इसी साल अगस्त में भ्रष्टाचार के आरोप में तीन साल की जेल हुई थी, लेकिन बाद में उनकी सजा पर ऊपरी अदालत ने रोक लगा दी, लेकिन सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स जारी करने के आरोप में उन्हें अभी भी जेल में रखा गया है।
क्या है साइफर केस?
साइफर मामला एक राजनयिक दस्तावेज़ से संबंधित है जो कथित तौर पर इमरान के पास से गायब हो गया था। पीटीआई का आरोप है, कि इसमें अमेरिका की ओर से इमरान को सत्ता से बाहर करने की धमकी दी गई थी।
इसी मामले में पीटीआई के उपाध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी के खिलाफ भी कार्यवाही चल रही है और इमरान खान के साथ साथ कुरैशी को भी आरोपी ठहराया गया है।
साइफर किसी देश के विदेशी मिशन की तरफ से अपने देश को भेजा जाने वाला वो संवाद होता है जिसमें मिशन के डिप्लोमेट्स की मेजबान देश के डिप्लोमेट्स या अधिकारियों आदि के बीच बातचीत का ब्योरा होता है। ये बातचीज कोड वर्ड्स में होती है, जिसे डिकोड कर उसका अनुवाद किया जाता है।
पीएम पद पर रहने के दौरान इमरान खान ने अमेरिका में पाकिस्तानी राजदूत मजीद से अमेरिकियों के बीच पाकिस्तान को लेकर क्या सोच है, इस बारे में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में मजीद ने साइफर लिखा था।
इसमें अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी डॉनल्ड लू और अमेरिका में तब के पाकिस्तानी राजदूत असद मजीद के बीच की बातचीत का संक्षिप्त विवरण था। इस साइफर में कुछ बाते लिखी थीं जिसका अनुवाद मीडिया में भी आया था। इसके मुताबिक-
- यूक्रेन मसले पर पाकिस्तान की नीति से अमेरिका में बहुत नाराजगी है।
- व्हाइट हाउस को लगता है कि इमरान सरकार के रहते पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर नहीं हो सकते।
-अगर इमरान खान को अविश्वास मत में हरा दिया जाए तो अमेरिका पाकिस्तान की इन गलतियों को माफ कर देगा वरना आगे का समय बहुत कठिनाई भरा होगा।
- IMF भी पाकिस्तान सरकार से खुश नहीं था। वो इस बात से भी नाराज थे कि पिछली सरकार के साथ जो डील हुई थी उसे लागू नहीं किया गया।
इसके बाद अपनी सरकार गिरने से ठीक पहले इमरान खान ने मार्च 2022 में पाकिस्तान के फैजाबाद की रैली में एक पर्ची निकाल कर दावा किया था कि उनको ये साइफर मिला है, जिसमें उनकी सरकार को गिराने की कोशिश के पीछे अमेरिकी साजिश का पता चलता है।
इसके बाद अप्रैल में सरकार गिरने के बाद भी इमरान खान ने इस साइफर को अपनी हर सभा में बहुत तूल दिया और जमकर अमेरिका के खिलाफ बयान दिए।
लिहाजा, इमरान खान द्वारा साइफर को सार्वजनिक करना आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत अपराध माना गया और इस मामले में मुकद्दमा दर्ज किया गया। इमरान खान के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे आजम खान सरकारी गवाह बन गये और उन्हीं की गवाही के आधार पर इमरान खान को आरोपी ठहराया गया है।












Click it and Unblock the Notifications