बिट्रेन पीएम बोरिस जॉनसन के साथ आईसीयू में भर्ती नर्स की हुई कोरोना से मौत, बेटी ने कहीं ये बात

लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद आज वापस अपने काम पर लौट आए हैं। बिट्रेन में कोरोना वायरस की वजह से लगातार लोगों की मौत हो रही है, जिसकी वजह से यहां की सरकार को लोगों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन तो दो हफ्ते तक लंदन के अस्पताल में इलाज कराने के बाद बिलकुल स्‍वस्‍थ्‍य होने के बाद दोबारा अपना कामकाज संभाल चुके हैं वहीं अस्‍पताल के आईसीयू में भर्ती अस्‍पताल के एक पुरुष नर्स की कोरोनावायरस से मौत हो गई हैं।

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बता दें बिट्रेन में अब तक 20,7000 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके है और 152,000 से अधिक लोगों की इस वायरस से मौत हो चुकी है। मालूम हो कि लंदन के केयर होम की 54 वर्षीय पुरुष नर्स लारनी ज़ुनिगा ने प्रधानमंत्री के रूप में लंदन में सेंट थॉमस अस्पताल में गहन देखभाल में इलाज किया गया लेकिन रविवार को कोरोना से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गए। वहीं 55 वर्षीय पीएम बोरिस स्‍वस्‍थ होकर अपने घर जा चुके हैं।

फरवरी में मिली थी बिट्रेन की नागरकिता

फरवरी में मिली थी बिट्रेन की नागरकिता

मूल रूप से फिलीपींस के रहने वाले, पिता ने ब्रिटेन में 12 साल तक काम किया था और पिछले पांच साल से वो मरीजों की सेवा में समर्पित होने के कारण परिवार वालों से मिले भी नहीं थे। लंदन के केयर होम अस्‍पताल में कार्यरत नर्स लार्नी ज़ुनिगा को फरवरी में ब्रिटेन की नागरिकता दी गई थी। उन्हें फरवरी में ब्रिटेन की नागरिकता दी गई थी और वो जून में अपनी पत्नी एडिथ और परिवार को ब्रिटेन लाने वाले थे।

बेटी ने कहीं ये बात

बेटी ने कहीं ये बात

उनकी बेटी मुत्या ने एक ऑनलाइन श्रद्धांजलि पोस्ट करते हुए कहा कि 'मैं रोना नहीं रोक सकती। यह सहन करना बहुत दर्दनाक है। उनके चचेरे भाई क्रिश्चियन, एक एनएचएस थिएटर नर्स ने कहा लार्नी अपने प्रोफशन को लेकर एक समर्पित व्‍यक्ति था जिसने कई लोगों की सेवा करके नया जीवन दिया। ज़ुनिगा ने गॉडलिंग में अपने घर के पास सरे हिल्स केयर होम में एक वरिष्ठ नर्स के रूप में काम किया।

मौत के बाद परिवार के अधूरे रह गए सारे सपनें

मौत के बाद परिवार के अधूरे रह गए सारे सपनें

अस्‍पताल में कोरोना संक्रमितों की देखभाल के बाद संक्रमित हुए ज़ुनिगा का लंदन के सेंट थॉमस अस्पताल में गहन देखभाल में इलाज किया गया। वह ऑक्सफोर्ड में जीसस इज़ लॉर्ड चर्च में रोजाना प्रार्थना करते थे, चर्च जाने के लिए वो हर रविवार को दो घंटे की यात्रा करते थे। नर्स ज़ुनिगा की मृत्यु के बाद वहां के लोग ये शिकायत कर रहे हैं कि नर्स और स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों को कोरोना मरीजों की देखभाल करते समय संक्रमण से बचने के लिए पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और सुवधिाएं नहीं दिए गए है। उनके दोस्त अर्नोल्ड बैरिंटोस ने कहा 'लारनी ने अपने परिवार के लिए बहुत त्याग किया था। 'उन्होंने कड़ी मेहनत की और उन्होंने अपने परिवार को नहीं देखने के लिए कठिन समय के लिए संघर्ष किया। उनकी मौत से परिवार को सारे सपने अधूरे रह गए।

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