श्रीलंका में गृहयुद्ध जैसे बने हालात! प्रधानमंत्री आवास से 'भागे' महिंदा राजपक्षे, अज्ञात स्थान पर ले गई सेना

श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को आज सुबह कोलंबो में उनके आधिकारिक आवास से भारी हथियारों से लैस सैनिकों द्वारा बचाया गया है, जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार पर धावा बोल दिया था।

कोलंबो, मई 10: जब जनता विद्रोह कर दे, तो बड़े बड़े तानाशाहों की पतलून गिली हो जाती है और एक दिन पहले तक श्रीलंका के प्रधानमंत्री रहे महिंदा राजपक्षे के साथ भी यही हुआ है। पिछले 20 सालो से श्रीलंका की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरा रहे महिंदा राजपक्षे से जनता हिसाब मांग रही है, कि देश कैसे डूबा? लेकिन, राजपक्षे के पास जवाब नहीं है और आज सुबह सुबह महिंदा राजपक्षे को उनके सरकारी निवास से बचाया गया है, जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमत्री आवास को घेर लिया था।

'टेंपल ट्रीज' में घुसने की कोशिश

'टेंपल ट्रीज' में घुसने की कोशिश

श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को आज सुबह कोलंबो में उनके आधिकारिक आवास से भारी हथियारों से लैस सैनिकों द्वारा बचाया गया है, जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार पर धावा बोल दिया था। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने 'टेंपल ट्रीज' में घुसने की कोशिश की। दो मंजिला औपनिवेशिक युग की ये इमारत, श्रीलंका के प्रधानमंत्री का आवास होता है और महिंदा राजपक्षे अपने परिवार के साथ यहीं पर रहते थे। लेकिन, आज सुबह हजारों प्रदर्शनकारी 'टेंपल ट्रीज' के पास पहुंच गये और उनके गुस्से को देखते हुए कहना मुश्किल था, कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री उनके हत्थे चढ़ जाते, तो क्या होता।

सेना ने चलाया ऑपरेशन

सेना ने चलाया ऑपरेशन

एक सुरक्षा अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि, "सुबह से पहले के ऑपरेशन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को सेना ने सुरक्षित निकाल लिया था।" अधिकारी ने कहा कि, "कम से कम 10 पेट्रोल बम प्रधानमंत्री परिसर में फेंके गए थे।"

श्रीलंकाई सेना ने राजपक्षे को कैसे निकाला?

श्रीलंकाई सेना ने राजपक्षे को कैसे निकाला?

जब सुरक्षा बलों ने महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार को प्रधानमत्री के आधिकारिक आवास 'टेंपल ट्रीज' से बाहर निकाला, तो पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में चेतावनी दी। और फिर सेना के सैकड़ों जवानों ने मिलकर राजपक्षे परिवार को बाहर निकाला। इस दौरान लोग भयानक नारेबाजी कर रहे थे।

महिंदा राजपक्षे अब कहां हैं?

महिंदा राजपक्षे अब कहां हैं?

अधिकारियों ने एएफपी को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री को एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। आपको बता दें कि, श्रीलंका में इस हफ्ते भयानक हिंसक प्रदर्शन हो हे हैं और ऐसा लग रहा है, कि पूरा देश बर्बादी के लिए राजपक्षे परिवार से हिसाब मांग रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अब तक कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है, और 200 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं और राजधानी कोलंबो की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां नागरिकों की लगातार सुरक्षा बलों से संघर्ष हो रही है, क्योंकि प्रदर्शनकारी सरकार के मंत्रियों की लगातार तलाश कर रहे हं। मृतकों में से एक सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद अमरकीर्ति अथुकोरला भी हैं, जिन्होंने एक प्रदर्शनकारी की हत्या करने के बाद खुद को गोली मार ली है।

राजपक्षे परिवार के आवास को जलाया गया

राजपक्षे परिवार के आवास को जलाया गया

राजपक्षे परिवार के खिलाफ श्रीलंका के लोगों में कितना गुस्सा है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं, कि दक्षिणी हंबनटोटा जिले में राजपक्षे परिवार के पैतृक घर में आग लगा दी गई, साथ ही उनके वफादारों और उनके दर्जनों नेताओं के घरों को भी प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया है। लगातार हिंसक प्रदर्शनों का सामना कर रहे महिंदा राजपक्षे ने अपने वफादार लोगों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद सोमवार को अपना पद छोड़ दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि, पहले प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन महिंदा राजपक्षे ने शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश की और उनके समर्थकों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पहले हमला किया, जिसके बाद भीड़ काफी उग्र हो गई। जिसके बाद सरकार ने पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया है। शुक्रवार को पूर्व पीएम के छोटे भाई, राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने एक और 'आपातकाल की स्थिति' लागू कर दी और सेना को व्यापक अधिकार दे दिए थे, जिसने प्रदर्शनकारियों के गुस्से को और भड़का दिया।

क्यों भड़का है लोगों का गुस्सा?

क्यों भड़का है लोगों का गुस्सा?

श्रीलंका एक बड़े पैमाने पर आर्थिक संकट से लड़ रहा है जो तेजी से घटते विदेशी मुद्रा भंडार से बदतर हो गया है, जिसका अर्थ है कि वह भोजन, ईंधन, दवाएं और अन्य आवश्यक सामान खरीदने का जोखिम भी नहीं उठा सकता है। श्रीलंका की स्थिति ये है, कि लोगों को जंगलों से लकड़ियां काटकर लानी पड़ रही है और तब मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। श्रीलंका को अब तक भारत द्वारा बेल आउट किया गया है, जिसने पेट्रोल और डीजल सहित बुनियादी सामानों में $ 3 बिलियन से अधिक की मदद की है। इसके साथ ही श्रीलंका सरकार ने विश्व बैंक से 600 मिलियन डॉलर की सहायता भी प्राप्त की है। हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार $50 मिलियन से कम (फरवरी में $2 बिलियन से अधिक) के साथ, श्रीलंका में स्थिति विकट है, और वित्त मंत्री अली साबरी ने पिछले हफ्ते कहा था कि देश दिवालिया होने की कगार पर है।

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