कचरा बिन कर भरना पड़ा पेट, सऊदी अरब से भाग कर आई महिला ने सुनाई यातना की दास्तां
रियाद। सऊदी अरब से लौट कर आई एक भारतीय महिला ने अपनी दर्दनाक कहानी बयां की है। सऊदी में किस तरह की यातनाएं दी जाती है उसको लेकर 38 साल की मंजूषा ने कहा है कि वहां 20 घंटे तक काम करने के बाद भी न केवल भूखा रखा जाता था, बल्कि उसके साथ मार पीट भी होती थी। केरल की रहने वाली मंजूषा अंतत: अपने वतन पहुंच गई है और वो वापस सऊदी अरब कभी नहीं जाने की बात कह रही है।

द न्यूज मिनट के मुताबिक, अपने पति की मौत के बाद मंजूषा अपनी दोनों बेटियों के बेहतर भविष्य के खातिर सऊदी अरब चली गई। उसने बताया कि जिस शख्स ने उसे बुलाया था, वो एयरपोर्ट पर लेने नहीं आया और कोई दूसरा शख्स उसे लेकर गया है। मंजूषा के अनुसार, उसे एक बड़े से घर में 20-20 घंटों तक काम करना पड़ता था। मंजूषा को सऊदी अरब में उन लोगों के बीच नारकीय जीवन जीना पड़ा, जो ना सिर्फ उसे भूखा रहने के लिए मजबूर करते थे, बल्कि उसे कई प्रकार की यातनाएं भी देते थे।
मंजूषा के अनुसार, वो सुबह छह बजे उठकर काम करती थी जो रात को 2-3 बजे 32 लोगों वाले बड़े घर में लगातार काम करती थी। लोगों से तंग आकर कई बार मंजूषा ने सुसाइड की भी कोशिश की। वो बताती है कि वो लोग पीरियड्स में भी उससे काम करवाते थे। मंजूषा ने बताया कि घर में कई लोग उसे लात मारते थे और उसे गिरा देते थे।
मंजूषा ने कई बार वहां से भागने की कोशिश की लेकिन वो नाकाम रही। आखिरकार तीसरी बार वो पुलिस और एनजीओ की मदद से भारत पंहुची। सऊदी अरब में भयंकर यातना का शिकार हुई मंजूषा 12 अक्टूबर को केरल में अपने गांव पलौदी पंहुची। मंजूषा कहती है कि वो जिंदगी में कभी भी सऊदी अरब वापस नहीं जाएगी।












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