इमरान खान की गिरफ्तारी पाकिस्तान को पड़ेगी भारी, जिन्ना के देश का दिवालिया होना तय, अर्थव्यवस्था हो जाएगी तबाह
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तार किया गया था, जिसे उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने गैरकानूनी करार दिया है। इमरान की गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन हो रहे हैं।

Imran Khan Arrest News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी और उसके बाद पूरे पाकिस्तान में शुरू हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन ने पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे परमाणु-सशस्त्र देश को बहुत बड़ा झटका दिया है।
करीब 23 करोड़ लोगों का ये दक्षिण एशियाई देश, पहले से ही डॉलर संकट से जूझ रहा है। पाकिस्तान में मुद्रास्फीति 36 प्रतिशत से ज्यादा हो चुकी है और आईएमएफ से बेलऑउट पैकेज पर कोई बात नहीं बनी है। मंगलवर को वर्ल्ड बैंक ने भी कह दिया है, कि वो अपने कर्ज प्रोग्राम को आईएमएफ के साथ लिंक कर रहा है। यानि, वर्ल्ड बैंक से जो पाकिस्तान को 440 मिलियन डॉलर मिलने वाले थे, उसपर रोक लग गई है।
आईएमएफ की लोन देने की शर्तों में एक शर्त देश ये भी थी, कि पाकिस्तान के राजनीतिक हालात सही हों और देश की सभी राजनीतिक पार्टियां एक मेज पर हों, और इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद ये संभावना अब खत्म हो चुकी हैं।
पाकिस्तान में आर्थिक मंदी
पाकिस्तान में औद्योगिक गतिविधियों करीब करीब रूक गई हैं, क्योंकि केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए ब्याज दरों को रिकॉर्ड 21 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, जो पहले से ही उच्च बेरोजगारी और गरीबी को रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा रहा है।
पाकिस्तान में खाद्य मुद्रास्फीति 40 प्रतिशत की सीमा रेखा को पार कर गई है और खाद्य वितरण केन्द्रों पर लगी भीड़ से इसे समझा जा सकता है। पाकिस्तान में खाना लेने के लिए मची भगदड़ में कम से कम 20 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
आईएमएफ बेलआउट कार्यक्रम, जो जून में समाप्त हो रहा है, वो पिछले साल नवंबर से रुका हुआ है। पाकिस्तान का 4.457 अरब डॉलर (36,573,250 करोड़ रुपये) का विदेशी मुद्रा भंडार मुश्किल से एक महीने के आयात को कवर करता है। चीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मित्र देशों से ऋण राहत अभी तक पूरी तरह से अमल में नहीं आई है।
आईएमएफ का पैकेज अगर नहीं मिलता है, तो ये दोस्त देश भी पाकिस्तान को लोन नहीं देंगे। इसके अलावा, जो राजनीतिक हालात में उसे देखते हुए दोस्त देशों का भी दिल पाकिस्तान से टूटेगा ही। स्थिति ये है, कि उद्योगों के बंद होने और लोगों की नौकरियां जाने से, सरकारी रेवेन्यू में भी भारी कमी आएगी, जिससे सरकारी खजाने पर गंभीर असर पड़ेगा।
पाकिस्तान में संवैधानिक संकट
अप्रैल में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने मई महीने के मध्य तक पंजाब प्रांत में स्थानीय चुनाव कराने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया था, जिसके बाद से पाकिस्तान एक संवैधानिक गतिरोध में फंसा हुआ है।
कोर्ट का आदेश नहीं मानने को लेकर शहबाज सरकार के खिलाफ अदालती कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट इससे पहले दो प्रधानमंत्रियों को बर्खास्त कर चुका है और माना जा रहा है, कि इस बार भी सुप्रीम कोर्ट, शहबाज शरीफ की सरकार को बर्खास्त कर सकता है। हालांकि, सरकार ने अदालती आदेश से बचने के लिए देश की संसद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खारिज करने के लिए प्रस्ताव पास किया है, लेकिन देखना होगा, कि उसका क्या असर पड़ता है।
शांत नहीं रहेंगे इमरान खान
इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद जिस तरह से पाकिस्तान जल रहा है, उसकी आग ऐसे ही नहीं बुझने वाली है और ना ही इमरान खान शांत होने वाले हैं। इमरान खान के साथ देश की एक बड़ी आबादी खड़ी हो गई है, जो इमरान खान जानते हैं और वो इसे भुनाने की कोशिश करेंगे।
इमरान खान किसी भी हाल में चुनाव चाहते हैं, जबकि शहबाज शरीफ जानते हैं, कि चुनाव में उनका गठबंधन हार जाएगा, लिहाजा वो चुनाव किसी भी कीमत पर होने नहीं देना चाहते हैं। लिहाजा, ये लड़ाई इतनी आसानी से तो नहीं खत्म होने वाली है।
Recommended Video

इसके अलावा, अगर चुनाव होते हैं और इमरान खान जीतते हैं, तो उनका सबसे पहला एजेंडा सेना को कई हिस्सों में बांटना होगा (कुछ भारत की तरह), ताकि देश की राजनीति से सेना का दखल हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाए। सेना भी इस बात को जानती है, लिहाजा वो भी शहबाज सरकार के साथ खड़ी है।
पाकिस्तान की सरकारें आमतौर पर शक्तिशाली सेना का समर्थन चाहती हैं, जिसने 75 वर्षों में से 30 से अधिक वर्षों तक देश पर शासन किया है। सैन्य तख्तापलट ने तीन बार राजनीतिक अराजकता को बढ़ाया है।
वहीं, सरकार का कहना है कि वह हाल के हमलों के मद्देनजर इस्लामी चरमपंथियों को जड़ से उखाड़ने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान की योजना बना रही है। 2014 में इस तरह के आखिरी ऑपरेशन में देश को अरबों डॉलर खर्च करने पड़े थे, सैकड़ों लोग मारे गए और इसके परिणामस्वरूप लगभग दस लाख लोगों का विस्थापन हुआ था।
लिहाजा, कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है, कि इमरान खान की गिरफ्तारी पाकिस्तान को काफी भारी पड़ने वाली है और शायद देश ऐसे हालात में पहुंच जाए, जहां से वापसी करना असंभव सरीखा रहो जाए।
-
US-Iran जंग में चौधरी बन रहे थे शहबाज-मुनीर, ईरान ने होर्मुज से लौटाया कराची जा रहा जहाज, धरी रह गई डिप्लोमेसी -
Petrol-Diesel Crisis: पहले App पर बुक करो, फिर मिलेगा पेट्रोल-डीजल, US-Iran जंग से मचा हाहाकार! -
Kashmiri Asiya Andrabi कौन है? दिल्ली कोर्ट ने क्यों सुनाई उम्रकैद? 24 साल से जेल में पति अलगाववादी 'आशिक' -
गाजियाबाद पुलिस ने जासूसी के आरोप में तीन गिरफ्तार -
'पाकिस्तान जैसा दलाल नहीं है भारत', अमेरिका-ईरान मध्यस्थता पर विपक्ष को जयशंकर का करारा जवाब -
Iran America War: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मुनीर ने ट्रंप को किया कॉल, आखिर क्या हुई बात? -
World Most Polluted Cities: पाकिस्तान बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर, भारत की क्या है रैंकिंग -
Badshah Caste: बॉलीवुड के फेमस रैपर बादशाह की क्या है जाति? क्यों छुपाया असली नाम? कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो? -
क्या भारत में 'LOCKDOWN' लगने वाला है? दुनियाभर में Energy Lockdown की शुरुआत! तेल संकट से आप पर कितना असर -
Gold Rate Today: सोने के दामों में मामूली उछाल, निवेशक हैरान, कहां पहुंचा 24, 22 और 18 कैरट का भाव? -
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
LPG Cylinder Price Today: आज बदल गए रसोई गैस के दाम? सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें नई रेट लिस्ट












Click it and Unblock the Notifications