हमास ने इजराइली सेना को दिया जबरदस्त झटका, 9 अधिकारियों को उतारा मौत के घाट, जमीनी लड़ाई में फंसा इजराइल?
Israel-Hamas War: हमास ने ऐलान किया है, कि गाजा पट्टी पर बिना हमास को शामिल किए हुए कोई फैसला करना नामुमकिन के बराबर है और अपने ऐलान को साबित करने के लिए उसने इजराइली सैनिकों पर जोरदार पलटवार किया है। हालांकि, इजराइली सेना गाजा पट्टी में जोरदार ग्राउंड ऑपरेशन चला रही है, लेकिन इसमें इजराइली सैनिकों को भारी नुकसान भी हुआ है।
यह संकेत देते हुए, कि गाजा में हमास का प्रतिरोध अभी भी मजबूत है, फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने गाजा की घेराबंदी शुरू होने के बाद से इजरायली सैनिकों पर सबसे घातक हमलों में से एक को अंजाम दिया है, जिसमें शहरी लड़ाई में नौ इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) के अधिकारियों की मौत हो गई है।

हमास का घातक पलटवार
मंगलवार को शिजैया में घात लगाकर हमला तब किया गया, जब इजरायली सैनिक हमास की गोलीबारी की चपेट में आए चार सैनिकों से संपर्क टूटने के बाद इमारतों के एक समूह की तलाशी ले रहे थे। जब साथी सैनिकों की तलाश में अन्य आईडीएफ सैनिकों ने बचाव अभियान चलाया तो उन पर भारी गोलीबारी और विस्फोटकों से हमला किया गया।
2023 में चल रहे इजराइल-हमास युद्ध में मरने वाले इज़राइली सैनिकों की कुल संख्या 115 तक पहुंच गई है, जिसमें मंगलवार को नौ सैनिक मारे गए। 7 अक्टूबर को एक अभूतपूर्व हमले में आतंकवादी समूह द्वारा 1,200 से ज्यादा इजरायलियों को मारने और 250 से अधिक लोगों को बंधक बनाने के बाद इजरायल ने अवरुद्ध तटीय क्षेत्र से हमास को खत्म करने के लिए गाजा पर जमीनी हमला किया है।
मंगलवार को घात लगाकर किए गए हमले में मारे गए नौ लोगों में 44 वर्षीय कर्नल इत्ज़ाक बेन बासत, जो ज़मीनी ऑपरेशन में मारे गए सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे, और लेफ्टिनेंट कर्नल तोमर ग्रिनबर्ग, एक बटालियन कमांडर थे।
गाजा के हमास नियंत्रित स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इजरायल के हवाई और जमीनी हमले में 18,600 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से दो-तिहाई महिलाएं और बच्चे हैं। गाजा शहर और आसपास के कस्बों को तबाह कर दिया गया है। लगभग 19 लाख लोगों को उनके घरों से विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
वहीं, इज़राइल ने भी गाजा पर अपना आक्रमण दोगुना कर दिया है और कहा है, कि वह अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बावजूद अपने मिशन को जारी रहेगा।
इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वैश्विक समुदाय की निंदा और सहयोगी अमेरिका द्वारा इजरायल के बारे में जनता की राय बदलने से दी गई चेतावनियों का जिक्र करते हुए कहा, कि "हम अंत तक लड़ाई जारी रखेंगे, और इसको लेकर कोई सवाल ही नहीं है। मैं यह बात भारी पीड़ा और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद भी कह रहा हूं। हमें कुछ भी नहीं रोकेगा, हम अंत तक जारी रहेंगे, जीत तक, इससे कम कुछ भी नहीं।''
हमास को खत्म करने की नेतन्याहू की कसम
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने गाजा पट्टी से हमास को खत्म करने की कसम खाई है और कहा है, कि वह इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए, जो भी जरूरी होगा वह करेंगे। नेतन्याहू ने कहा, कि गाजा में 'आतंकवाद का समर्थन और वित्त पोषण' करने वालों का प्रवेश वर्जित होगा।
लेकिन हमास की 'राजनीतिक शाखा' के प्रमुख इस्माइल हानियेह ने कहा, कि यह सोचने का कोई मतलब नहीं है, कि हमास के बिना गाजा होगा। उन्होंने कहा, कि युद्धोपरांत गाजा योजनाओं से हमास को बाहर करने की कोई भी योजना 'भ्रमपूर्ण' है। हनियेह ने कहा, "गाजा में या फिलिस्तीनी मुद्दे पर हमास या प्रतिरोध गुटों के बिना कोई भी व्यवस्था के बारे में सोचना भी एक भ्रम है।"
दूसरी तरफ, फ़िलिस्तीनी, सभी आयु समूहों में, शिशुओं से लेकर वृद्ध व्यक्तियों तक - घायल, आंतरिक रूप से विस्थापित और भोजन, सहायता, पानी, चिकित्सा सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं के बिना परेशान हो रहे हैं और उनके हालात अब दर्दनाक हो चुके हैं। बच्चों की स्थिति पत्थर दिल वाले लोगों को भी तोड़ देगी।
क्षेत्र में काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने कहा, कि उन्हें विस्थापित लोगों के बीच भुखमरी और बीमारी फैलने का डर है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है, कि मेनिनजाइटिस, पीलिया और ऊपरी श्वसन पथ के संक्रमण सहित बीमारियों का प्रसार तेज हो गया है।












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