• search

हाफिज सईद का बड़ा बयान, नजरबंदी में नहीं था भारत का हाथ

By Rizwan
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    लाहौर। जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद ने कहा है कि बीते साल उसकी नजरबंदी में भारत और अमेरिका हाथ नहीं था, बल्कि पाक सरकार ने ही उसे नजरबंद किया था। अक्सर भारत और पाकिस्तान पर तरह-तरह के आरोप जड़ते रहने वाले सईद ने अपनी नजरबंदी के लिए भी भारत और अमेरिका को जमकर कोसा था। अपने पहले के बयान से पलटी मारते हुए शुक्रवार को कार्यकम में कहा कि भारत सरकार की वजह से नहीं बल्कि पाकिस्तान की सरकार ने उसे 10 महीने तक नजरबंद रखा था। सईद ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने मुझे कश्मीर मुद्दा उठाने से रोकने के लिए नजरबंद किया था।

    hafiz Saeed says Pak govt behind my house arrest not india or america

    हाफिज ने पहले दावा किया था कि उसकी हिरासत के पीछे भारत और अमेरिका का हाथ है। सईद को पिछले साल नवंबर में नजरबंदी से रिहा किया गया था। मुंबई में आतंकी हमले के मास्टमाइंड हाफिज सईद की नजरबंदी को बीते साल नवंबर में पंजाब न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने खत्म कर दिया था।

    नजरबंदी खत्म होने के बाद हाफिज सईद ने जमकर इसका जश्न मनाया था और समर्थकों के साथ केक काटा था। रिहाई के बाद उसने कहा था कि भारत और अमेरिका उसके पीछे पड़े हैं। उसने कहा था कि यह मेरा नहीं बल्कि पाकिस्तान का मामला था और मेरी नजरबंदी खत्म होने से भारत को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है और मैं आपको बताता हूं कि भारत मुझे कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। इस दौरान उसने कश्मीर को भारत के 'कब्जे से आजादी' की भी बात कही थी।

     अमेरिका की पाक को दो-टूक, आतंक का समर्थन करने वाले नहीं हो सकते हमारे दोस्त

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    hafiz Saeed says Pak govt behind my house arrest not india or america

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more