• search

H-1B वीजा पर और सख्ती करेगा अमेरिका, कनाडा का रुख कर रहे भारतीय

By Vikashraj Tiwari
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। अमेरिका में नौकरी करने का सपना देख रहे भारतीय इंजीनियर्स और अन्य प्रोफेशनल्स को झटका लग सकता है। अमेरिका का होमलैंड सिक्यॉरिटी डिपार्टमेंट (डीएचएस) एक ऐसा प्रस्ताव तैयार कर रहा है जिससे H-1B वीजा मिलना मुश्किल हो जाएगा। इस प्रस्ताव में H-1B वीजा आवेदनों की छंटनी की प्रक्रिया को कड़ा करने के लिए विकल्प तलाशा जा रहा है। उधर H-1B वीजा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्ती के बाद बड़ी संख्या में भारतीय कनाडा का रुख कर रहे हैं।

     H-1B वीजा आवेदनों की छंटनी की प्रक्रिया सख्त कर रहा है अमेरिका

    H-1B वीजा आवेदनों की छंटनी की प्रक्रिया सख्त कर रहा है अमेरिका

    इंटरनेशनल इमिग्रेशन फर्मा फ्रोगोमेन ने ताजा अपडेट में अपनी वेबसाइट पर कहा है कि डीएचएस ने 2011 के एक प्रस्ताव में संशोधन करने का संकेत दिया है जिसमें अपनी H-1B वीजा के लिए आवेदन करने से पहले H-1B कैप लॉटरी का रजिस्ट्रेशन करवाकर कैप आवेदन जमा करने होंगे, तभी उन्हें कैप नंबर मिल पाएंगे। उसने बताया, 'डीएचएस H-1B कैप नंबर आवंटन के लिए एक प्रायॉरिटी सिस्टम लाने की योजना भी बना रहा है जिसमें उन आवेदनों को महत्व मिलेगा जो सबसे ज्यादा सैलरीवाली नौकरियों के लिए हो और जो उच्च कौशल प्राप्त प्रफेशनल्स ने दिए हों। इनके अलावा आवेदनों की छंटनी में राष्ट्रपति ट्रंप के 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' के कार्यकारी आदेश का भी ध्यान रखा जाएगा।'

     H-1B वीजा प्राप्त प्रोफेशनल्स के वेतन सीमा में भी सुधार पर विचार कर सकता है

    H-1B वीजा प्राप्त प्रोफेशनल्स के वेतन सीमा में भी सुधार पर विचार कर सकता है

    डीएचएस ने अपने सेमी-ऐनुअल रेग्युलेटरी अजेंडे में कुछ प्रस्तावों के ऐलान किए। वह H-1B वीजा प्राप्त प्रोफेशनल्स के वेतन सीमा में भी सुधार पर विचार कर सकता है। फ्रेगोमेन वर्ल्डवाइड में पार्टनर स्कॉट जे फिट्जगेराल्ड ने कहा कि H-1B कैप लॉटरी सिस्टम में बदलाव का ऐलान फरवरी 2018 तक नहीं होना है। अगर इन बदलावों का ऐलान उस आदर्श प्रक्रिया के तहत होता है जिसमें 'नोटिस ऐंड कॉमेंट' की अनुमति दी जाती है तो अगले H-1B कैप में बदलावों को लागू नहीं किया जा सकेगा जिसकी फाइलिंग अप्रैल 2018 में शुरू होगी क्योंकि 'नोटिस ऐंड कॉमेंट' में कुछ महीने लगते हैं।

    बड़ी संख्या में भारतीय कनाडा का रुख कर रहे हैं

    बड़ी संख्या में भारतीय कनाडा का रुख कर रहे हैं

    H1B वीजा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्ती के बाद बड़ी संख्या में भारतीय कनाडा का रुख कर रहे हैं। वीजा नियम आसान होने की वजह से अब आईटी प्रफेशनल्स कनाडा की कंपनियों में जॉब के लिए अप्लाइ कर रहे हैं। इसकी वजह है कनाडा का नया फास्ट ट्रैक वीजा प्रोग्राम। इस वीजा प्रोग्राम के तहत अब हाई स्किल्ड वर्कर्स को 2 हफ्ते के अंदर वीजा देने का नियम है। न्यूज वेबसाइट ब्लूमबर्ग ने इस बारे में एक रिपोर्ट पेश की है।कनाडा की कंपनी थिंकडेटा वर्क्स इंक के सीईओ ब्रायन स्मिथ फास्ट ट्रैक वीजा के बारे में बताते हैं, 'हमने ब्राजील से एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर हायर किया था। उसके वीजा ऐप्लिकेशन को क्लियर करने में 10 वर्किंग डेज से भी कम का समय लगा। पहले इसके लिए महीनों लग जाते थे। अगर सरकार ने इसके लिए दो सप्ताह की समयसीमा तय की है तो पूरे प्रोसेस में वास्तव में 2 सप्ताह ही लग रहे हैं। जस्टिन ट्रूडो की सरकार द्वारा स्किल्ड लेबर के लिए वीजा प्रोसेस फास्ट करने के फैसले का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय उठा रहे हैं।

    पीएम मोदी ने किया ड्राइवरलेस मेजेंटा लाइन मेट्रो का उद्घाटन, मेट्रो में किया सफर

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    H-1B visa regime is likely to get tougher as Department of Homeland security mulls stricter restrictions on selection

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more