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जन्म के वक्त वजन 455 ग्राम, डॉक्टर्स को नहीं थी बचने की उम्मीद, फिर हुआ चमत्कार

जाको राखे साइयां मार सके न कोई.... ये बात इस बच्चे ने सच कर दी है। पांच महीने तक अस्पताल में रहने के बावजूद इस बच्चे ने जिंदगी से जंग नहीं हारी। अमेरिका में एक मां ने प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म दिया था जिसके बचने की उम्मीद किसी को नहीं थी लेकिन उसने सभी को गलत साबित कर दिया।

Baby

न्यूयॉर्क। जाको राखे साइयां मार सके न कोई.... ये बात इस बच्चे ने सच कर दी है। पांच महीने तक अस्पताल में रहने के बावजूद इस बच्चे ने जिंदगी से जंग नहीं हारी। अमेरिका में एक मां ने प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म दिया था जिसके बचने की उम्मीद किसी को नहीं थी लेकिन उसने सभी को गलत साबित कर दिया।

जन्म के वक्त केवल 455 ग्राम का था ग्रेसन

जन्म के वक्त केवल 455 ग्राम का था ग्रेसन

35 साल की लेसली बारनेट 22 हफ्तों में ही लेबर में चली गईं थीं। उन्होंने तीन प्रीमैच्योर बेबी को जन्म दिया जिसमें दो बेटियां और एक बेटा था। उनकी दोनों बेटी जन्म के कुछ वक्त बाद ही चल बसीं। अब उनकी सारी उम्मीद केवल बेटे पर ही थीं लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें कोई भी उम्मीद रखने से मना कर दिया था। बेटा ग्रेसन जन्म के वक्त केवल 455 ग्राम का था।

केवल 5 प्रतिशत थी बचने की उम्मीद

केवल 5 प्रतिशत थी बचने की उम्मीद

डॉक्टरों ने उसके बचने की उम्मीद एकदम छोड़ दी थी। डॉक्टर्स ने लेसली और जेरेमी को बता दिया था कि उनके बेटे के बचने की उम्मीद केवल 5 प्रतिशत है। जब एक घंटे तक ग्रेसन जीवित रहा, तो डॉक्टरों ने उसका आगे इलाज करना शुरू किया। डॉक्टरों ने अपना इलाज जारी रखा और मां-बाप ने दुआएं।

धीरे-धीरे आया सेहत में सुधार

धीरे-धीरे आया सेहत में सुधार

ग्रेसन को इंटेनसिव केयर में रखा गया। वो इतना छोटा था कि हथेली पर आ जाता था। उसकी स्किन भी सही से नहीं बनी थी और इसके अलावा भी कई दिक्कतें थीं लेकिन डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी। ग्रेसन की सेहत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। हालांकि उसे सांस लेने में तकलीफ होती थी जिसके लिए उसे ऑक्सीजन दिया जाता है।

पहली बार मनाएगा परिवार के साथ क्रिसमस

पहली बार मनाएगा परिवार के साथ क्रिसमस

पांच महीने तक अस्पताल में रहने के बाद अब ग्रेसन अपना पहला क्रिसमस अपने मां-बाप के साथ घर में मनाएगा। मां-बाप इस खुशी पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं। लेसली ने कहा कि वो दोनों बस हर पल उसके बचने के लिए दुआएं मांगते थे। वो रोज बस यही चाहते थे कि उनका बेटा बच जाए। अब ग्रेसन को अपने साथ स्वस्थ्य देखकर मां-बाप की खुशी का ठिकाना नहीं है। (फोटो साभार: Facebook/Leslie Barnett)

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