ओमीक्रोन वेरिएंट को लेकर आई Good News,जानिए अमेरिकी-दक्षिण अफ्रीकी वैज्ञानिकों ने क्या कहा ?
जोहांसबर्ग, 30 नवंबर: कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन को लेकर दुनियाभर में तहलका मचा हुआ है। फिर से पाबंदियों, सुरक्षा के उपायों पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर गाइडलाइंस जारी की जा रही हैं। लेकिन, विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सोमवार को जारी चेतावनियों के बीच अब इसको लेकर दो-दो अच्छी खबरें आई हैं। दोनों गुड न्यूज दक्षिण अफ्रीका और अमेरिकी वैज्ञानिकों के हवाले से आई हैं। एक में तो यहां तक कहा गया है कि अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो यह वेरिएंट भारत समेत पूरी दुनिया में कहर बरपाने वाले डेल्टा से छुटकारा तक दिला सकता है।

'अप्रत्यक्ष कृपा' साबित होगा ओमीक्रोन वेरिएंट ?
सबसे पहले बात करते हैं दक्षिण अफ्रीकी एक्सपर्ट की जो ओमीक्रोन वेरिएंट की वजह से सबसे पहले जूझ रहे हैं। यहां के स्वास्थ्य अधिकारी लगातार जानकारी दे रहे हैं कि कोरोना के इस बेहद संक्रामक नए स्ट्रेन के लक्षण 'भिन्न ,लेकिन हल्के' हैं। दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में जितने भी नए इंफेक्शन के मामले आ रहे हैं, उनमें लगभग 90% ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित हैं। लेकिन, स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस नए स्ट्रेन की वजह से ना तो मृत्यु दर बढ़ा है और ना ही ऐसा लगता है कि अस्पतालों में भर्ती के मामले में कोई खास इजाफा हुआ है। यही वजह है कि कुछ एक्सपर्ट तो एहतियात बरतते हुए यह भी उम्मीद लगाने लगे हैं कि यदि ओमीक्रोन वेरिएंट डेल्टा की तुलना में 'कम घातक, लेकिन ज्यादा संक्रामक' हुआ तो नया स्ट्रेन ही विश्व में ज्यादा प्रभावी हो जाएगा और यह वास्तव में एक 'अप्रत्यक्ष कृपा' की तरह होगी। दक्षिण अफ्रीकी वायरोलॉजिस्ट मार्क वैन रैंस्ट ने कहा है, 'अगर ओमीक्रोन वेरिएंट कम रोगजनक, लेकिन ज्यादा फैलने वाला है, तो डेल्टा की जगह ओमीक्रोन ले लेगा, यह बहुत ही सकारात्मक खबर होगी।'

अभी दुनिया में 90% नए केस डेल्टा के हैं
दुनिया भर में कोविड के नए मामलों में 90% डेल्टा ही जिम्मेदार है। भारत में भी सभी नए केस डेल्टा स्ट्रेन के हैं, जिसमें हॉस्पिटलाइजेशन और मौत का दर पहले के अल्फा या बीटा वेरिएंट से कहीं ज्यादा है। दूसरी लहर में डेल्टा की वजह से ही कोविड का टीका लगवा चुके लोग भी संक्रिमत हुए हैं। वैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अभी भी ओमीक्रोन वेरिएंट को लेकर पर्याप्त डाटा उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए यह कितना संक्रामक है या इसके लक्षण कितने गंभीर हो सकते हैं अभी से यह कहना मुश्किल है।

ओमीक्रोन वेरिएंट के लक्षण
दक्षिण अफ्रीका में नए वेरिएंट के मरीजों में जो लक्षण देखे जा रहे हैं उसमें जी मिचलाना, सिरदर्द, थकान और हाई पल्स रेट शामिल हैं। लेकिन, स्वाद या गंध के जाने जैसे एक भी लक्षण नहीं दिखाई पड़े हैं, जो डेल्टा समेत बाकी सभी वेरिएंट में एक बहुत ही अहम लक्षण के रूप में देखा जाता है। बता दें कि सोमवार को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के ओमीक्रोन स्ट्रेन को 'बहुत ज्यादा जोखिम वाला' माना है और दुनिया भर के देशों को अलर्ट किया है। डब्ल्यूएचओ इसे पिछले शुक्रवार को ही 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित कर चुका है।
'ओमीक्रोन, डेल्टा से ज्यादा नहीं फैलेगा'
दक्षिण अफ्रीकी वैज्ञानिकों के अलावा एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने भी कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर अच्छी खबर दी है। अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड में संक्रामक रोगों से संबंधित विभाग के चीफ फहीम यूनुस ने उम्मीद जताई है कि ओमीक्रोन, डेल्टा से अधिक नहीं फैलेगा और यह एक अच्छी खबर होगी। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर डेल्टा और ओमीक्रोन का ग्राफ शेयर कर अपने दावे की पुष्टि करने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा है, 'डेल्टा बनाम ओमीक्रोन वेरिएंट्स की मौजूदा ग्लोबल फ्रिक्वेंसी। कई वजहों से, मुझे विश्वास है कि ओमीक्रोन, डेल्टा से ज्यादा नहीं फैलेगा।' उन्होंने आगे लिखा है, 'और यह अच्छी खबर होगी।'












Click it and Unblock the Notifications