India China tension: 6 जून को मीटिंग से ठीक पहले भारत से लगी सीमा की कमान आई चीन के इस जनरल के हाथ
बीजिंग। छह जून को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर जारी विवाद को सुलझाने के मकसद से बॉर्डर पर मीटिंग होने वाली है। विवाद को शुरू होने के पूरे एक माह बाद होने वाली मीटिंग पर न सिर्फ भारत और चीन बल्कि दुनियाभर के विशेषज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं। इस बातचीत से ठीक पहले चीन ने लेफ्टिनेंट जनरल शू कीलिंग को चीन की उस थियेटर कमांड का जिम्मा सौंपा है जिस पर भारत से लगी सीमा की जिम्मेदारी है। ले. जनरल कीलिंग पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की थियेटर कमांड के नए कमांडर हैं। इसी कमांड के पास एलएसी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

छह जून को वार्ता में होंगे ले. जनरल कीलिंग
सूत्रों के मुताबिक छह जून को भारत की तरफ से ले. जनरल हरिंदर सिंह वार्ता का नेतृत्व करेंगे तो चीन की तरफ ले. जनरल कीलिंग शामिल होंगे। कीलिंग के नाम की पुष्टि एक जून को हुई है। ले. जनरल कीलिंग, जनरल झाओ झोंगकी को रिपोर्ट करेंगे जो कि वेस्टर्न थियेटर कमांड के कमांडर हैं और वहां पर आर्मी, एयरफोर्स और रॉकेट फोर्स पर नजर रखते हैं। चीन की वेस्टर्न कमांड भारत से लगे बॉर्डर के लिए बनाई गई थी। चीन सेना की पांच थियेटर कमांड में यह सबसे बड़ी थियेटर कमान है। आमतौर पर जनरल रैंक का अधिकारी थियेटर कमांड का मुखिया होता है।
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चीन ने इस बार की है पूरी प्लानिंग
जनरल झाओ ही साल 2017 में डोकलाम विवाद के समय वेस्टर्न थियेटर कमांड को कमांड कर रहे थे। अक्टूबर 2017 में उन्हें सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की तरफ 19वीं सेंट्रल कमेटी में नियुक्त किया गया था। ले. जनरल शू कीलिंग, वेस्टर्न थियेटर कमांड को कमान करने से पहले ईस्टर्न कमांड को लीड कर रहे थे। भारत और चीन की सेनाएं छह मई से लद्दाख में आमने-सामने हैं। छह जून को जब दोनों देशों के लेफ्टिनेंट जनरल वार्ता के लिए साथ आएंगे तो किसी नतीजे की उम्मीद जताई जा रही है। लद्दाख में इस टकराव को पहले हुए तमाम टकरावों से अलग माना जा रहा है। सैन्य विशेषज्ञों की मानें तो एलएसी के वेस्टर्न सेक्टर पर इस टकराव को बहुत प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया है।

हो चुकी है 10 दौर राउंड की बातचीत
भारत और चीन की सेनाओं के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर जारी विवाद को सुलझाने के मकसद से छह जून को वार्ता होगी। लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की इस वार्ता में पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव को सुलझाने के विकल्पों पर बात हो सकती है। सेना के सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि भारत की तरफ से 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह मौजूद होंगे और अपने चीनी समकक्ष से मसले पर विस्तार से चर्चा करेंगे। सेना सूत्रों की मानें तो पिछले करीब एक माह से जारी विवाद को सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच 10 दौर की वार्ता हो चुकी है। इसमें से तीन मेजर जनरल स्तर की थी। सेना के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि लद्दाख के हालात जून 2017 में डोकलाम में पैदा हुई स्थितियों से पूरी तरह से अलग हैं।

15 अप्रैल 2013 को भी लद्दाख में घुसपैठ
लद्दाख में इस विवाद से पहले 15 अप्रैल 2013 को बड़ी घटना हुई थी। उस समय चीनी सेना भारतीय सीमा के 19 किलोमीटर के दायरे तक आ गई थीं। चीनी जवान लद्दाख के वेस्टर्न सेक्टर में दौलत बेग ओल्डी में दाखिल हो गए थे। यहां पर उन्होंने अपने कैंप बना लिए थे और करीब 20 दिन बाद यह विवाद सुलझ सका था। इस पूरे टकराव में भारत ने चीन के कैंप के सामने अपनी पोस्ट स्थापित कर दी थी। चीन लगातार यह कहता रहा था कि उसकी सेना अपनी सीमा के अंदर ही है। 16 अप्रैल को भारत ने चीन ने यथास्थिति बहाल करने की मांग की थी। कई फ्लैग मीटिंग्स के बाद पांच मई को आखिरकार चीन की सीमा ने अपने टेंट वहां से हटाए और अपनी सीमा में जवान वापस लौटे थे।












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