PM नेतन्याहू ने की अडानी ग्रुप की जी भरकर तारीफ, हाइफा पोर्ट प्रोजेक्ट को बताया देश के लिए मील का पत्थर
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अडानी ग्रुप के साथ हुए हाइफा पोर्ट समझौते को 'बहुत बड़ा मील का पत्थर' करार दिया है। पीएम नेतन्याहू ने कहा कि भविष्य में ये पोर्ट आने और जाने का एक प्वॉइंट बन जाएगा।

Image: Oneindia
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अडानी ग्रुप के साथ हुए हाइफा पोर्ट समझौते को 'बहुत बड़ा मील का पत्थर' करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बंदरगाह विकास परियोजना से भारत और इजरायल के बीच कई तरह से संपर्क बढ़ेगा। आपको बता दें कि शिपिंग कंटेनर्स और क्रूज शिपों के आवागमन के मामले में हाइफा पोर्ट इजरायल का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है। अडानी ग्रुप और गैडोट ग्रुप ने मिलकर बीते साल 4.1 बिलियन शेकेल में इसे खरीदा था।

अडानी ग्रुप की तारीफ की
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी के साथ पोर्ट बुक पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा, "मुझे लगता है कि ये एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है... 100 से भी अधिक साल पहले, पहले विश्व विश्व के दौरान, वे बहादुर भारतीय सैनिक ही थे जिन्होंने हाइफा शहर को आजाद कराने में मदद की थी... और आज, ये जो बेहद मजबूत भारतीय निवेशक हैं... वे हाइफा के बंदरगाह को एक नए मुकाम पर ले जाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।"

'शांति की दिशा में उठाया गया कदम'
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि उनकी भारतीय पीएम और अपने अच्छे दोस्त नरेंद्र मोदी के साथ दोनों देशों के बीच कई तरीकों से, ट्रांसपोर्ट लाइन, एयर रूट्स और समंदर के रास्ते कनेक्टिविटी बढ़ाने पर चर्चा हुई है... और आज ये हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो आज हो रहा है, उसकी ऐतिहासिक अहमियत है क्योंकि हम जो देख रहे हैं वह शांति की दिशा में उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है।

'यूरोप तक पहुंचना होगा आसान'
पीएम नेतन्याहू ने कहा कि भविष्य में ये पोर्ट आने और जाने का एक अहम प्वॉइंट बन जाएगा। इस पोर्ट की वजह से आने वाले समय में अरब प्रायद्वीप का चक्कर लगाए बिना और बिना तीन 'चोक प्वॉइंट' से गुजरे हुए सामान सीधे भूमध्य सागर और यूरोप पहुंचेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर सीधी बात की जाए तो ये शानदार निवेश है।

11 जनवरी को अधिग्रहण प्रक्रिया हुई पूरी
आपको बता दें कि बीते साल जुलाई महीने में अडानी ग्रुप और गैडोट ग्रुप ने मिलकर 1.18 बिलियन अमरीकी डॉलर में इस पोर्ट को खरीदा था।इस साल 11 जनवरी को अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई जिसके बाद बंदरगाह के विकास का काम शुरू हो गया है। इस साझेदारी में अडानी ग्रुप की 70 फीसदी और गैडोट ग्रुप की 30 फीसदी हिस्सेदारी है। आपको बता दें कि इसराइल में यह किसी भी सेक्टर में सबसे बड़ा विदेशी निवेश है। हाइफा पोर्ट के अधिग्रहण के जरिए इजरायल में अडानी के प्रवेश को 'रणनीतिक खरीद' करार दिया जा रहा है।
Privileged to meet with @IsraeliPM @netanyahu on this momentous day as the Port of Haifa is handed over to the Adani Group. The Abraham Accord will be a game changer for the Mediterranean sea logistics. Adani Gadot set to transform Haifa Port into a landmark for all to admire. pic.twitter.com/Cml2t8j1Iv
— Gautam Adani (@gautam_adani) January 31, 2023












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